Surajpur Minor Girl Rape Case: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में मासूमों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल फिर खड़े हो गए हैं. जिले के एक गांव में आम बिनने गई तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली 8 वर्षीय बच्ची के साथ अमानवीय कृत्य की वारदात सामने आई है. यह घटना न सिर्फ दिल दहला देने वाली है, बल्कि बीते पांच दिनों में सामने आया दूसरा ऐसा मामला है, जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया. प्रशासन और सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाने की बात कही है.
आम बिनने गई थी बच्ची, गांव में ही हुआ अपराध
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित बच्ची अपने घर के पास आम बिनने गई थी. इसी दौरान गांव के ही एक अधेड़ व्यक्ति ने मौके का फायदा उठाकर बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया और फरार हो गया. बच्ची के घर लौटने पर उसकी तबीयत बिगड़ी और उसने दर्द की शिकायत की, जिसके बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई.
परिवार ने दिखाई हिम्मत, पुलिस को दी सूचना
परिजनों ने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी. बच्ची की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. तत्काल मेडिकल जांच कराई गई और जांच प्रक्रिया शुरू की गई.

Surajpur Minor Girl Rape Case: आम बिनने गई 8 साल की बच्ची से दुष्कर्म
तेजी से कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है.
एडिशनल एसपी का बयान
एडिशनल एसपी योगेश देवांगन ने बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कदम उठाए. उन्होंने कहा कि बच्ची के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अपराध दर्ज किया गया है और आरोपी को कानून के अनुसार जेल भेज दिया गया है.
पांच दिन में दूसरा मामला, जिले में दहशत
गौरतलब है कि इससे पहले भटगांव थाना क्षेत्र में भी चौथी कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा के साथ इसी तरह की घटना सामने आई थी. लगातार दो घटनाओं ने जिले में भय और आक्रोश का माहौल बना दिया है.
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने जताई चिंता
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मामले पर गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि पहले मामले में भी पुलिस अधीक्षक को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे और ताजा घटना में भी पुलिस प्रशासन ने तेजी दिखाई है. मंत्री ने समाज से अपील की कि वह जागरूक बने और बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी निभाए.
समाज और सिस्टम दोनों पर सवाल
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े करती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि सख्त कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और निगरानी भी बेहद जरूरी है.
न्याय की उम्मीद
फिलहाल पीड़ित बच्ची का इलाज और काउंसलिंग जारी है. परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया गया है. प्रशासन का कहना है कि दोषी को कठोर सजा दिलाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
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