- सऊदी अरब के मक्का में स्थित मस्जिद अल-हरम इस्लाम की सबसे पवित्र और दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद है
- मदीना की मस्जिद अन-नबवी इस्लाम की दूसरी सबसे पवित्र मस्जिद है और लगभग पंद्रह लाख नमाजियों को समेटती है
- कराची की ग्रैंड जामिया मस्जिद पाकिस्तान की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है और 8 लाख नमाजियों की क्षमता रखती है
दुनिया की हर मस्जिद सिर्फ एक इमारत नहीं है- यह इबादत, एकता, विरासत और समुदायिक भावना का प्रतीक भी है. दुनिया में ऐसी कई मस्जिदें हैं, जो सिर्फ अपनी विशालता के कारण भी लोगों को हैरान कर देती हैं. इनमें कुछ मस्जिदें इतनी बड़ी हैं कि एक साथ लाखों लोग यहां नमाज अदा कर सकते हैं. किसी का पूरा परिसर कई किलोमीटर में फैला है, तो किसी की पहचान दुनिया के सबसे पवित्र इस्लामी स्थलों में होती है. इन मस्जिदों की भव्यता और क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां इंसानों का ऐसा सैलाब उमड़ता है, जिसे देखकर पहली नजर में यकीन करना मुश्किल हो सकता है.
आइए जानते हैं दुनिया की 5 सबसे बड़ी मस्जिदों के बारे में.
1- मस्जिद अल-हरम
सऊदी अरब के मक्का में स्थित मस्जिद अल-हरम इस्लाम की सबसे पवित्र जगह है. यह दुनिया भर के मुसलमानों की इबादत का मुख्य केंद्र है. मस्जिद के बीचों-बीच काबा है. मुसलमान दिन में पांच बार की अपनी नमाज के दौरान इसी की तरफ मुंह करके इबादत करते हैं. यह मस्जिद काबा के चारों ओर संगमरमर के बड़े-बड़े आंगन और कई मंजिलों वाले नमाज हॉल से घिरी हुई है, जिनमें बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान लाखों नमाजी एक साथ इबादत कर सकते हैं. इस मस्जिद की कुल कैपेसिटी एक साथ 40 लाख नमाजियों को जगह देने की है. हज और उमराह की यात्रा करने वाले लोग यहां 'तवाफ' की रस्म अदा करने के लिए इकट्ठा होते हैं, जिसमें काबा के चारों ओर सात बार चक्कर लगाया जाता है.

सऊदी अरब के मक्का में स्थित मस्जिद अल-हरम (फोटो- AFP)
इतिहास में कई बार अलग-अलग इस्लामी शासकों ने इस मस्जिद का विस्तार किया है, जिनमें ऑटोमन साम्राज्य और आधुनिक सऊदी नेतृत्व शामिल हैं. आज यह दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद है. इतने बड़े आकार और आधुनिक बदलावों के बावजूद, इस परिसर का आध्यात्मिक केंद्र काबा ही है. इस्लामिक मान्यता है कि इसे मूल रूप से पैगंबर इब्राहिम और उनके बेटे इस्माइल ने बनवाया था.
2- मस्जिद अन-नबवी (पैगंबर की मस्जिद)
सऊदी अरब के मदीना में स्थित अल-मस्जिद अल-नबवी, इस्लाम में दूसरी सबसे पवित्र मस्जिद है. इसे मूल रूप से पैगंबर मुहम्मद ने 622 ईस्वी में हिजरत के दौरान मक्का से मदीना आने के कुछ ही समय बाद बनवाया था. शुरुआत में यह मस्जिद खजूर के तनों और मिट्टी की ईंटों से बनी एक साधारण सी इमारत थी, जो न केवल इबादत की जगह थी, बल्कि शुरुआती मुस्लिम समाज में शासन, शिक्षा और सामुदायिक जीवन का केंद्र भी थी. आज इसकी कैपेसिटी लगभग 15 लाख नमाजियों को एक साथ जगह देने की है.

सऊदी अरब के मदीना में स्थित अल-मस्जिद अल-नबवी (फोटो- AFP)
3- ग्रैंड जामिया मस्जिद
कराची की ग्रैंड जामिया मस्जिद दुनिया और पाकिस्तान की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है. बहरिया टाउन कराची में स्थित इस मस्जिद को एक साथ लगभग 8 लाख नमाजियों के लिए बनाया गया था. यह शहर में इस्लामिक नमाज और सामुदायिक जीवन का एक मुख्य केंद्र है. इसका निर्माण 2010 के दशक में शुरू हुआ था और यह क्लासिकल इस्लामिक आर्किटेक्चर के आधुनिक रूप को दिखाती है.

पाकिस्तान के कराची की ग्रैंड जामिया मस्जिद (फोटो- bahriatown.com)
4- अल अक्सा मस्जिद
यरूशलेम में स्थित अल-अक्सा मस्जिद इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है और मस्जिद अल-हरम व मस्जिद-ए-नबवी के बाद तीसरी सबसे पवित्र मस्जिद है. यह मस्जिद उस बड़े परिसर में स्थित है जिसे मुसलमान 'अल-हरम अल-शरीफ' के नाम से जानते हैं. इस्लामी परंपरा के अनुसार, इसका गहरा संबंध 'इस्रा और मिराज' की घटना से है. माना जाता है कि इसी दौरान पैगंबर मुहम्मद ने मक्का से यरूशलेम तक की यात्रा की थी. इसकी कैपेसिटी 4 लाख लोगों की बताई जाती है. इसे क़िबला-ए-अव्वल भी कहा जाता है. इस्लाम के शुरुआती दिनों में और मक्का से मदीना हिजरत (प्रवास) करने के बाद भी कुछ महीनों तक मुसलमानों ने नमाज के दौरान इसी स्थान की तरफ रुख किया था. इसलिए इसे 'किबला-ए-अव्वल' कहा जाता है.

यरूशलेम में स्थित अल-अक्सा मस्जिद (फोटो- AFP)
5- फैसल मस्जिद
फैसल मस्जिद पाकिस्तान की राष्ट्रीय मस्जिद है, जो देश की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित है. यह दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी मस्जिद है और मरगल्ला पहाड़ियों की तलहटी में स्थित है. इसका नाम सऊदी अरब के दिवंगत राजा फैसल के नाम पर रखा गया है. इसकी कैपेसिटी तीन लाख नमाजियों की बताई जाती है.

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में स्थित फैसल मस्जिद (फोटो- AFP)
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