- रूस में जारी संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति पुतिन की पार्टी यूनाइटेड रशिया 57.5 प्रतिशत वोट के साथ सबसे आगे है
- यह चुनाव फरवरी 2022 में शुरू हुए यूक्रेन युद्ध के बाद पहला स्टेट ड्यूमा चुनाव है जो तीन दिन चला
- चुनाव के दौरान यूक्रेन ने मॉस्को और आसपास के इलाकों पर हजार से अधिक ड्रोन हमले किए जिनसे दो मौतें हुईं
रूस में इस समय संसदीय चुनाव में वोटों की गिनती जारी है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सपोर्ट वाली सत्तारूढ़ पार्टी यूनाइटेड रशिया देश के स्टेट ड्यूमा चुनाव में सबसे आगे चल रही है. जैसे भारत में लोकसभा संसद का निचला सदन है, वैसे ही स्टेट ड्यूमा रूसी संसद का निचला सदन है. शुरुआती नतीजों के मुताबिक, पुतिन की पार्टी को अब तक 57.5% वोट मिले हैं. यह चुनाव ऐसे समय हुआ है, जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है.
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव के अंतिम नतीजे 25 सितंबर से पहले आने की उम्मीद नहीं है. रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, रविवार को तीन दिन तक चला मतदान खत्म होने के बाद यूनाइटेड रशिया काफी आगे है. यह फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू करने के बाद पहला स्टेट ड्यूमा चुनाव है. पुतिन ने इस चुनाव को देश की सैन्य और राजनीतिक नीतियों के लिए जनता के समर्थन के संकेत के तौर पर पेश किया है.
पुतिन की पार्टी के खिलाफ कोई बड़ी ताकत नहीं
यह चुनाव ऐसे राजनीतिक माहौल में हुआ, जहां पुतिन सरकार का कंट्रोल काफी ज्यादा था. CNN के मुताबिक, क्रेमलिन यानी रूसी सरकार के खिलाफ मजबूत राजनीतिक विरोध लगभग नहीं था. रूस की एकमात्र रजिस्टर्ड युद्ध-विरोधी पार्टी याब्लोको को पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव में हिस्सा लेने से रोक दिया था.
पुतिन खुद इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे. उन्हें अगला राष्ट्रपति चुनाव 2030 में लड़ना है. इससे पहले 2021 में हुए संसदीय चुनाव में यूनाइटेड रशिया ने स्टेट ड्यूमा की 450 में से 324 सीटें जीती थीं.
चुनाव के बीच यूक्रेन का मॉस्को पर जोरदार हमला
इस चुनाव के दौरान रूस और यूक्रेन के बीच सैन्य गतिविधियां भी तेज रहीं. रविवार को यूक्रेन ने मॉस्को और उसके आसपास के इलाके की ओर 1,000 से ज्यादा ड्रोन भेजे थे. रूसी अधिकारियों ने कहा कि इन हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हुई और एक बड़े तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचा. ये हमले उस समय हुए, जब रूस में संसदीय चुनाव का आखिरी दिन चल रहा था. मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने कहा कि इन हमलों की योजना चुनाव में बाधा डालने के लिए बनाई गई थी. हालांकि, यूक्रेन ने इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की.
भारत में भी बने थे मतदान केंद्र
इस बीच, विदेशों में रहने वाले रूसी नागरिकों ने भी तीन दिन चले मतदान में हिस्सा लिया. भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने नई दिल्ली में वोट डाला. भारत में रहने वाले रूसी नागरिकों के लिए मतदान की व्यवस्था की गई थी. भारत में कुल 5 मतदान केंद्र बनाए गए थे. ये दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई और गोवा में थे.
चुनाव के अंतिम नतीजे 25 सितंबर तक आने की उम्मीद है. इसके बाद यह साफ हो जाएगा कि रूस की अगली स्टेट ड्यूमा में कौन-कौन सी पार्टियां और कितनी सीटों के साथ मौजूद रहेंगी.
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