
मिजोरम में लोकसभा की एकमात्र सीट के लिए आज मतदान हो रहा है। यह चुनाव त्रिकोणीय मुकाबले का गवाह बनने जा रहा है। आज यहां लोकसभा चुनाव के साथ ही हरंगतुर्जो विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव भी हो रहा है।
राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के बीच मुकाबला है। यूडीएफ आठ विपक्षी दलों का गठबंधन है। मिजोरम लोकसभा सीट पर सात लाख से ज्यादा मतदाता अपना मत का प्रयोग कर रहे हैं।
इस लोकसभा सीट से कांग्रेस ने वर्तमान सांसद सीएल रूआला को और यूडीएफ ने रॉबर्ट रोमाविया रोयते को टिकट दी है। 'आप' ने माइकल लालमनजुआला को उम्मीदवार बनाया है। यहां 1,126 मतदान केंद्रों में कुल 7,02,189 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे, जिनमें 3,55,954 महिलाएं हैं।
385 मतदान केंद्र मुख्यत: शहरी इलाकों में हैं, जिनमें वीवीपीएटी व्यवस्था है। इसके तहत मतदाता को उसकी पसंद एक पेपर के जरिये देखने को मिल जाती है। हालांकि यह पेपर वीवीपीएटी मशीन के अंदर ही संरक्षित रहता है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा के लिए राज्य की छह सशस्त्र बटालियनें, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की आठ कंपनियां और शस्त्ररहित पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। म्यामांर और बांग्लादेश के साथ लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा और अंतरराज्यीय सीमाएं सील कर दी गई हैं।
यहां 9 अप्रैल को मतदान होना था, लेकिन कई सामाजिक संगठनों ने, त्रिपुरा में रह रहे ब्रू शरणार्थियों को मिजोरम के बजाय त्रिपुरा में मतदान का अधिकार देने के चुनाव आयोग के फैसले के विरोध में 7 अप्रैल से 72 घंटे के बंद का आह्वान किया, जिसके कारण मतदान की तारीख 11 अप्रैल कर दी गई। बंद का आह्वान करने वाले ब्रू शरणार्थियों को मिजोरम में मतदान का अधिकार देने की मांग कर रहे हैं।
(इनपुट भाषा से भी)
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