Allahabad High Court Action: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महोबा पुलिस के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया है. कोर्ट ने साफ कहा कि उसके आदेशों को नजरअंदाज करना गंभीर मामला है. थाने की CCTV फुटेज पेश न करने पर नाराज हाईकोर्ट ने महोबा के एसपी समेत तीन पुलिस अधिकारियों को तलब कर लिया है. इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.
हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती
मामला एक महिला की हत्या के केस से जुड़ा है, जिसमें गिरफ्तार नौकरानी की जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही थी. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कड़ा रुख अपनाते हुए महोबा एसपी शशांक सिंह, शहर कोतवाल मनीष कुमार पांडेय और महिला थाना प्रभारी निकिता शुक्ला को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया.
CCTV फुटेज न देने पर नाराजगी
हाईकोर्ट ने पहले ही आदेश दिया था कि थाने की CCTV रिकॉर्डिंग पेश की जाए, लेकिन पुलिस ने इसे कोर्ट में नहीं रखा. इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और कहा कि आदेश के बावजूद फुटेज न देना गंभीर लापरवाही है. पुलिस की ओर से यह दलील दी गई कि फुटेज उपलब्ध नहीं है, लेकिन कोर्ट ने इसे संतोषजनक जवाब नहीं माना.
अवैध हिरासत और प्रताड़ना के आरोप
मामले में गिरफ्तार नौकरानी ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उसका कहना है कि पुलिस ने उसे आधिकारिक गिरफ्तारी दिखाने से पहले करीब एक हफ्ते तक थाने में अवैध तरीके से रखा और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया. इन आरोपों की जांच के लिए ही कोर्ट ने CCTV फुटेज मांगी थी.
कोर्ट के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी
जब पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बावजूद फुटेज प्रस्तुत नहीं की, तो न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को तलब कर लिया. कोर्ट ने साफ संकेत दिए हैं कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
25 मई को पेश होने का आदेश
हाईकोर्ट ने तीनों अधिकारियों को 25 मई को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है. इस आदेश के बाद पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है और अब सबकी नजर अगली सुनवाई पर टिकी है. हाईकोर्ट की इस कार्रवाई के बाद महोबा पुलिस महकमे में हड़कंप का माहौल है.
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