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ब्लॉग राइटर
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International Day Of Potato : आलू को केवल एक सब्जी मान लेना कहीं भूल तो नहीं!
इतना तो तय है कि आलू एक जटिल और कन्फ्यूजन पैदा करने वाला सवाल है, जो एग्जाम में रैंकिंग ऊपर-नीचे करवाने में बड़ा रोल अदा कर सकता है. यहां तक कि आलू में किसी का पॉलिटिकल करियर संवारने या बिगाड़ने की क्षमता भी मौजूद है....
- मई 29, 2025 18:01 pm IST
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BLOG : क्या हो जब किसी खिलाड़ी का संन्यास पब्लिक डिमांड पर होने लगे?
दरअसल, क्रिकेट जैसे खेल की वजह से ही लोगों का संन्यास के प्रति डर-संकोच थोड़ा खत्म हुआ. नहीं तो संन्यास का मतलब पहले कुछ और हुआ करता था. पहले 'संन्यास' कहते थे, किसी चीज को पूरी तरह त्याग देने को. पूरी तरह परे रख देने को...
- मई 27, 2025 15:51 pm IST
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इम्तिहान चाहे कोई भी हो, भारतीय सेना से सीख सकते हैं तैयारी के कारगर फॉर्मूले
हमारी सेना कर्त्तव्य-पथ पर आगे बढ़ते हुए पूरी दुनिया के सामने अपने शौर्य और पराक्रम की कहानी कह रही है. लेकिन सिर्फ बयानों से नहीं, अपने शानदार कारनामों के जरिए. सिर्फ बातों के तीर मैदानी संघर्ष में किसी काम के नहीं रह जाते.
- मई 15, 2025 14:47 pm IST
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BLOG : 'सॉरी' कहने में दरियादिली दिखलाना महंगा पड़ सकता है!
सॉरी कहने को कमजोरी मानने वाले शायद इस एक शब्द की वैल्यू ठीक-ठीक नहीं लगा पा रहे. बात-बात में सॉरी कहने की दरियादिली बेशक भारी पड़ती हो, लेकिन बात हद से ज्यादा बिगड़ जाने पर भी सॉरी न कहने को क्या कहेंगे? एक अदद 'सॉरी' के अभाव में दुनिया का बहुत भारी नुकसान हो रहा है. बहुत बड़ी आबादी का टाइम खराब हो रहा है.
- मई 04, 2025 08:57 am IST
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बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट को किस तरह देखें पैरेंट्स
पैरेंट्स को खुद से सवाल करना चाहिए कि क्या वे बच्चे से उसकी क्षमता या काबिलियत से ज्यादा बढ़-चढ़कर उम्मीद कर रहे थे? क्या इस तरह के आकलन में उनसे किसी स्तर पर भूल तो नहीं हो गई? क्या परीक्षा की तैयारी में दौरान बच्चे को वह सहयोग मिल सका, जो उसे मिलना ही चाहिए था?
- अप्रैल 22, 2025 13:54 pm IST
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Bihar Diwas: गौरवशाली इतिहास से परे, बिहार की ओर निहारे जाने की वजहें और भी हैं
बिहार में पूर्ण शराबबंदी योजना के पीछे भी मूल रूप से महिलाओं के हित की भावना काम कर रही है. शराबबंदी की मांग सबसे पहले महिलाओं की ओर से ही उठी थी.
- मार्च 21, 2025 14:13 pm IST
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International Day of Happiness: पॉजिटिव थिंकिंग से किस तरह बढ़ती है हमारी खुशी?
यह बात ठीक है कि जीवन-यापन के लिए कुछ बुनियादी चीजों की जरूरत सबको होती है, लेकिन जहां तक बात खुश रहने की है, यह एक मानसिक स्थिति ही कही जाएगी. हर हाल में सकारात्मक सोच की आदत डालकर हर कोई अपनी खुशियों में इजाफा कर सकता है.
- मार्च 20, 2025 15:55 pm IST
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अब 'आइडेंटिटी क्राइसिस' से क्यों जूझने लगा है ऋतुराज वसंत?
अबकी तो चुनावी सीजन के चक्कर में भी ऋतुओं के राजा की आइडेंटिटी गुम हो रही है. कहीं लहर चल रही, कहीं-कहीं अंडर-करंट. कुछ कोयलों की मीठी कूक पार्टी-प्रचार के शोर में दब जा रही है. कुछ कोयलें आचार संहिता देखकर ज्यादा गाने से परहेज कर रही हैं...
- मार्च 12, 2025 13:22 pm IST
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क्या तीन भाषा वाले फॉर्मूले के विरोध का कोई तर्कसंगत आधार है?
तीन-भाषा वाले फॉर्मूले को लाए जाने का मकसद देशभर में भारतीय भाषाओं की पढ़ाई को प्रोत्साहन देना है. NEP, 2020 में साफ तौर पर निर्देश दिए गए हैं कि सीखी जाने वाली भाषाएं राज्यों, क्षेत्रों और निश्चित तौर पर छात्रों की अपनी पसंद की होंगी. शर्त बस इतनी-सी है कि तीन में से दो भारत की मूल भाषाएं हों.
- मार्च 12, 2025 13:19 pm IST
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क्रिकेट के मैदान से सीख सकते हैं तनावमुक्त जीवनशैली के गुर
क्रिकेट के मैदान पर हर रोज साहस और धैर्य के सहारे बड़े-बड़े लक्ष्य हासिल होते देखे जा सकते हैं. अपेक्षाकृत कमजोर समझी जाने वाली टीमों ने भी कई बार दिग्गज टीमों के जबड़े से जीत छीनी है.
- फ़रवरी 27, 2025 17:16 pm IST
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अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस : अपनी मातृभाषा से जुड़े रहना हर किसी के लिए क्यों जरूरी है?
हमारे संविधान में हर वर्ग को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति को संरक्षित करने का अधिकार दिया गया है. शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 में साफ कहा गया है कि जहां तक संभव हो, बच्चों को उनकी मातृभाषा में ही शिक्षा दी जानी चाहिए.
- फ़रवरी 20, 2025 14:57 pm IST
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महाकुंभ की खातिर लोगों की इतनी विशाल भीड़ क्या बताती है?
महाकुंभ में उमड़ती भीड़ यह बताती है कि आज के भौतिकतावादी दौर में भी धर्म और अध्यात्म हमारे लिए संजीवनी शक्ति की तरह हैं. केवल भौतिक संसाधनों से समृद्ध होना एक बात है, जबकि विचारों, मान्यताओं और भावनाओं से भी उन्नत होना दूसरी बात.
- फ़रवरी 14, 2025 16:11 pm IST
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कॉम्पिटीशन के दौर में काम के घंटे को लेकर सार्थक बहस होनी ही चाहिए
यह भी देखना होगा कि अगर काम के घंटे एक सीमा से आगे बढ़ते चले जाएंगे, तो निजी जीवन के कई सवाल उलझे ही रह जाएंगे. इसका असर कामकाज पर भी पड़ना तय है.
- जनवरी 28, 2025 23:33 pm IST
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क्रिकेट और राजनीति में अटकलबाजियों की वैल्यू कभी कम मत आंकिए!
चाहे राजनीति हो या क्रिकेट, यहां हर बात का कुछ न कुछ मतलब जरूर है. हर शिगूफे का कोई न कोई निशाना है. हर इकरार या इनकार का कोई आसान शिकार है.
- जनवरी 17, 2025 19:08 pm IST
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विश्व हिंदी दिवस : हिंदी का फैलाव बढ़ाने के लिए इसे टेक्नोलॉजी से जोड़ना जरूरी
हिंदी भाषा के साहित्य का भंडार बहुत ही विशाल है. इसमें नामचीन साहित्यकारों से लेकर नई पीढ़ी के कलम के सिपाहियों तक का भरपूर योगदान है. इस विपुल साहित्य तक अन्य भाषा बोलने-पढ़ने वालों की पहुंच आसान हो सके, इसका इंतजाम करना होगा.
- जनवरी 10, 2025 13:52 pm IST
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टेक्नोलॉजी के इस दौर में 'डिजिटल डिटॉक्स' पर बात करना क्यों जरूरी है?
नए साल में या आने वाले दौर में ज्यों-ज्यों डिजिटल उपकरणों पर लोगों की निर्भरता बढ़ती जाएगी, त्यों-त्यों डिजिटल डिटॉक्स की जरूरत में भी इजाफा होता चला जाएगा.
- जनवरी 03, 2025 21:16 pm IST
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नए साल पर लिए जाने वाले संकल्प अक्सर 'फ्लॉप' क्यों हो जाते हैं?
न्यू ईयर रेजॉल्यूशन की सक्सेस-रेट क्या होती है, इसको लेकर देश-दुनिया में पहले ही काफी शोध हो चुके हैं.
- दिसंबर 30, 2024 20:07 pm IST
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मैच ड्रॉ करवा पाने की काबिलियत को हल्के में मत लीजिए!
भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिसबेन के गाबा में खेला गया गावस्कर-बॉर्डर ट्राफी का तीसरा टेस्ट मैच बारिश की वजह से ड्रा हो गया था. हालांकि खिलाड़ियों का कहना है कि इससे टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है. अमरेश सौरभ बता रहे हैं कि कैसे ड्रा कराया जाता है कोई मैच.
- दिसंबर 24, 2024 18:33 pm IST
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महाकुंभ 2025 का हिस्सा बनने से पहले कुछ संकल्प लेना बेहद ज़रूरी
महाकुंभ विशाल उत्सव जैसा है, जो हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है. प्रयागराज महाकुंभ के दौरान देश-दुनिया की नजर इस ओर बराबर बनी रहेगी. बड़ी तादाद में विदेशी श्रद्धालु और सैलानी भी मौजूद रहेंगे. यह एक बड़ा मौका होगा, जब हम अपनी गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर की अद्भुत झलक सबके सामने पेश कर सकेंगे. ऐसे में सबको अपनी-अपनी जिम्मेदारी समझनी और संभालनी चाहिए.
- दिसंबर 13, 2024 15:58 pm IST
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बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल करने पर बैन लगाना कितना कारगर...?
ऑस्ट्रेलिया की संसद ने एक बिल पास किया है. इसके मुताबिक, 16 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक बच्चों की पहुंच रोकने की जिम्मेदारी सोशल मीडिया कंपनियों पर डाली गई है. अगर कंपनियां नाकाम रहीं, तो उन पर भारी-भरकम जुर्माना लग सकता है. ऐसा कानून लाने वाला ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश है.
- दिसंबर 10, 2024 09:50 am IST
अमरेश सौरभ
अमरेश सौरभ
अमरेश सौरभ