
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पुत्री और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की बहन प्रियंका वाड्रा का कहना है कि वह लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान सिर्फ अपनी मां और भाई के संसदीय क्षेत्रों क्रमशः रायबरेली और अमेठी में ही प्रचार करेंगी। अपने पति रॉबर्ट वाड्रा के साथ मतदान करने दिल्ली पहुंचीं प्रियंका ने लोधी एस्टेट में एक मतदान केंद्र पर वोट डालने के बाद एनडीटीवी के साथ बातचीत में कहा, "हालांकि मुझसे कई कांग्रेस नेताओं ने प्रचार करने का आग्रह किया था, लेकिन मैं केवल अपनी मां और भाई के लिए प्रचार करूंगी..."
वैसे, 42-वर्षीय प्रियंका पिछले कुछ समय से इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों को देख रही हैं और हाल में पार्टी में विभिन्न हलकों में यह मांग उठती रही है कि उन्हें अपनी भूमिका रायबरेली और अमेठी से आगे भी निभानी चाहिए। प्रियंका आम चुनाव 2014 के मद्देनज़र भी अपने भाई की सीट अमेठी में पार्टी के 'वॉररूम' को संभाले हुए हैं, और उनसे इसी दौरान कई नेताओं ने अमेठी और रायबरेली के अलावा भी प्रचार अभियान में शामिल होने का आग्रह किया। हाल में राहुल गांधी के आवास पर प्रियंका की पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ हुई मुलाकात के बाद भी प्रियंका के बड़ी भूमिका निभाने की संभावनाओं की चर्चा उठी थी, हालांकि पार्टी ने अधिकृत रूप से इस बैठक को कोई तवज्जो नहीं दी थी।
कुछ ही दिन पहले वाराणसी सीट पर नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनावी मैदान में डटे कांग्रेस उम्मीदवार अजय राय ने कहा था कि प्रियंका चुनाव प्रचार में हरसंभव सहयोग देने की बात कह चुकी हैं। उनके अतिरिक्त वडोदरा सीट पर भी बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार मोदी को चुनौती दे रहे कांग्रेस प्रत्याशी मधुसूदन मिस्त्री ने भी कहा था, "अगर चुनाव प्रचार में प्रियंका का साथ मिले तो मैं उनके प्रति काफी कृतज्ञ रहूंगा..."
कुछ दिन पहले ही कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने भी प्रियंका की राजनीति में रुचि की चर्चा की थी। यह पूछे जाने पर कि क्या प्रियंका अब कांग्रेस के राजनीतिक मामलों में ज्यादा रुचि ले रही हैं, द्विवेदी ने कहा था, "यह प्रश्न मेरे लिए अर्थहीन है... जहां तक मुझे जानकारी है, राजनीति में उनकी रुचि बहुत कम आयु से ही थी... राजनीतिक घटनाओं और राजनीतिक भाषा की गहराई को वह आरंभ से ही समझना चाहती थीं... मेरे पास इसका प्रमाण भी है, लेकिन मैं इसकी चर्चा अभी नहीं करना चाहता... मैं सिर्फ यह संकेत देना चाहता हूं कि इस संबंध में वर्ष 1990 में राजीव जी ने मुझसे कुछ कहा था... अभी बस इतना ही..." इसके बाद कांग्रेस ने केवल यह संकेत दिया था कि प्रियंका वाड्रा कांग्रेस में अपनी भूमिका के बारे में खुद तय करेंगी।
इस बीच, लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान 'मोदी लहर' को सिरे से नकारती हुई प्रियंका गांधी ने कहा, "देश में किसी भी प्रकार की कोई मोदी लहर नहीं है..." उधर, हाल ही में भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस-शासित हरियाणा में 'फायदेमंद' ज़मीन सौदों को लेकर कई बार निशाना बनाए गए रॉबर्ट वाड्रा ने इन आरोपों पर कोई जवाब देने के स्थान पर कहा, "मुझे इस बारे में कुछ नहीं कहना है..."
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