- दिल्ली की अदालत ने 2020 के दंगों के आरोपी उमर खालिद की अंतरिम जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी.
- उमर खालिद ने अपने चाचा के चेहल्लुम में शामिल होने और मां की सर्जरी के लिए 15 दिन की जमानत मांगी थी.
- अदालत ने खालिद की जमानत याचिका को अनुचित आधार बताते हुए खारिज कर दिया है.
दिल्ली की एक अदालत ने 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के आरोपी और जेल में बंद कार्यकर्ता उमर खालिद की जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर वाजपेयी ने खालिद की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उन्होंने अपने चाचा के चेहल्लुम (मृत्यु के 40वें दिन की रस्म) में शामिल होने और अपनी मां की देखभाल करने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत मांगी थी. उनकी मां की सर्जरी होनी है.
दिल्ली कोर्ट ने उमर खालिद की अंतरिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि उनके द्वारा बताए गए आधार 'अनुचित' हैं. बता दें कि खालिद और अन्य पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था.
उन पर 2020 के दंगों का ‘‘मुख्य षड्यंत्रकारी'' होने का आरोप है. दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे. यह हिंसा नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शनों के दौरान भड़की थी.
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