
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी पर उनके गढ़ में हमला बोला और उनके गुजरात के विकास मॉडल पर सवाल खड़े करते हुए मतदाताओं से कहा कि वे ऐसे बलों को नहीं जिताएं, जिनकी विचारधारा 'कट्टर' सोच और 'घृणा' पर आधारित है।
मोदी पर आम लोगों के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ अपनी कुर्सी के लिए चिंतित होने का आरोप लगाते हुए सोनिया ने कहा कि बीच में ही पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की दर देश में सबसे ज्यादा गुजरात में है। उन्होंने कहा कि गुजरात में ऐसे परिवार को गरीब नहीं माना जाता, जिनकी आय 11 रुपये से ज्यादा है।
उन्होंने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, चौंकाने वाली बात यह है कि जो लोग 11 रुपये से ज्यादा कमाते हैं, उन्हें गुजरात सरकार निर्धन नहीं मानती। मुझे बताइए कि यह स्वर्ग है या कुछ और। वे सिर्फ अपनी कुर्सी के लिए चिंतित हैं और उनका निर्धन लोगों से कोई लेनादेना नहीं है।
सोनिया ने कहा कि इस साल का चुनाव दो विचारधाराओं के बीच लड़ा जा रहा है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि घृणा, संकीर्णता और भेदभाव जैसी कट्टरपंथी विचारों को बढ़ावा देने वाली ताकतों को दूर रखें। उन्होंने कहा, भाजपा ऐसी ही एक विचाधारा है। यह ऐसे संगठन के इशारे पर काम करती है, जो गंगा-जमुना तहजीब में भरोसा नहीं करती, जो घृणा, संकीर्णता और कट्टरपंथी सोच के जरिये समाज में भेदभाव पैदा करता है।
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