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महाराष्ट्र में हर घंटे रेप; राज्य से 1.5 लाख महिलाएं और लड़कियां लापता, MLA रोहित पवार ने उठाए गंभीर सवाल

Maharashtra News: NCP(SP) विधायक रोहित पवार ने कहा महाराष्ट्र में रोजाना 24 बलात्कार हो रहे हैं, उन्होंने पुलिस के दुरुपयोग और शक्ति कानून को लेकर उठाए सवाल. पढ़िए पूरी खबर.

महाराष्ट्र में हर घंटे रेप; राज्य से 1.5 लाख महिलाएं और लड़कियां लापता, MLA रोहित पवार ने उठाए गंभीर सवाल
महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल, सरकार पर बरसे रोहित पवार

Maharashtra News Rape Case: महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. NCP (SP) के विधायक रोहित पवार ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में हालात बेहद चिंताजनक हैं और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. उन्होंने दावा किया कि राज्य में औसतन रोजाना 24 बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं, जबकि हजारों महिलाएं अब भी लापता हैं. रोहित पवार ने कहा कि सरकार अपराध पर अंकुश लगाने के बजाय पुलिस बल का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को दबाने और वीआईपी सुरक्षा में कर रही है. उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों में कड़े और विशेष कानून की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

पीड़ित परिवार से मुलाकात

NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने अत्याचार पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं. उन्होंने पीड़ित लड़की और उसके परिवार को ढांढस बंधाया और बिना डरे पुलिस के पास जाकर न्याय के लिए आवाज उठाने की अपील की.

रोहित पवार ने कहा कि “मेरा मानना है कि महाराष्ट्र में रोजाना औसतन 24 बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं यानी हर घंटे एक. वर्ष 2025 में पोक्सो (POCSO) के तहत 13,000 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं. इसी के साथ, विनयभंग और महिलाओं पर अत्याचार के 50,000 से अधिक मामले सामने आए हैं. राज्य में करीब डेढ़ लाख महिलाएं और लड़कियां लापता हैं, जिनमें से 30,000 का अब तक कोई पता नहीं चला है.”
Maharashtra News: महिलाओं के प्रति अपराध

Maharashtra News: महिलाओं के प्रति अपराध

महिलाओं के खिलाफ अपराध के डरावने आंकड़े

रोहित पवार के अनुसार, वर्ष 2025 में पोक्सो (POCSO) कानून के तहत राज्य में 13 हजार से अधिक मामले दर्ज किए गए. इसके अलावा, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, छेड़छाड़ और विनयभंग की 50 हजार से ज्यादा घटनाएं सामने आई हैं. उन्होंने दावा किया कि राज्य में करीब डेढ़ लाख महिलाएं और लड़कियां लापता हैं, जिनमें से बड़ी संख्या के मामलों का अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है.

चार्जशीट में देरी पर सवाल

उन्होंने बदलापुर, चाकण, बीड, गोंदिया, बारामती और मावळ जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि कई मामलों में घटना के 90 दिन बाद भी चार्जशीट दाखिल नहीं की गई. उनका आरोप है कि इससे पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी हो रही है.

‘शक्ति कानून' को लेकर केंद्र पर निशाना

रोहित पवार ने कहा कि "संतों और महापुरुषों के इस पुरोगामी महाराष्ट्र में, जहाँ महिलाओं का सम्मान करना सिखाया जाता है, ऐसी घटनाएं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. महाविकास अघाड़ी सरकार के समय 'शक्ति कानून' पारित किया गया था, लेकिन केंद्र सरकार ने उसे स्वीकार नहीं किया और वापस भेज दिया.हमारी मांग है कि महाराष्ट्र सरकार जल्द ही एक विशेष सत्र बुलाए और 'शक्ति कानून' को फिर से पारित कर लागू करे."

स्पेशल कानून और अंधविश्वास विरोधी कानून की मांग

उन्होंने अत्याचार के मामलों के लिए अलग ‘स्पेशल कानून' लाने की जरूरत बताई. साथ ही अंधविश्वास विरोधी कानून को और अधिक कठोर बनाने की मांग करते हुए कहा कि फिलहाल इस कानून को नजरअंदाज किया जा रहा है.

पुलिस के इस्तेमाल पर गंभीर आरोप

रोहित पवार ने आरोप लगाया कि 2014 के बाद से राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के ग्राफ में तेज बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल का सही उपयोग करने के बजाय वीआईपी सुरक्षा और राजनीतिक विरोधियों को दबाने में कर रही है.

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