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    छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी और आदिवासी एक साथ रहेंगे? क्यों है सेवाग्राम और शांति वन की जरूरत

    सरकार ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर से माओवादियों के खत्म होने की घोषणा कर दी है. सरकार आत्मसमर्पण कर चुके माओंवादियों के लिए पुनर्वास का कार्यक्रम चला रही है. लेकिन माओवाद से पीड़ित लोगों की अपनी समस्याएं हैं, इसी की चर्चा कर रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार शुभ्राशु चौधरी.

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    भारत सरकार ने माओवादियों को कैसे किया परास्त, क्या चाहते थे आदिवासी माओवादी

    केंद्र सरकार ने देश से माओवादियों के खात्मे की घोषणा कर दी है. छत्तीसगढ़ देश में सबसे अधिक माओवाद प्रभावित राज्य रहा है. वहां से कैसे खत्म हुए माओवादी. सरकार ने इसके लिए क्या कदम उठाए और माओवादियों के अंतर्विरोध क्या रहे बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार शुभ्रांशु चौधरी.

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    माओवादियों के जाने के बाद छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में क्या होगा, क्या आदिवासी धर्म के नाम पर लड़ेंगे

    गृहमंत्री अमित शाह ने कई बार कहा है कि 31 मार्च तक माओवादी आंदोलन का नामोनिशान मिट जाएगा. यह तारीख अब बिल्कुल करीब है. इससे पहले पत्रकार शुभ्रांशु चौधरी ने छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित इलाके का दौरा कर जाना कि वहां लोग अब किस बात की चर्चा कर रहे हैं.

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    छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खात्मे के बाद विकास का रोडमैप- सौर ऊर्जा से छंटेगा अंधियारा 

    माओवादियों के खात्मे के बाद से अब सरकार को आदिवासी बहुल छत्तीसगढ़ में सरकार को किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर जोर देना होगा. इसके क्या विकल्प हो सकते हैं बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार शुभ्रांशु चौधरी.

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    क्या AI गोंडी जैसी प्राचीन आदिवासी भाषाओं को भी बचा सकता है?

    क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्राचीन और कम बोली जाने वाली भाषाओं को बचाने की दिशा में भी काम कर सकता है, इस पर रोशनी डाल रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार शुभ्रांशु चौधरी.

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    माओवादी आंदोलन के अंत के साथ क्या हिंसा से विस्थापितों की लंबी लड़ाई का भी अंत होगा?

    माओवादी संघर्ष के सबसे बड़े पीड़ित रहे हजारों आदिवासियों के लिए अच्छी खबर ये है कि राज्य सरकार ने स्वीकारा है कि करीब 30,000 से अधिक लोगों ने पलायन किया है. यह इसलिए अहम है क्योंकि वर्षों तक आधिकारिक स्तर पर ऐसे विस्थापन से इनकार किया जाता रहा है.

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    Web3: क्या सातोशी नाकामोटो के बिना बंदूक वाले क्रांतिकारी बना पाएंगे बराबरी वाली दुनिया

    Web3 क्या है और यह पैसों के लेन-देन को लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में किस तरह से काम कर रहा है, बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार शुभ्रांशु चौधरी.

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    छत्तीसगढ़ के माओवादी आंदोलन से आदिवासियों को क्या मिला

    छत्तीसगढ़ में करीब चार दशक तक चले माओवादी आंदोलन में आदिवासियों के हिस्से में क्या आया है, बता रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार शुभ्रांशु चौधरी.

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