
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं बसपा सुप्रीमों मायावती ने चुनाव आयोग से वाराणसी में नरेंद्र मोदी के रोड शो पर स्वत: संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि एक तरफ गुरुवार को पूरे देश और यूपी में छठे चरण का मतदान हो रहा था, वहीं बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने जिस अंदाज में रोडशो करते हुए नामांकन किया वह गलत था।
मायावती ने यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि कल जिस ढंग से नरेंद्र मोदी के नामांकन और रोड शो को लेकर मीडिया के जरिए भाजपा की पूरे देश में एक तरफा हवा बनाई गई वह उचित नहीं था। निर्वाचन आयोग को चाहिए कि वह इसका स्वत: संज्ञान लें। उन्होंने कहा कि वाराणसी में नरेंद्र मोदी का रोड शो जनहित में नहीं था। उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
मायावती ने कहा कि कल वाराणसी में नरेंद्र मोदी के रोड शो को लेकर काफी गलत प्रचार प्रसार किया गया, जबकि वास्तविकता यह है कि रोड शो में स्थानीय कम बाहरी लोग ज्यादा थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया के जरिए भाजपा ने मोदी के रोड शो को काफी बढ़ा चढ़ाकर प्रचारित कराया, जिससे अगले चरणों के मतदान में विशेष रूप से पूर्वांचल में भाजपा को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके, जबकि ऐसा नहीं होगा।
मायावती ने यह भी कहा कि चर्चा यह भी है कि मीडिया के जरिए भाजपा, कांग्रेस और सपा ने चुनावी हवा बनाने के लिए पूंजीपतियों और औद्योगिक घरानों द्वारा काफी खर्च किया जा रहा है।
मायावती ने आरोप लगाया कि भाजपा के समर्थन में पूंजीपतियों की मदद से मीडिया के जरिये जबर्दस्ती हवा बनाने की कोशिश की जा रही है। विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अगर वे सत्ता में आए तो अपने मददगार पूंजीपतियों के फायदे के लिए नीतियां बनाएंगे, लिहाजा लोगों को बहुत सोच-समझकर मतदान करना चाहिए, वरना देश बहुत पिछड़ जाएगा।
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में तीन चरणों का मतदान बाकी है और समाजवादी पार्टी (सपा) तथा भाजपा इसे हिन्दू-मुस्लिम रंग देने की कोशिश कर सकती हैं। उन्होंने कहा, 'मैं चुनाव आयोग से आग्रह करती हूं कि वह ना सिर्फ वाराणसी, बल्कि पूर्वांचल के सभी मंदिरों और मस्जिदों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें। इन धर्मस्थलों की हिफाजत की जिम्मेदारी राज्य पुलिस के हाथों में नहीं, बल्कि केंद्रीय बलों के हवाले होनी चाहिए। अगर वाराणसी में कोई हरकत होती है तो उसका असर पूरे देश पर पड़ेगा।'
मायावती ने कहा कि कांग्रेस अपने प्रधानमंत्री पद के अघोषित उम्मीदवार राहुल गांधी को, जबकि भाजपा अपने घोषित प्रत्याशी मोदी को सामने रखकर चुनाव लड़ रही है। मोदी को अगर उत्तर प्रदेश से चुनाव लड़ना ही था तो उन्हें राहुल के खिलाफ लड़ना चाहिए था।
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