आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कब्ज यानी पेट साफ न होने की समस्या घर-घर में देखने को मिलती है. सुबह उठते ही घंटों टॉयलेट में बैठना, पेट भारी लगना, गैस और एसिडिटी की वजह से पूरा दिन खराब हो जाता है. लोग इसके लिए तरह-तरह के चूर्ण, गोलियां और सिरप लेते हैं, लेकिन इनसे सिर्फ कुछ समय के लिए राहत मिलती है और धीरे-धीरे आंतों को इनकी आदत पड़ जाती है.
आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा में शरीर के बाहरी अंगों के जरिए अंदरूनी बीमारियों को ठीक करने के बहुत ही असरदार तरीके बताए गए हैं. आज हम आपको एक ऐसा ही बेहद आसान और घरेलू उपाय बता रहे हैं, जिसमें आपको कोई दवा खाने की जरूरत नहीं है. बस सरसों के तेल में प्याज और लहसुन को सही तरीके से पकाकर रात को सोने से पहले पैरों के तलवों पर लगाना है. यह नुस्खा आंतों की सुस्ती को दूर करके सुबह पेट को पूरी तरह साफ करने में मदद करता है.
तलवों पर तेल लगाने से पेट कैसे साफ होता है
आयुर्वेद में पैरों के तलवों की मालिश को पादाभ्यंग कहा जाता है. हमारे तलवों में शरीर के सभी मुख्य अंगों के नर्व एंडिंग्स और एक्यूप्रेशर प्वाइंट्स होते हैं. जब आप तलवों की मालिश करते हैं, तो वात दोष शांत होता है. आयुर्वेद के अनुसार कब्ज की मुख्य वजह शरीर में बढ़ा हुआ अपान वायु और रुखापन होता है.
सरसों का तेल, प्याज और लहसुन की तासीर गर्म होती है. जब यह तेल तलवों के जरिए शरीर में अवशोषित होता है, तो यह आंतों की नसों को आराम पहुचता है. इससे आंतों में पेरिस्टलसिस मूवमेंट यानी मल को आगे धकेलने की गति तेज होती है. इससे अगले दिन सुबह बिना किसी जोर लगाए पेट एकदम साफ हो जाता है.
तेल बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए
इस तेल को बनाने के लिए आपको बाहर से कोई महंगी चीज नहीं लानी है. आपकी रसोई में मौजूद चीजें ही काफी हैं.
सामग्री:
1. शुद्ध सरसों का तेल या तिल का तेल - 100 मिलीलीटर
2. मध्यम आकार का बारीक कटा हुआ प्याज - 1
3. लहसुन की छिली और कुटी हुई कलियां - 6 से 7
4. अजवाइन - 1 छोटा चम्मच
बनाने की सही विधि
इस तेल को तैयार करने का तरीका बहुत सीधा है, लेकिन इसे धीमी आंच पर पकाना जरूरी है ताकि सभी पोषक तत्व तेल में अच्छी तरह मिल जाएं.
स्टेप्स:
- सबसे पहले एक लोहे या स्टील की छोटी कढ़ाई में सरसों का तेल डालकर हल्का गर्म करें.
- अब इसमें बारीक कटा प्याज और कुटा हुआ लहसुन डाल दें.
- साथ में एक चम्मच अजवाइन भी मिला दें.
- गैस की आंच धीमी रखें और इसे तब तक पकने दें जब तक प्याज और लहसुन का रंग गहरा भूरा न हो जाए.
- ध्यान रहे कि सामग्री पूरी तरह जलकर काली न हो, बस उसका सत्त तेल में उतर जाना चाहिए.
- इसके बाद गैस बंद कर दें और तेल को ठंडा होने के लिए रख दें.
- जब तेल गुनगुना रह जाए, तो इसे किसी कांच की शीशी में छानकर भर लें. आपका पाचक तेल तैयार है.
लगाने का सही तरीका और नियम
इस तेल का पूरा फायदा उठाने के लिए इसे सही समय और सही तरीके से लगाना बहुत जरूरी है.
- रात को सोने से 15 मिनट पहले अपने पैरों को गुनगुने पानी से अच्छी तरह धो लें और सूखे तौलिए से साफ करें
- अब तैयार तेल की 8-10 बूंदें अपनी हथेली पर लें और दोनों पैरों के तलवों पर लगाएं.
- अंगूठे और उंगलियों की मदद से तलवों के बीच वाले हिस्से (जो पेट और आंतों का रिफ्लेक्स प्वाइंट होता है) पर 5 से 7 मिनट तक हल्की मालिश करें.
- मालिश तब तक करें जब तक तेल त्वचा में अच्छे से समा न जाए.
- इसके बाद पुराने सूती मोजे पहन लें ताकि बिस्तर पर तेल न लगे और पैरों में गर्माहट बनी रहे.
- सुबह उठकर पैरों को सामान्य पानी से धो लें.

इस नुस्खे के अन्य फायदे
यह तेल न केवल पुरानी से पुरानी कबज में राहत देता है, बल्कि इसके कई और शारीरिक लाभ भी हैं.
- अनिद्रा और तनाव से राहत: तलवों की मालिश से दिमाग शांत होता है और गहरी नींद आती है.
- जोड़ों के दर्द में आराम: वात दोष कम होने से शरीर की अकड़न और पैरों का दर्द दूर होता है.
- ब्लड सर्कुलेशन: पैरों में खून का दौरा बेहतर होता है जिससे दिनभर की थकान मिट जाती है.
- गैस और ब्लोटिंग से मुक्ति: पेट में बनने वाली गैस से तुरंत आराम मिलता है.
कुछ जरूरी सावधानियां और लाइफस्टाइल टिप्स
यह घरेलू उपाय बहुत सुरक्षित है, लेकिन इसके साथ अपनी दिनचर्या में भी कुछ छोटे बदलाव जरूर करें.
- दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास गुनगुना पानी जरूर पिएं.
- अपने खाने में हरी सब्जियां, सलाद और फाइबर युक्त चीजें शामिल करें.
- रात का खाना हल्का रखें और सोने से कम से कम 2 घंटे पहले खा लें.
- सुबह उठकर 10 मिनट वज्रासन या पवनमुक्तासन का अभ्यास जरूर करें.
अगर किसी को तलवों में कोई पुराना घाव या फंगल इन्फेक्शन है, तो वह पूरी तरह ठीक होने के बाद ही इस नुस्खे का इस्तमाल करे.
यह एक आजमाया हुआ प्राकृतिक तरीका है. इसे लगातार एक से दो हफ्ते अपनाकर देखें, आपको अपनी पाचन क्रिया और पेट की सम्स्या में खुद फर्क महसूस होने लगेगा.
नोट: यह लेख आयुर्वेदिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है. कब्ज के इलाज या किसी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है. अगर कब्ज लंबे समय तक बनी रहे, खून आए या गंभीर पेट दर्द हो तो चिकित्सकीय सलाह लें.
लेखक: डॉ. (पूर्व प्रोजेक्ट ऑफिसर, योग विभाग, दिल्ली सरकार एवं एचओडी - योग, आयुर्वेद व प्राकृतिक चिकित्सा)
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