
सरकार ने गुरुवार को मैन्युफेक्चरिंग सेक्टर को बेहतर करने और रोजगार के निर्माण के लिए नए उपायों की घोषणा की है. रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की ओर से एक और तिमाही में मंदी का अनुमान लगाए जाने के बाद सरकार की ओर से यह कदम उठाए गए हैं. कोरोना महामारी के कारण देश की इकोनॉमी को बड़ा झटका लगा है और अप्रैल से जून की तिमाही में विकास दर में 23.9 फीसदी तक गिरावट आई है.
आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सितंबर में खत्म होने वाली क्वार्टर में अर्थव्यवस्था में 8.6 फीसदी घट सकती है.
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अनुमान जताया है कि इस साल भारत की जीडीपी में 10.3 फीसदी की गिरावट आ सकती है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को ने कहा कि पिछले 10-15 दिनों में कई संकेतकों ने दिखाया है कि इकोनॉमी में रिकवरी हो रही है. अर्थव्यवस्था के अलग-अलग सेक्टरों में भी राहतभरा प्रदर्शन देखा जा सकता है. जैसे कि बैंक क्रेडिट 5.1 फीसदी बढ़ा है. शेयर मार्केट रिकॉर्ड टाइम पर हाई है. कोविड के मामले में गिरावट आई है.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रियल एस्टेट क्षेत्र में डिमांड को बढ़ावा देने के लिए डेवलपर्स और घर खरीदने वालों को आयकर मामले में राहत देने की घोषणा की है. आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए 'आत्मनिर्भर भारत' के हिस्से के रूप में इस 3.0 stimulus पैकेज की घोषणा की है.
वित्त मंत्री ने दो करोड़ रुपये तक की आवासीय इकाइयों की पहली बार सर्कल दर से कम कीमत पर बिक्री पर आयकर नियमों में छूट देने का ऐलान किया. अभी तक सर्किल दर और बिक्री करार मूल्य के बीच सिर्फ 10 प्रतिशत तक के अंतर की इजाजत है. रेसीडेंशियल रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने कहा कि अब इस अंतर को 30 जून 2021 तक बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है.यह राहत दो करोड़ रुपये तक की आवासीय इकाइयों के लिए है.
12 घोषणा के तहत आज कुल 2,65,080 करोड़ रुपये का stimulus पैकेज घोषित किया गया है, इसमें बुधवार को घोषित 1,45,980 करोड़ राशि की प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिंग स्कीम की राशि भी शामिल है.
वित्त मंत्री नई रोजगार सृजन योजना की घोषणा की, जिसके तहत नई भर्तियां करने वाले प्रतिष्ठानों को सब्सिडी दी जाएगी. उन्होंने कहा कि सब्सिडी के तहत दो साल के लिए सेवानिवृत्ति निधि में कर्मचारियों के साथ ही नियोक्ताओं के योगदान को भी शामिल किया जाएगा.
उन्हांने कहा इसके तहत कर्मचारियों का योगदान (वेतन का 12 प्रतिशत) और नियोक्ता का योगदान (वेतन का 12 प्रतिशत), इस तरह कुल वेतन का 24 प्रतिशत हिस्सा अगले दो वर्षों के लिए नई भर्तियां करने वाले प्रतिष्ठानों को दिया जाएगा.
आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में पंजीकृत प्रतिष्ठानों को नए कर्मचारियों की भर्ती पर यह सब्सिडी मिलेगी. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 15,000 रुपये से कम मासिक वेतन पाने वाले नए कर्मचारी को गिना जाएगा. उन्होंने बताया कि इसमें 15,000 से कम वेतन पाने वाले ऐसे कर्मचारी भी शामिल होंगे, जिन्हें कोविड-19 महामारी के दौरान नौकरी से निकाल दिया गया था और वे एक अक्टूबर 2020 को या उसके बाद दोबारा जुड़े हैं.
वित्त मंत्री ने Covid-19 के टीके (Covid-19 Vaccine) पर शोध के लिए जैव प्रौद्योगिकी विभाग को 900 करोड़ रुपए अनुदान देने की गुरुवार को घोषणा की. उन्होंने कहा कि अनुदान के दायरे में टीके की वास्तविक लागत और वितरण का खर्च शामिल नहीं है. टीका उपलब्ध होने पर इसके लिए अलग से प्रावधान किया जाएगा. (भाषा से भी इनपुट)