दिल्ली एनसीआर से मॉनसून सितंबर में रूठा ही रहा है और मॉनसून ने अब यहां से विदाई ले ली है. अगले एक हफ्ते तक दिल्ली में बारिश का अलर्ट नहीं है. जबकि वेस्ट यूपी, हरियाणा, पंजाब में भी बूंदाबांदी से ज्यादा संभावना नहीं है. लेकिन बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा से लेकर बंगाल तक लौटता मॉनसून अगले हफ्ते तक झमाझम बारिश कराएगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र से कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
बिहार-झारखंड से मध्य प्रदेश तक कहां कब बारिश
आंध्र प्रदेश, दक्षिणी ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और विदर्भ में 22 से 25 सितंबर तक मूसलाधार बारिश की संभावना है.पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और सिक्किम में 20 से 26 सितंबर तक भारी बारिश का मौसम विभाग का पूर्वानुमान है. ओडिशा में 22 और 25 सितंबर को, झारखंड में 23 से 25 सितंबर को और बिहार में 24 से 26 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है. आंध्र तेलंगाना के रायलसीमा 20 से 26 सितंबर, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के कई हिस्सों में मॉनसून वापसी के साथ भारी बारिश लाएगा. तेलंगाना में 21 से 26 सितंबर, तटीय आंध्र प्रदेश में 22 से 24 सितंबर भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25, 26 सितंबर को भारी बारिश
20 से 26 सितंबर के दौरान छत्तीसगढ़, विदर्भ और एमपी में
23 से 25 सितंबर के दौरान छत्तीसगढ़
24-25 सितंबर को महाराष्ट्र के विदर्भ
25-26 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश
दिल्ली में आज का मौसम कैसा रहेगा
देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 19 सितंबर को राजस्थान से विदा हो चुका है. दिल्ली में एक हफ्ते बादल छाये रहने या आसमान खुला रहने का अनुमान है. उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा समेत समूचे उत्तर भारत से भी अगले कुछ दिनों के भीतर बारिश का दौर खत्म हो जाएगा. नोएडा, गाजियाबाद समेत वेस्ट यूपी और दिल्ली में वैसे ही पिछले 15 दिनों में काफी कम बारिश हुई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस साल बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातीय प्रवाह, हिमालय में बने वेदर सिस्टम के कारण मॉनसून की विदाई अपने सामान्य समय से लेट हुई है.

उत्तर प्रदेश से मॉनसून की विदाई कब
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 से 10 अक्टूबर यानी लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर जिलों से अक्टूबर के पहले सप्ताह में विदाई होगी. ग्वालियर, भोपाल समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1 से 5 अक्टूबर तक और पूर्वी MP में जबलपुर, शहडोल से 5 से 10 अक्टूबर वापसी होगी.बिहार और झारखंड से 10 से 15 अक्टूबर के बीच वापसी होती है. छत्तीसगढ़ और ओडिशा से भी 15 अक्टूबर और गुजरात (कच्छ और सौराष्ट्र) में 25 सितंबर से 1 अक्टूबर तक विदाई होती है.पूर्वोत्तर राज्य में 15 अक्टूबर तक वापसी होगी.
एमपी-छत्तीसगढ़ में मौसम
दक्षिण भारत से मॉनसून की विदाई 15 अक्टूबर होगी. महाराष्ट्र और गोवा में 10 से 15 अक्टूबर तक (मुंबई और कोंकण क्षेत्र 10-12 अक्टूबर) के बीच, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना,कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में 15 अक्टूबर तक मॉनसून लौटने लगेगा. हालांकि अभी बंगाल में कोलकाता, गुजरात में अहमदाबाद रीजन, महाराष्ट्र में विदर्भ में भारी बारिश हो रही है.
20 सितंबर को सुबह 0830 बजे IST के आधार पर अपडेट: पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र
— India Meteorological Department (@Indiametdept) September 20, 2026
उत्तरी अंडमान सागर और उससे सटे पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा और आज, 20 सितंबर, 2026 को…
मॉनसून की तारीख कब
- पश्चिमी राजस्थान : (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर): 19 सितंबर
(मॉनसून की सबसे पहले वापसी यहीं से शुरू होती है) - पूर्वी राजस्थान : जयपुर, उदयपुर : 20 से 25 सितंबर
(अरावली के पूर्वी ढलानों पर बारिश बंद होने के साथ मौसम शुष्क हो जाता है) - पंजाब(अमृतसर, लुधियाना) : 24-25 सितंबर: पूरे पंजाब से मानसून की विदाई
- हरियाणा (अंबाला, हिसार) :25-27 सितंबर
(पंजाब के साथ ही हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में हवा शुष्क हो जाती है) - दिल्ली (NCR) : 26-27 सितंबर: दिल्ली से मॉनसून सितंबर के आखिरी तक वापसी
(हिमाचल, उत्तराखंड : 25 से 30 सितंबर: पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का दौर थमने के साथ रातें ठंडी) - (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख : 20-25 सितंबर
(सितंबर के चौथे सप्ताह तक पहाड़ों पर मौसम साफ, शुष्क) - वेस्ट यूपी (मेरठ, अलीगढ़, आगरा): 25-30 सितंबर
(पश्चिमी उत्तर प्रदेश से सितंबर के अंत तक मॉनसून विदा होता है)
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मॉनसून की बारिश में कितनी कमी
राहत की बात है कि जून से शुरू मॉनसून के करीब चार महीनों के दौरान बारिश की कमी 10 फीसदी ही रही है. अगस्त के आखिरी में अच्छी बरसात के कारण, यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा जैसे राज्यों में बारिश का स्तर काफी हद तक सुधर गया. फिर भी मैदानी इलाकों ये कमी 16 फीसदी तक रही. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में सामान्य से 15 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई. दक्षिण भारत में सामान्य से 29 फीसदी तक बारिश अधिक रही. तटीय कर्नाटक 3678 मिमी बारिश के साथ सबसे रिकॉर्ड स्तर पर बरसात हुई. जबकि पश्चिमी राजस्थान सिर्फ 331 मिमी बारिश के साथ सबसे सूखा क्षेत्र रहा.
मॉनसून वापसी की तारीख
आमतौर पर उत्तर-पश्चिम भारत से मॉनसून की वापसी 17 सितंबर से होने लगती है. लेकिन इस बार ये करीब 11 दिनों की देरी से मैदानी इलाकों से विदाई लेगा. बंगाल की खाड़ी में लगातार बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण मॉनसूनी हवाएं लंबे समय तक टिकी रहीं. 15 अक्टूबर तक पूरे देश से मॉनसून की वापसी होती है. सितंबर के अंत में मॉनसून कमजोर पड़ चुका है और बारिश में 10% की कमी पूरे देश में रही है.खरीफ फसलों की कटाई और आगामी रबी सीजन की बुवाई में कमी हो सकती है. पंजाब, हरियाणा और बिहार जैसे राज्यों में बारिश में बड़ी असमानता देखी गई है. इससे वहां भूजल स्तर और जलाशयों को भरने में कमी आई है.
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मॉनसून की वापसी की परिभाषा
मौसम विभाग किसी क्षेत्र से मॉनसून की विदाई तब घोषित करता है, जब वहां लगातार 5 दिनों तक बारिश न हो, हवाओं में नमी काफी कम हो जाए. साथ ही एंटी साइक्लोन सिस्टम बन जाए. अब दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से मॉनसूनी बारिश की वापसी शुरू हो चुकी है.
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