
बीजेपी ने एक हैरत भरे फैसले में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया सुबह शुरू हो चुकने पर यानी, 7 अप्रैल को अपना चुनाव घोषणा पत्र जारी करने का ऐलान किया है।
पार्टी की प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने यह जानकारी देने के साथ इन अटकलों को गलत बताया कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं में घोषणा पत्र में शामिल किए जाने के कुछ मुद्दों को लेकर मतभेद के कारण इसे जारी करने में विलंब हुआ है।
इस बार बीजेपी ने न सिर्फ अपना घोषणा पत्र जारी करने में देरी की, बल्कि वह उसे उस समय जारी करेगी, जबकि उस दिन सुबह मतदान शुरू हो चुके होंगे। घोषणा पत्र से पहले बीजेपी शुक्रवार दोपहर कांग्रेस नीत यूपीए शासन के खिलाफ 'आरोप पत्र' जारी करेगी। इसमें यूपीए के 10 साल के शासन के दौरान हुए भ्रष्टाचार, घोटालों और अर्थव्यवस्था के कथित कुप्रबंधन का खुलासा किया जाएगा।
आम तौर पर राजनीतिक दल चुनाव से एक सप्ताह पहले तक अपने घोषणा पत्र जारी कर देते हैं। कांग्रेस 26 मार्च को अपना घोषणा पत्र जारी कर चुकी है। लोकसभा चुनावों के लिए मतदान का पहला चरण 7 अप्रैल से शुरू होगा और अंतिम तथा नौवां चरण अगले महीने 12 मई को होगा। 7 अप्रैल को असम की 5 और त्रिपुरा की एक सीट के लिए सुबह 7 बजे मतदान शुरू हो चुका होगा।
सीतारमण ने उन खबरों को 'बकवास' बताया. जिनमें कहा जा रहा है कि घोषणा पत्र में कुछ मुद्दों को शामिल करने और कुछ को शामिल नहीं करने को लेकर घोषणा पत्र समिति के प्रमुख मुरली मनोहर जोशी और नरेंद्र मोदी के बीच मतभेद हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रचार में लगे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के एक तिथि में, एक साथ और एक जगह मिल पाने का समन्वय नहीं होने के कारण यह विलंब हुआ है।
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