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विकास दर में गिरावट

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'विकास दर में गिरावट' - 52 News Result(s)
  • चौथी से छठी सबसे बड़ी इकोनॉमी बना भारत, GDP की रेस में नंबर-1 होने के बाद भी क्यों फिसली रैंकिंग?

    चौथी से छठी सबसे बड़ी इकोनॉमी बना भारत, GDP की रेस में नंबर-1 होने के बाद भी क्यों फिसली रैंकिंग?

    IMF के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर 6 से 7 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है, जो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ज्यादा है. इसका मतलब यह है कि रैंकिंग में बदलाव के बावजूद भारत की आर्थिक गति मजबूत बनी हुई है.

  • तीन दिनों की गिरावट से उबरा घरेलू बाजार, सेंसेक्स 555 अंक उछला

    तीन दिनों की गिरावट से उबरा घरेलू बाजार, सेंसेक्स 555 अंक उछला

    जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, 'भारत की पहली तिमाही की जीडीपी वृद्धि दर अनुमान से अधिक 7.8 प्रतिशत रही है, जिसने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अर्थव्यवस्था के जुझारूपन में निवेशकों के भरोसे को मजबूती दी है.'

  • RBI द्वारा रेपो रेट में 25-50 बेसिस प्वॉइंट्स की कटौती से विकास दर को मिलेगी रफ्तार: रिपोर्ट

    RBI द्वारा रेपो रेट में 25-50 बेसिस प्वॉइंट्स की कटौती से विकास दर को मिलेगी रफ्तार: रिपोर्ट

    RBI Repo Rate Cut: देश की विकास दर को रफ्तार देने के लिए इस महीने की शुरुआत में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट को 25 बेसिस प्वॉइंट्स घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया था. इस दौरान उन्होंने कहा था कि महंगाई में गिरावट आई है और इसके धीरे-धीरे RBI के लक्ष्य के अनुरूप होने की उम्मीद है.  

  • कमजोर GDP अनुमान के चलते शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 600 अंक टूटा, निफ्टी 23,600 से फिसला

    कमजोर GDP अनुमान के चलते शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 600 अंक टूटा, निफ्टी 23,600 से फिसला

    Stock Market Updates 8 January 2025: शेयर बाजार में आज की गिरावट का मुख्य कारण भारत की GDP वृद्धि दर को लेकर जारी किए गए नए आंकड़े हैं, जिसमें आर्थिक विकास की गति धीमी रहने का अनुमान जताया गया है.

  • उत्तराखंड में स्थायी पलायन की दर में आई गिरावट : रिपोर्ट

    उत्तराखंड में स्थायी पलायन की दर में आई गिरावट : रिपोर्ट

    उत्तराखंड के ग्रामीण विकास और पलायन निवारण आयोग ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि पिछले पांच वर्षों में उत्तराखंड के गांवों से स्थायी पलायन की दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है.

  • मेरी पहली नौकरी थी... 21 साल काम करने के बाद कंपनी छोड़ना कैसा लगता है, Microsoft कर्मचारी का भावुक पोस्ट

    मेरी पहली नौकरी थी... 21 साल काम करने के बाद कंपनी छोड़ना कैसा लगता है, Microsoft कर्मचारी का भावुक पोस्ट

    व्यक्तिगत कंप्यूटर बाजार में कई तिमाहियों की गिरावट के बाद विंडोज और डिवाइस की बिक्री को नुकसान पहुंचाने के बाद Microsoft अपनी क्लाउड इकाई Azure में विकास दर बनाए रखने के लिए दबाव में है.

  • वित्त वर्ष 2020-21 में GDP में 7.7% की गिरावट का अनुमान, पिछले वर्ष 4.2% रही थी वृद्धि दर: सरकारी आंकड़े

    वित्त वर्ष 2020-21 में GDP में 7.7% की गिरावट का अनुमान, पिछले वर्ष 4.2% रही थी वृद्धि दर: सरकारी आंकड़े

    चालू वित्त वर्ष 2020-21 में समग्र विकास दर (GDP) में 7.7 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है. इससे पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में आर्थिक वृद्धि दर 4.2 प्रतिशत दर्ज की गई थी. सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है.

  • GDP में 7.5 फीसदी की गिरावट, अर्थव्यवस्था में सुधार, लेकिन देश तकनीकी मंदी की चपेट में

    GDP में 7.5 फीसदी की गिरावट, अर्थव्यवस्था में सुधार, लेकिन देश तकनीकी मंदी की चपेट में

    GDP Quarter Results :अर्थव्यवस्था में थोड़े सुधार के बावजूद पूरे वित्तीय वर्ष में आर्थिक विकास दर -8.7 फीसदी (GDP Growth Rate) रहने का अनुमान है, जो चार दशकों से ज्यादा के वक्त में सबसे बुरा आर्थिक प्रदर्शन होगा.

  • मंदी की चेतावनी के बाद सरकार ने अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार के लिए उठाए कदम, 10 बातें..

    मंदी की चेतावनी के बाद सरकार ने अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार के लिए उठाए कदम, 10 बातें..

    सरकार ने गुरुवार को मैन्‍युफेक्‍चरिंग सेक्‍टर को बेहतर करने और रोजगार के निर्माण के लिए नए उपायों की घोषणा की है. रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की ओर से एक और तिमाही में मंदी का अनुमान लगाए जाने के बाद सरकार की ओर से यह कदम उठाए गए हैं. कोरोना महामारी के कारण देश की इकोनॉमी को बड़ा झटका लगा है और अप्रैल से जून की तिमाही में विकास दर में 23.9 फीसदी तक गिरावट आई है.

  • RBI गवर्नर का अनुमान, जीडीपी में 9.5 प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका

    RBI गवर्नर का अनुमान, जीडीपी में 9.5 प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका

    भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) कोरोना (Coronavirus) के असर से धीरे-धीरे उबर रही है और चौथी तिमाही आते-आते आर्थिक विकास दर निगेटिव से पॉजिटिव हो सकती है. आरबीआई (RBI) गवर्नर ने शुक्रवार को पहली बार ये दावा किया. कोरोना के कहर का अर्थव्यवस्था पर इस साल कितना असर पड़ेगा? इस अहम सवाल पर आरबीआई गवर्नर ने शुक्रवार को पहली बार देश के सामने अपना आकलन रखा. मॉनीटरी पालिसी समिति के फैसलों का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि 2020-21 में जीडीपी (GDSP) विकास दर (Growth Rate)  -9.5% रहने का अनुमान है.

  • 2020 में भारत की अर्थव्यवस्था में 4.5 फीसदी की 'ऐतिहासिक' गिरावट देखी जाएगी : IMF

    2020 में भारत की अर्थव्यवस्था में 4.5 फीसदी की 'ऐतिहासिक' गिरावट देखी जाएगी : IMF

    अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने बुधवार को इस साल भारतीय अर्थव्यवस्था में 4.5 फीसदी तक की गिरावट आने का अनुमान जताया है. जो कि अपने आप में एक ऐतिहासिक गिरावट हो सकती है. कोरोना के चलते ठप्प पड़ी सभी आर्थिक गतिविधियों के मद्देनजर यह अनुमान लगाया गया है. हालांकि संगठन का कहना है कि 2021 में भारत की अर्थव्यवस्था वापसी करेगी और 6 फीसदी की विकास दर दर्ज की जाएगी.

  • Lockdown 3.0: रेड जोन में तमाम प्रतिबंधों के बावजूद इन चीजों की होगी इजाजत...

    Lockdown 3.0: रेड जोन में तमाम प्रतिबंधों के बावजूद इन चीजों की होगी इजाजत...

    Coronavirus lockdown Updates: भारत में कोरोना वायरस संक्रमण को काबू करने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन की अवधि बढ़ाकर 17 मई तक कर दी गई है और इस दौरान आम लोगों के लिए हवाई यात्रा, ट्रेनों और अंतरराज्यीय बस यात्राओं पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. इसके अलावा, इस अवधि में शैक्षणिक संस्थान, थियेटर, मॉल, होटल और बार भी बंद रहेंगे. सरकार ने शुक्रवार को इस संबंध में घोषणा की. हालांकि इस अवधि में उन क्षेत्रों के भीतर लोगों की आवाजाही और विभिन्न व्यापारिक गतिविधियों के लिए कुछ छूट दी गई है जहां कोविड-19 के सीमित मामले या कोई मामला नहीं है. बंद का प्रथम चरण 25 मार्च से 14 अप्रैल तक था, जिसे बाद में बढ़ा कर (15 अप्रैल से) तीन मई तक (दूसरा चरण) किया गया था. बंद को दो और सप्ताह के लिए बढ़ाने का फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब विभिन्न राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. देशभर में 35,000 से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं जिनमें से 1,100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने चेताया है कि यह बंद देश की अर्थव्यस्था पर बहुत बुरा असर डाल रहा है. कई रेटिंग एजेंसियों ने मौजूदा वित्त वर्ष में देश की आर्थिक विकास दर में तेज गिरावट का अंदेशा जताया है. लॉकडाउन के तीसरे चरण में भी पहले की तरह रेड जोन इलाकों में प्रतिबंध जारी रहेंगे लेकिन इस बार रेड जोन में भी कुछ चीजों की इजाजत शर्तों के साथ दी गई है.

  • आर्थिक सर्वे 2019-20 : इस बार वेज और नॉन वेज थाली की कीमतों का भी जिक्र, 5 बड़ी बातें

    आर्थिक सर्वे 2019-20 : इस बार वेज और नॉन वेज थाली की कीमतों का भी जिक्र, 5 बड़ी बातें

    देश का आर्थिक सर्वे 2019-20 पेश हो चुका है. इसमें साल 2020-21 के लिए विकास दर 6 से 6.5 फीसदी का अनुमान लगाया गया है. मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में मंदी की प्रमुख वजह वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट है. इसके साथ ही उन्होंने अगर देश के रुपया डिफाल्टर डुबोते नहीं तो सामाजिक क्षेत्र में और खर्च किया जा सकता था. उन्होंने कहा उद्योगपतियों का पूंजी निर्माण सभी लोगों को लाभ पहुंचाता है. उन्होंने कहा कि साल 2013 से 17 में निवेश में कमी आई है. मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि जिन कंपनियों ने 2008-12 के बीच लोन ने लिया उन्होंने बाद में निवेश नहीं किया. वहीं इस बार के सर्वे में आम लोगों की थाली की कीमत का भी जिक्र किया गया है.

  • IMF की नजर अब नागरिकता कानून और NRC के खिलाफ प्रदर्शनों पर भी, 7 बड़ी बातें

    IMF की नजर अब नागरिकता कानून और NRC के खिलाफ प्रदर्शनों पर भी, 7 बड़ी बातें

    अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा है कि अर्थव्यवस्था की जीडीपी में अगर भारतीय अर्थव्यवस्था की भागीदारी की बात करें तो ये काफ़ी अहम है. अगर भारतीय जीडीपी में गिरावट आती है तो इसका असर पूरी दुनिया के आर्थिक विकास पर भी पड़ेगा. इसलिए हमनें ग्लोबल ग्रोथ के अनुमान को भी 0.1 फीसदी कम किया है. जिसका अधिकांश हिस्सा भारत के ग्रोथ रेट में कमी की वजह से है. उन्होंने कहा कि साल 2020 में भारत की विकास दर का अनुमान 4.8% कर दिया है. ये तीन महीने में 1.3% की कटौती है. यही नहीं, आइएमएफ़ ने अगले तीन साल के लिए भारत की विकास दर में कटौती कर दी है. ये भी कहा जा रहा है कि दुनिया भर में जो आर्थिक सुस्ती के आंकड़े हैं, उनमें सबसे बड़ा हिस्सा भारत का है. NDTV से खास बातचीत में उन्होंने एक अहम बात कही है. उन्होंने कहा कि कई देशों में सामाजिक उथल पुथल का असर भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में पड़ रहा है और भारत में चल रहे इस समय CAA और एनआरसी के खिलाफ आंदोलन पर इसका कितना असर हो रहा है इस पर किए गए सवाल पर भी उन्होंने जवाब दिया.

  • क्या 2019 में मिली शानदार जीत का तोहफा जनता को भी बजट में देगी मोदी सरकार?

    क्या 2019 में मिली शानदार जीत का तोहफा जनता को भी बजट में देगी मोदी सरकार?

    1 फरवरी को निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी. लेकिन अर्थव्यवस्था के हालात बुरे हैं. उद्योग जगत गिरावट का सामना कर रहा है- खास कर ऑटो उद्योग. क्या बजट अर्थव्यवस्था को रफ्तार दे सकता है? जब बजट की तैयारी चल रही है, तब उसी वक़्त दिसंबर की तिमाही के मायूस करने वाले नतीजे आ रहे हैं. अब तक जिन 29 कंपनियों ने नतीजे घोषित किए हैं- उनमें 22 छोटी कंपनियां हैं- वहां आय बढ़ोतरी महज 7% रही है, बीते साल ये 8% थी. और शुद्ध मुनाफ़ा 1.3% घटा है. दिसंबर की तिमाही का हाल सितंबर की तिमाही जैसा ही लग रहा है जब कॉरपोरेट कमाई 14 तिमाहियों में पहली बार निगेटिव ग्रोथ दिखा रही थी. ये सब ऐसे समय हो रहा है जब उपभोक्ता महंगाई दर 5 साल में सबसे ज़्यादा है और विकास दर साढ़े छह साल में सबसे नीचे 4.5% है. सरकार निवेश बढ़ाने की बात कर रही है, लेकिन बजट अनुमानों तक पहुंचने के लिए टैक्स संग्रह बढ़ाना होगा. फिर सरकार के सामने दोहरी चुनौती है- बढ़ती महंगाई दर की और घटती विकास दर की.

'विकास दर में गिरावट' - 27 Video Result(s)
'विकास दर में गिरावट' - 52 News Result(s)
  • चौथी से छठी सबसे बड़ी इकोनॉमी बना भारत, GDP की रेस में नंबर-1 होने के बाद भी क्यों फिसली रैंकिंग?

    चौथी से छठी सबसे बड़ी इकोनॉमी बना भारत, GDP की रेस में नंबर-1 होने के बाद भी क्यों फिसली रैंकिंग?

    IMF के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर 6 से 7 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है, जो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ज्यादा है. इसका मतलब यह है कि रैंकिंग में बदलाव के बावजूद भारत की आर्थिक गति मजबूत बनी हुई है.

  • तीन दिनों की गिरावट से उबरा घरेलू बाजार, सेंसेक्स 555 अंक उछला

    तीन दिनों की गिरावट से उबरा घरेलू बाजार, सेंसेक्स 555 अंक उछला

    जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, 'भारत की पहली तिमाही की जीडीपी वृद्धि दर अनुमान से अधिक 7.8 प्रतिशत रही है, जिसने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अर्थव्यवस्था के जुझारूपन में निवेशकों के भरोसे को मजबूती दी है.'

  • RBI द्वारा रेपो रेट में 25-50 बेसिस प्वॉइंट्स की कटौती से विकास दर को मिलेगी रफ्तार: रिपोर्ट

    RBI द्वारा रेपो रेट में 25-50 बेसिस प्वॉइंट्स की कटौती से विकास दर को मिलेगी रफ्तार: रिपोर्ट

    RBI Repo Rate Cut: देश की विकास दर को रफ्तार देने के लिए इस महीने की शुरुआत में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट को 25 बेसिस प्वॉइंट्स घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया था. इस दौरान उन्होंने कहा था कि महंगाई में गिरावट आई है और इसके धीरे-धीरे RBI के लक्ष्य के अनुरूप होने की उम्मीद है.  

  • कमजोर GDP अनुमान के चलते शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 600 अंक टूटा, निफ्टी 23,600 से फिसला

    कमजोर GDP अनुमान के चलते शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 600 अंक टूटा, निफ्टी 23,600 से फिसला

    Stock Market Updates 8 January 2025: शेयर बाजार में आज की गिरावट का मुख्य कारण भारत की GDP वृद्धि दर को लेकर जारी किए गए नए आंकड़े हैं, जिसमें आर्थिक विकास की गति धीमी रहने का अनुमान जताया गया है.

  • उत्तराखंड में स्थायी पलायन की दर में आई गिरावट : रिपोर्ट

    उत्तराखंड में स्थायी पलायन की दर में आई गिरावट : रिपोर्ट

    उत्तराखंड के ग्रामीण विकास और पलायन निवारण आयोग ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि पिछले पांच वर्षों में उत्तराखंड के गांवों से स्थायी पलायन की दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है.

  • मेरी पहली नौकरी थी... 21 साल काम करने के बाद कंपनी छोड़ना कैसा लगता है, Microsoft कर्मचारी का भावुक पोस्ट

    मेरी पहली नौकरी थी... 21 साल काम करने के बाद कंपनी छोड़ना कैसा लगता है, Microsoft कर्मचारी का भावुक पोस्ट

    व्यक्तिगत कंप्यूटर बाजार में कई तिमाहियों की गिरावट के बाद विंडोज और डिवाइस की बिक्री को नुकसान पहुंचाने के बाद Microsoft अपनी क्लाउड इकाई Azure में विकास दर बनाए रखने के लिए दबाव में है.

  • वित्त वर्ष 2020-21 में GDP में 7.7% की गिरावट का अनुमान, पिछले वर्ष 4.2% रही थी वृद्धि दर: सरकारी आंकड़े

    वित्त वर्ष 2020-21 में GDP में 7.7% की गिरावट का अनुमान, पिछले वर्ष 4.2% रही थी वृद्धि दर: सरकारी आंकड़े

    चालू वित्त वर्ष 2020-21 में समग्र विकास दर (GDP) में 7.7 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है. इससे पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में आर्थिक वृद्धि दर 4.2 प्रतिशत दर्ज की गई थी. सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है.

  • GDP में 7.5 फीसदी की गिरावट, अर्थव्यवस्था में सुधार, लेकिन देश तकनीकी मंदी की चपेट में

    GDP में 7.5 फीसदी की गिरावट, अर्थव्यवस्था में सुधार, लेकिन देश तकनीकी मंदी की चपेट में

    GDP Quarter Results :अर्थव्यवस्था में थोड़े सुधार के बावजूद पूरे वित्तीय वर्ष में आर्थिक विकास दर -8.7 फीसदी (GDP Growth Rate) रहने का अनुमान है, जो चार दशकों से ज्यादा के वक्त में सबसे बुरा आर्थिक प्रदर्शन होगा.

  • मंदी की चेतावनी के बाद सरकार ने अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार के लिए उठाए कदम, 10 बातें..

    मंदी की चेतावनी के बाद सरकार ने अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार के लिए उठाए कदम, 10 बातें..

    सरकार ने गुरुवार को मैन्‍युफेक्‍चरिंग सेक्‍टर को बेहतर करने और रोजगार के निर्माण के लिए नए उपायों की घोषणा की है. रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की ओर से एक और तिमाही में मंदी का अनुमान लगाए जाने के बाद सरकार की ओर से यह कदम उठाए गए हैं. कोरोना महामारी के कारण देश की इकोनॉमी को बड़ा झटका लगा है और अप्रैल से जून की तिमाही में विकास दर में 23.9 फीसदी तक गिरावट आई है.

  • RBI गवर्नर का अनुमान, जीडीपी में 9.5 प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका

    RBI गवर्नर का अनुमान, जीडीपी में 9.5 प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका

    भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) कोरोना (Coronavirus) के असर से धीरे-धीरे उबर रही है और चौथी तिमाही आते-आते आर्थिक विकास दर निगेटिव से पॉजिटिव हो सकती है. आरबीआई (RBI) गवर्नर ने शुक्रवार को पहली बार ये दावा किया. कोरोना के कहर का अर्थव्यवस्था पर इस साल कितना असर पड़ेगा? इस अहम सवाल पर आरबीआई गवर्नर ने शुक्रवार को पहली बार देश के सामने अपना आकलन रखा. मॉनीटरी पालिसी समिति के फैसलों का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि 2020-21 में जीडीपी (GDSP) विकास दर (Growth Rate)  -9.5% रहने का अनुमान है.

  • 2020 में भारत की अर्थव्यवस्था में 4.5 फीसदी की 'ऐतिहासिक' गिरावट देखी जाएगी : IMF

    2020 में भारत की अर्थव्यवस्था में 4.5 फीसदी की 'ऐतिहासिक' गिरावट देखी जाएगी : IMF

    अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने बुधवार को इस साल भारतीय अर्थव्यवस्था में 4.5 फीसदी तक की गिरावट आने का अनुमान जताया है. जो कि अपने आप में एक ऐतिहासिक गिरावट हो सकती है. कोरोना के चलते ठप्प पड़ी सभी आर्थिक गतिविधियों के मद्देनजर यह अनुमान लगाया गया है. हालांकि संगठन का कहना है कि 2021 में भारत की अर्थव्यवस्था वापसी करेगी और 6 फीसदी की विकास दर दर्ज की जाएगी.

  • Lockdown 3.0: रेड जोन में तमाम प्रतिबंधों के बावजूद इन चीजों की होगी इजाजत...

    Lockdown 3.0: रेड जोन में तमाम प्रतिबंधों के बावजूद इन चीजों की होगी इजाजत...

    Coronavirus lockdown Updates: भारत में कोरोना वायरस संक्रमण को काबू करने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन की अवधि बढ़ाकर 17 मई तक कर दी गई है और इस दौरान आम लोगों के लिए हवाई यात्रा, ट्रेनों और अंतरराज्यीय बस यात्राओं पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. इसके अलावा, इस अवधि में शैक्षणिक संस्थान, थियेटर, मॉल, होटल और बार भी बंद रहेंगे. सरकार ने शुक्रवार को इस संबंध में घोषणा की. हालांकि इस अवधि में उन क्षेत्रों के भीतर लोगों की आवाजाही और विभिन्न व्यापारिक गतिविधियों के लिए कुछ छूट दी गई है जहां कोविड-19 के सीमित मामले या कोई मामला नहीं है. बंद का प्रथम चरण 25 मार्च से 14 अप्रैल तक था, जिसे बाद में बढ़ा कर (15 अप्रैल से) तीन मई तक (दूसरा चरण) किया गया था. बंद को दो और सप्ताह के लिए बढ़ाने का फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब विभिन्न राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. देशभर में 35,000 से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं जिनमें से 1,100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने चेताया है कि यह बंद देश की अर्थव्यस्था पर बहुत बुरा असर डाल रहा है. कई रेटिंग एजेंसियों ने मौजूदा वित्त वर्ष में देश की आर्थिक विकास दर में तेज गिरावट का अंदेशा जताया है. लॉकडाउन के तीसरे चरण में भी पहले की तरह रेड जोन इलाकों में प्रतिबंध जारी रहेंगे लेकिन इस बार रेड जोन में भी कुछ चीजों की इजाजत शर्तों के साथ दी गई है.

  • आर्थिक सर्वे 2019-20 : इस बार वेज और नॉन वेज थाली की कीमतों का भी जिक्र, 5 बड़ी बातें

    आर्थिक सर्वे 2019-20 : इस बार वेज और नॉन वेज थाली की कीमतों का भी जिक्र, 5 बड़ी बातें

    देश का आर्थिक सर्वे 2019-20 पेश हो चुका है. इसमें साल 2020-21 के लिए विकास दर 6 से 6.5 फीसदी का अनुमान लगाया गया है. मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में मंदी की प्रमुख वजह वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट है. इसके साथ ही उन्होंने अगर देश के रुपया डिफाल्टर डुबोते नहीं तो सामाजिक क्षेत्र में और खर्च किया जा सकता था. उन्होंने कहा उद्योगपतियों का पूंजी निर्माण सभी लोगों को लाभ पहुंचाता है. उन्होंने कहा कि साल 2013 से 17 में निवेश में कमी आई है. मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि जिन कंपनियों ने 2008-12 के बीच लोन ने लिया उन्होंने बाद में निवेश नहीं किया. वहीं इस बार के सर्वे में आम लोगों की थाली की कीमत का भी जिक्र किया गया है.

  • IMF की नजर अब नागरिकता कानून और NRC के खिलाफ प्रदर्शनों पर भी, 7 बड़ी बातें

    IMF की नजर अब नागरिकता कानून और NRC के खिलाफ प्रदर्शनों पर भी, 7 बड़ी बातें

    अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा है कि अर्थव्यवस्था की जीडीपी में अगर भारतीय अर्थव्यवस्था की भागीदारी की बात करें तो ये काफ़ी अहम है. अगर भारतीय जीडीपी में गिरावट आती है तो इसका असर पूरी दुनिया के आर्थिक विकास पर भी पड़ेगा. इसलिए हमनें ग्लोबल ग्रोथ के अनुमान को भी 0.1 फीसदी कम किया है. जिसका अधिकांश हिस्सा भारत के ग्रोथ रेट में कमी की वजह से है. उन्होंने कहा कि साल 2020 में भारत की विकास दर का अनुमान 4.8% कर दिया है. ये तीन महीने में 1.3% की कटौती है. यही नहीं, आइएमएफ़ ने अगले तीन साल के लिए भारत की विकास दर में कटौती कर दी है. ये भी कहा जा रहा है कि दुनिया भर में जो आर्थिक सुस्ती के आंकड़े हैं, उनमें सबसे बड़ा हिस्सा भारत का है. NDTV से खास बातचीत में उन्होंने एक अहम बात कही है. उन्होंने कहा कि कई देशों में सामाजिक उथल पुथल का असर भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में पड़ रहा है और भारत में चल रहे इस समय CAA और एनआरसी के खिलाफ आंदोलन पर इसका कितना असर हो रहा है इस पर किए गए सवाल पर भी उन्होंने जवाब दिया.

  • क्या 2019 में मिली शानदार जीत का तोहफा जनता को भी बजट में देगी मोदी सरकार?

    क्या 2019 में मिली शानदार जीत का तोहफा जनता को भी बजट में देगी मोदी सरकार?

    1 फरवरी को निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी. लेकिन अर्थव्यवस्था के हालात बुरे हैं. उद्योग जगत गिरावट का सामना कर रहा है- खास कर ऑटो उद्योग. क्या बजट अर्थव्यवस्था को रफ्तार दे सकता है? जब बजट की तैयारी चल रही है, तब उसी वक़्त दिसंबर की तिमाही के मायूस करने वाले नतीजे आ रहे हैं. अब तक जिन 29 कंपनियों ने नतीजे घोषित किए हैं- उनमें 22 छोटी कंपनियां हैं- वहां आय बढ़ोतरी महज 7% रही है, बीते साल ये 8% थी. और शुद्ध मुनाफ़ा 1.3% घटा है. दिसंबर की तिमाही का हाल सितंबर की तिमाही जैसा ही लग रहा है जब कॉरपोरेट कमाई 14 तिमाहियों में पहली बार निगेटिव ग्रोथ दिखा रही थी. ये सब ऐसे समय हो रहा है जब उपभोक्ता महंगाई दर 5 साल में सबसे ज़्यादा है और विकास दर साढ़े छह साल में सबसे नीचे 4.5% है. सरकार निवेश बढ़ाने की बात कर रही है, लेकिन बजट अनुमानों तक पहुंचने के लिए टैक्स संग्रह बढ़ाना होगा. फिर सरकार के सामने दोहरी चुनौती है- बढ़ती महंगाई दर की और घटती विकास दर की.

'विकास दर में गिरावट' - 27 Video Result(s)