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  • Chaitra Navratri 2021, Day 7: नवरात्रि का सातवां दिन आज, महासप्‍तमी पर इस विधि से करें मां कालरात्रि की पूजा
    Chaitra Navratri 2021, Day 7: आज नवरात्रि का सातवां दिन यानी महा सप्तमी है. नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्‍वरूप कालरात्रि की पूजा की जाती है. नवरात्रि में सप्तमी तिथि का विशेष महत्व बताया गया है. मान्‍यता है कि मां कालरात्रि ही वह देवी हैं, जिन्होंने मधु कैटभ जैसे असुर का वध किया था. माना जाता है कि महा सप्‍तमी के दिन पूरे विधि-विधान से कालरात्रि की पूजा करने पर मां अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं.
  • लिंगराज मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद, भगवान जगन्नाथ के दर्शन से पहले करानी होगी जांच
    ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित प्रसिद्ध लिंगराज मंदिर को कई सेवादारों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद रविवार को आम श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया. भुवनेश्वर नगर निगम ने हालांकि कहा कि वह सुनिश्चित करेगा कि यह शिव मंदिर नियमित अनुष्ठानों के लिए खुला रहे और केवल सेवादारों को ही इस दौरान प्रवेश की अनुमति होगी.
  • Chaitra Navratri 2021, Day 4: नवरात्रि के चौथे दिन इस विधि से करें मां कूष्‍मांडा की पूजा, इन चीजों का लगाएं भोग
    Chaitra Navratri 2021:​  चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन शक्ति की देवी मां दुर्गा के चौथे स्‍वरूप माता कूष्‍मांडा की पूजा की जाती है. नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्‍मांडा का पूजन करने का विशेष महत्‍व होता है. पारंपरिक मान्‍यताओं के अनुसार, जो भक्‍त सच्‍चे मन से नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्‍मांडा की पूजा करते हैं उन्हें आयु, यश और बल की प्राप्‍ति होती है. माना जाता है कि मां कुष्मांडा की विधि विधान से पूजा करने से मनोवांछित फल भी प्राप्त होते हैं. यह भी मान्यता है जो भक्त मां के इस रूप की आराधना करते हैं, उनपर कभी किसी प्रकार का कष्ट नहीं आता. 
  • Navratri 2021 Day 3: मां चंद्रघंटा को समर्पित है नवरात्रि का तीसरा दिन, जानिए पूजा विधि और महत्व
    Navratri 2021 Day 3:  नवरात्रि के तीसरे दिन दुर्गा मां के चंद्रघंटा रूप की पूजा की जाती है. मां का तीसरा रूप राक्षसों का वध करने के लिए जाना जाता है. मान्यता है कि वह अपने भक्तों के दुखों को दूर करती हैं, इसलिए उनके हाथों में तलवार, त्रिशूल, गदा और धनुष होता है. माना जाता है मां चंद्रघंटा को घंटों की नाद बेहद प्रिय है. वे इससे दुष्टों का संहार करती हैं, इसलिए इनकी पूजा में घंटा बजाने का खास महत्व होता है. मान्यता है कि पूजा के दौरान घंटा बजाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख सम्पन्नता आती है.
  • Gangaur Vrat 2021: गणगौर व्रत का महिलाओं के जीवन में होता है खास महत्व, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
    Gangaur Vrat 2021: हिन्‍दू पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्‍ल पक्ष की तृतीया के दिन गणगौर पर्व मनाया जाता है. गणगौर  का त्‍योहार मुख्‍य रूप से राजस्‍थान और मध्‍य प्रदेश में मनाया जाता है. गणगौर को राजस्थान में आस्था प्रेम और पारिवारिक सौहार्द का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है. इस दिन कुंवारी लड़कियां और सुहागिन महिलाएं व्रत रखती हैं और शिव-पार्वती की पूजा करती हैं. मान्‍यता है कि इस व्रत रखने से कुंवारी लड़कियों को मनचाहा वर मिलता है. वहीं, सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए इस व्रत को रखती हैं. इस साल यह व्रत आज यानी 15 अप्रैल के दिन गुरुवार को है. 
  • Kumbh Mela 2021:  महाकुंभ में मेष संक्रांति, बैसाखी पर तीसरे शाही स्नान में लाखों ने लगाई आस्था की डुबकी, देखें Photos
    Kumbh Mela 2021: कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच बैसाखी और मेष संक्रांति के पर्व पर महाकुंभ के तीसरे और मुख्य शाही स्नान में बुधवार को अखाड़ों के साधु संतों ने मुख्य स्नान घाट ‘हर की पैड़ी' पर अपार उत्साह के साथ गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाई. पवित्र स्नान पर्व पर हरिद्वार और ऋषिकेश के विभिन्न गंगा घाटों पर आम श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर कुंभ का पुण्य लाभ कमाया.
  • Happy Bohag Bihu 2021: असम में 7 दिनों तक मनाया जाता है बिहू का जश्न, पारंपरिक कपड़े पहन लोग यूं करते हैं बिहू डांस
    Bohag Bihu 2021: असम के मुख्य त्योहारों में से एक बिहू आज 14 अप्रैल को है. असम में बिहू के पर्व के साथ ही नए साल की शुरुआत मानी जाती है और जमकर इस त्योहार का जश्न मनाया जाता है. असम में बोहाग बिहू का जश्न पूरे सप्ताह तक ड्रम और बाजों की गूंज के साथ बड़े ही धूम-धाम से चलता है. इस त्योहार को रोंगाली बिहू भी कहते हैं. इस त्योहार के दौरान कई खेलों का आयोजन भी किया जाता है जैसे-बैलों की लड़ाई, मुर्गों की लड़ाई और अंडों का खेल आदि.
  • Ramzan 2021: रमज़ान में सहरी और इफ्तार का होता है खास महत्व, रोज़े-नमाज़ के साथ मुसलमान ऐसे करते हैं इबादत
    Ramzan 2021: रमज़ान इस्लाम धर्म के सबसे पाक और अहम महीनों में से एक है. मुस्लिम समुदाय के लोग साल भर रमज़ान के महीने का बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि ऐसी मान्यताएं हैं कि रमज़ान के महीने में की गई इबादत का सवाब आम दिनों में की गई इबादतों के मुकाबले 70 गुनाह ज्यादा मिलता है. मुस्लिम समुदाय के लोग रमज़ान के पूरे महीने (29 या 30 दिन) तक रोजे रखते हैं, नमाज़ पढ़ते हैं और कुरान की तिलावत करते हैं. इस बार रमजान का पाक महीना 14 अप्रैल 2021 से शुरू हो रहा है.
  • Navratri 2021 Day 2: नवरात्रि के दूसरे दिन होती है मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानिए मंत्र और महत्व
    Chaitra Navratri 2021 Day 2: चैत्र नवरात्रि का आज दूसरा दिन है. नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. नवरात्रि में पूजी जाने वाली मां दुर्गा का यह दूसरा स्वरुप हैं. मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी देवी का पूजन करने से सिद्धि और विजय की प्राप्ति होती है. यह भी मान्यता है कि मां के ब्रह्मचारिणी रूप की पूजा करने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है. इसके साथ ही मां ब्रह्मचारिणी को ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी भी माना जाता है. इसलिए कहा जाता है कि विद्यार्थियों के लिए इनकी पूजा करना बहुत शुभ फलदायी होता है.  
  • Hindu New Year 2021 Wishes: हिंदू नव वर्ष का हुआ आगाज़, अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें हार्दिक शुभकामनाएं
    Hindu New Year Wishes:  13 अप्रैल 2021 को चैत्र नवरात्र की शुरुआत के साथ ही हिन्दू नव वर्ष यानी नव-संवत्सर 2078 की शुरुआत हो गई है. हिन्दू नव वर्ष की शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है. हिंदू कैलेंडर के इस पहले दिन को बहुत शुभ माना जाता है. महाराष्ट्र में हिंदू नव वर्ष को गुड़ी पड़वा के नाम से मनाया जाता है. जिस तरह आप 1 जनवरी को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को नए साल की शुभकामनाएं देते हैं, उसी तरह आप अपने परिजनों को हिंदू नव वर्ष की शुभकामनाएं भी दे सकते हैं. हम आपके लिए कुछ खास मैसेज लेकर आए हैं, जिन्हें आप अपनों को भेज सकते हैं और हिंदू नव वर्ष की ढेर सारी शुभकामनाएं भेज सकते हैं. 
  • Ramadan Mubarak 2021: दोस्तों और रिश्तेदारों को ये खास मैसेज भेजकर दें रमज़ान की मुबारकबाद
    Ramadan Mubarak 2021 Wishes: इबादत और नेकियों का मुबारक  महीना रमज़ान 14 अप्रैल से शुरू हो रहा है. रमज़ान के महीने का चांद दिखते ही अगले दिन से मुस्लिम समुदाय के लोग रोज़ा रखना शुरू कर देते हैं और पूरे 29 या 30 दिन तक रोज़े रखने का सिलसिला जारी रहता है. मान्यताएं हैं कि रमज़ान के महीने में की गई इबादत का सवाब आम दिनों में की गई इबादतों के मुकाबले 70 गुनाह ज्यादा मिलता है और इस मुबारक महीने में अल्लाह अपने बंदों को बेशुमार रहमतों से नवाजता है.
  • Chaitra Navratri 2021: नवरात्रि के पहले दिन इस विधि से करें मां शैलपुत्री की पूजा, होंगे लाभ
    Chaitra Navratri 2021: चेत्र नवरात्रि की 13 अप्रैल  2021 से शुरुआत हो गई है. नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम रूप शैलपुत्री की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है. नवरात्रि में शैलपुत्री पूजन का विशेष महत्‍व है. मान्‍यता है कि जो भक्‍त श्रद्धा भाव से मां की पूजा करते हैं उन्हें सुख और सिद्धि की प्राप्‍ति होती है. ऐसी भी मान्यता है कि  महिलाओं को खासतौर पर मां शैलपुत्री के पूजन से विशेष लाभ होता है. माना जाता है कि मां शैलपुत्री की पूजा करने से महिलाओं की पारिवारिक स्थिति, दांपत्य जीवन और बीमारियां दूर हो जाती हैं.
  • Baisakhi 2021: जानिए, क्यों और कैसे मनाते हैं बैसाखी, क्या है इसका महत्व ?
    Baisakhi 2021: बैसाखी (Baisakhi) पंजाब, हरियाणा और आसपास के प्रदेशों का प्रमुख त्‍योहार है. ये मुख्‍य रूप से किसानों का पर्व है. इस दौरान रबी की फसल पककर तैयार हो जाती है. फसल काटने के बाद किसान नए साल का जश्‍न मनाते हैं. इस बार यह त्‍योहार 14 अप्रैल को मनाया जा रहा है.
  • Gudi Padwa  2021: गुड़ी पड़वा आज, यहां जानिए शुभ मुहूर्त और महत्व
    Gudi Padwa 2021: हर साल चैत्र महीने के पहले दिन गुड़ी पड़वा मनाया जाता है. गुड़ी पड़वा मराठी और कोंकणी हिन्‍दुओं का नव वर्ष है. चैत्र नवरात्रि के पहले दिन नए साल के रूप में गुड़ी पड़वा मनाया जाता है. इस दिन लोग अपने घरों को खूब सजाते हैं. साथ ही घर के आंगन और द्वार में खूबसूरत रंगोली बनाते हैं. वहीं, उत्तर भारत में भी हिन्‍दू कैलेंडर के अनुसार, इसी दिन से नए साल की शुरुआत होती है, जिसे नव संवत्‍सर कहा जाता है. वहीं, दूसरी ओर कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में इस पर्व को उगादि के रूप में मनाया जाता है. इस बार गुड़ी पड़वा 13 अप्रैल 2021 मंगलवार को पड़ा है. इस दिन से नवरात्र प्रांरम्भ होने के साथ-साथ हिंदू धर्म के नववर्ष की शुरुआत भी है.
  • Chaitra Navratri 2021: चैत्र नवरात्र‍ि शुरू, मां दुर्गा की पूजा के लिए इन चीजों का कर लें इंतज़ाम
    Happy Chaitra Navratri 2021: चैत्र नवरात्र‍ि आज यानी 13 अप्रैल से शुरू हो गई है. नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक पूरे विधि-विधान के साथ मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. देवी मां को प्रसन्न करने के लिए नौ दिन तक उपवास भी रखा जाता है. मान्‍यता है कि इन नौ दिनों में जो भी सच्‍चे मन से मां दुर्गा की पूजा करता है उसकी सभी इच्‍छाएं पूर्ण होती हैं. इस बार चैत्र नवरात्रि 13 अप्रैल 2021 से शुरू होकर 21 अप्रैल 2021 को समाप्त होगी.
  • Chaitra Navratri 2021: शुरू हुई नवरात्रि, जानिए कलश स्थापना का मुहूर्त और महत्व
    Chaitra Navratri 2021: हिन्‍दुओं के प्रमुख त्‍योहारों में से एक चैत्र नवरात्रि 13 अप्रैल 2021 यानी आज से शुरू हो गई है. चैत्र नवरात्रि के साथ ही हिन्‍दू नव वर्ष की शुरुआत भी होती है. नवरात्रि के नौ दिनों को बेहद पवित्र माना जाता है. इस दौरान मां दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा की जाती है. भारत में नवरात्रि हर साल दो बार समान उत्साह और खुशी के साथ मनाई जाती है. इस वर्ष यह महोत्सव 13 अप्रैल से शुरू हो रहा है और 22 अप्रैल तक चलेगा.
  • Chaitra Navratri 2021: चैत्र नवरात्रि आज से शुरू, जानिए अखंड ज्‍योति जलाने का महत्व और नियम
    Chaitra Navratri 2021: चैत्र नवरात्रि इस बार 13 अप्रैल 2021 से शुरू हो रही है. चैत्र नवरात्रि हिन्‍दुओं के प्रमुख त्‍योहारों में से एक हैं. चैत्र नवरात्रि के साथ ही हिन्‍दू नव वर्ष की शुरुआत भी होती है. नवरात्रि के नौ दिनों को बेहद पवित्र माना जाता है. इस दौरान मां दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा की जाती है. नवरात्रि में देवी मां की मूर्ति, फोटो या कैलेंडर के आगे अखंड ज्‍योति जलाने का भी विधान है. ऐसी मान्यता है कि ये ज्योति ज्ञान, प्रकाश, श्रद्धा और भक्ति की प्रतीक होती है. अगर आप भी अपने घर के मंदिर में नवरात्रि के दौरान अखंड ज्‍योति जलाना चाहते हैं तो आपको इन नियमों का पालन करना चाहिए.
  • सोमवती अमावस्या पर आज कुंभ का दूसरा शाही स्नान, गंगा नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, देखें Photos
    Kumbh Second Shahi Snan 2021: कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच सोमवती अमावस्या के पर्व पर महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान सोमवार सुबह शुरू हो गया जहां साधु, संतों ने मुख्य स्नान घाट हर की पौड़ी पर अपार आस्था और उत्साह के साथ गंगा नदी में डुबकी लगाई. सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार शहर में गंगा नदी के विभिन्न घाटों पर आम श्रद्धालुओं की भी भारी भीड़ उमड़ी. महाकुंभ मेला प्रशासन ने दावा किया है कि सोमवार को सुबह 10 बजे तक 17 लाख 31 हजार श्रद्धालुओं ने स्नान कर लिया है.
  • Kumbh Mela 2021: कुंभ के दूसरे शाही स्‍नान पर श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में लगाई आस्था की डुबकी
     Kumbh Second Shahi Snan 2021: आज सोमवती अमावस्या के पावन मौके पर हरिद्वार में आयोजित महाकुंभ में श्रद्धालुओं ने दूसरा शाही स्नान किया. बता दें कि आज सोमवती अमावस्या के दिन कुंभ का दूसरा शाही हुआ. इसके बाद अब कल 13 अप्रैल को नव संवत्सर पर स्नान होगा और फिर 14 अप्रैल को  बैसाखी के मौके पर तीसरा शाही स्नान किया जाएगा. इस दौरान सभी अखाडों के  साधु संत स्नान करते हैं. कुंभ मेला आईजी संजय गुंज्याल ने कहा, "आम जनता को सुबह 7 बजे तक ही अनुमति दी जाएगी. उसके बाद, यह क्षेत्र अखाड़ों के लिए आरक्षित होगा"
  • Somvati Amavasya 2021: सोमवती अमावस्या आज, जानिए महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
    Somvati Amavasya 2021: सोमवती अमावस्या आज 12 अप्रैल को है. सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है. सोमवती अमावस्या का हिंदू धर्म में खास महत्व है. मान्यता है कि इस दिन स्नान करना, दान-पुण्य और दीप दान करना बेहद फलदायी होता है. इस दिन भक्त भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करते हैं. 
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