- भारत-पाकिस्तान के बीच पिछले साल हुए संघर्ष में पाकिस्तान को गंभीर नुकसान सहना पड़ा था
- पाकिस्तान की सेना ने संघर्ष को रोकने के लिए भारतीय सेना को फोन कर युद्ध रोकने की अपील की थी
- पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख असीम मुनीर ने इस युद्ध को दो विचारधाराओं के बीच निर्णायक संघर्ष बताया
ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान मरका-ए-हक कहता है. भारत-पाकिस्तान के बीच पिछले साल हुए इस छोटे लेकिन घातक युद्ध ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था. युद्ध समाप्त करने के लिए पाकिस्तान की सेना को भारतीय सेना को फोन कर युद्ध रोकने की अपील तक करनी पड़ी. भारतीय सेना ने इसे मान तो लिया लेकिन ये भी कह दिया कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ रुका है, समाप्त नहीं हुआ. अब ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरा होने पर भारत में जश्न मनाया गया तो पाकिस्तान भी जश्न ना सही कार्यक्रम का आयोजन कर अपने जीत के दावे करना लगा है.
युद्ध को बताया दो विचारधाराओं की लड़ाई
रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर (जीएचक्यू) में ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरा होने पर आयोजित कार्यक्रम में चीफ गेस्ट बनकर पहुंचे असीम मुनीर ने कहा कि यह दिन पाकिस्तान, उसकी जनता और सशस्त्र बलों के लिए गर्व का पल है. उन्होंने याद दिलाया कि 6/7 मई की मध्यरात्रि से 10 मई तक शत्रु ने पाकिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्र का उल्लंघन करके हमारे संकल्प की परीक्षा लेने का असफल प्रयास किया. मगर इसका जवाब देश ने अपनी एकता और सैन्य शक्ति से दिया. हमारे शत्रुओं को यह पता होना चाहिए कि यदि भविष्य में पाकिस्तान के विरुद्ध कोई दुस्साहस करने का प्रयास किया गया, तो युद्ध का प्रभाव सीमित नहीं होगा, बल्कि अत्यंत व्यापक, खतरनाक, दूरगामी और पीड़ादायक होगा. उन्होंने कहा कि मरका-ए-हक केवल दो देशों या सेनाओं के बीच लड़ा गया एक पारंपरिक युद्ध नहीं था, बल्कि वास्तव में यह दो विचारधाराओं के बीच एक निर्णायक मरका (युद्ध) था, जिसमें अल्लाह की कृपा से सत्य की विजय हुई और असत्य को पराजय मिली.
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असीम मुनीर ने कहा कि भारत इस गलतफहमी में जी रहा है कि वह पाकिस्तान को सैन्य आक्रामकता का निशाना बनाकर और कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करके शक्ति संतुलन बदल सकता है और क्षेत्र पर अपना दबदबा साबित कर सकता है, लेकिन वास्तविकता में, वैश्विक और रक्षा विशेषज्ञ जानते हैं कि भारत की महत्वाकांक्षाएं उसकी हैसियत और क्षमताओं से कहीं अधिक बड़ी साबित हुई हैं. पाकिस्तान की सेनाएं शक्ति के दबदबे से भयभीत नहीं हैं और न ही कभी होंगी.
फिर अपनी सेना की ताकत बताने लगे मुनीर
इसके बाद असीम मुनीर ने कहा कि पारंपरिक युद्ध अतीत की बात हो गए हैं, और आधुनिक और भविष्य के युद्धों में बहु-क्षेत्रीय अभियान शामिल होंगे, जिनमें साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, ड्रोन, लंबी दूरी की मिसाइलें और कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित आधुनिक तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. सैन्य प्रमुख ने कहा कि बहु-क्षेत्रीय अभियानों के साथ पाकिस्तान के सशस्त्र बलों को और अधिक सामंजस्य स्थापित करने के लिए रक्षा बल मुख्यालय की स्थापना की गई है, अंतरिक्ष कार्यक्रम का विस्तार किया जा रहा है, और सेना रॉकेट फोर्स कमांड का गठन किया गया है. उन्होंने पाकिस्तान नौसेना में हैंगोर श्रेणी की पनडुब्बियों को शामिल करने, पाकिस्तान वायु सेना (पीएएफ) के लिए सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों की खरीद और फतह मिसाइल सीरिज के उदाहरण दिए. और आखिर में फिर कश्मीर का राग अलापने लगे.
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