World First Aid Day: अगर आपके सामने किसी व्यक्ति का अचानक से दम घुटने लगे, तो ऐसी स्थिति में आप क्या करते हैं? शायद कई लोग घबरा जाते हैं और चिल्लाने लग जाते हैं. लेकिन आपको ऐसा नहीं करना है. किसी रेस्टोरेंट या फिर घर पर खाने की टेबल पर अगर कोई व्यक्ति अचानक से अपने गले को पकड़ने लगे, बोल न पाए और सांस लेने में परेशानी होने लगे, तो घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना बहुत ही जरूरी है. क्योंकि ऐसी स्थिति में कुछ ही मिनट जरूरी हो सकते हैं. आमतौर पर खाना या कोई छोटी वस्तु सांस की नली में फंसने से चोकिंग यानी दम घुटने की स्थिति पैदा होती है. यहां जयपुर स्थित नारायणा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट एडल्ट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. दीपक अग्रवाल से जानते हैं किसी व्यक्ति का अगर दम घुटने लगे, तो ऐसे में क्या करना चाहिए?
स्थिति की गंभीरता को करें पहचान?
डॉक्टर बताते हैं कि अगर व्यक्ति खांस पा रहा है, बोल पा रहा है या सांस ले पा रहा है, तो उसे जोर से खांसने के लिए कहें. उसकी पीठ पर तुरंत थपकी देने या मुंह में उंगली डालकर वस्तु निकालने की कोशिश न करें. उसे अकेला न छोड़ें और देखें कि स्थिति बिगड़ तो नहीं रही. खांसने से कई बार गले में फंसी चीजें खुद से बाहर निकल जाती है.
लेकिन अगर व्यक्ति बोल, खांस या सांस नहीं ले पा रहा है, तो उसकी खांसी बहुत कमजोर है या वह गले को पकड़कर संकेत दे रहा है, तो ये गंभीर चोकिंग हो सकती है. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.
चोकिंग होने पर क्या करें?
अगर आपको चोकिंग का संदेह हो रहा है, तो कुछ बातों का ध्यान रख सकते हैं, जैसे-
पहला कदम: पीठ पर 5 वार
व्यक्ति को थोड़ा आगे की ओर झुकाएं और उसके सीने को एक हाथ से सहारा दें. दूसरे हाथ की हथेली के निचले हिस्से से दोनों कंधों के बीच पीठ पर 5 तक मजबूत back blows दें. हर वार के बाद देखें कि वस्तु बाहर आई या नहीं.
दूसरा कदम: 5 पेट पर दबाव देकर झटका दें
अगर रुकावट दूर नहीं हुई है, तो व्यक्ति के पीछे खड़े होकर उसकी कमर के चारों ओर हाथ रखें. मुट्ठी को नाभि के ठीक ऊपर रखें, दूसरे हाथ से उसे पकड़ें और तेजी से अंदर और ऊपर की ओर 5 झटका दें. जरूरत पड़ने पर 5 बैक blows और 5 abdominal thrusts का क्रम दोहराते रहें, जब तक वस्तु बाहर न आ जाए या व्यक्ति बेहोश न हो जाए.
अगर व्यक्ति बेहोश हो जाए तो ऐसी स्थिति में क्या करें?
अगर कोई व्यक्ति बेहोश हो जाए, तो तुरंत स्थानीय इमर्जेंसी मेडिकल सर्विस को कॉल करें और व्यक्ति को सुरक्षित, समतल जगह पर लिटाकर सीपीआर शुरू करें. अगर आप इसके लिए प्रशिक्षित हैं. मुंह में उंगली डालकर वस्तु को निकालने की कोशिश न करें. सिर्फ वही वस्तु निकालें, जो साफ दिखाई दे और आसानी से पकड़ी जा सके.
गर्भवती महिला या ऐसे व्यक्ति जिसके पेट के चारों ओर हाथ नहीं पहुंच पा रहे हों, उसमें पेट पर झटका देने की जगह सीने पर झटना देने की जरूरत हो सकती है. वहीं, एक साल से कम उम्र के शिशु में पेट पर झटका नहीं दिए जाते; उनके लिए अलग फर्स्ट एड टेक्नी होती है.
ये भी पढ़ें - गले में कुछ अटकने से घुटने लगा है दम, तो ऐसे करें फर्स्ट एड, जान बचाने में काम आएंगे ये टिप्स
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं