किराए पर घर को देकर पैसे कमाने का चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है. शहर में किराए के मकान से पैसे कमाने का बड़ा जरिया बन गया है, क्योंकि शहर में काफी अच्छा किराया मिल जाता है. लेकिन किराए पर घर देने वाले मकान मालिकों को सावधान रहना चाहिए, क्योंकि लालच में अगर आपसे गलती हुई तो टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस आ सकता है. घर को किराए पर देने से पहले जरूरी जांच करना अहम है. मौजूदा समय में रेंट एग्रीमेंट बनाने के बावजूद धोखाधड़ी की जा सकती है.
शातिर ठग लोगों को ठगने का अलग-अलग तरीका अपना रहे हैं. ऐसे में ठग मकान मालिकों का भरोसा जीतकर उनके साथ धोखाधड़ी करते हैं. वह मकान किराए पर लेकर आपके पते के जरिए फर्जी फर्म और GST रजिस्ट्रेशन तक करा सकते हैं. इसके बाद आपको टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस भी आ सकता है.
शातिर ठगों का होता है प्लान
शातिर ठग पहले मकान किराए पर लेते हैं. वह रेंट एग्रीमेंट पर साइन भी करते हैं और दस्तावेज भी देते हैं. वह आपको एडवांस किराया भी देंगे. ऐसे में मकान मालिकों को ऐसे ठगों पर भरोसा हो जाता है. लेकिन भरोसा जीतने के बाद ही ठग असली खेल शुरू करते हैं. वह एक महीने तक किराए के मकान में रहते हैं और अचानक मकान खाली कर चले जाते हैं. इससे मकान मालिकों को उन पर कोई शक नहीं होता है.
GST, फर्म और कंपनी का रजिस्ट्रेशन
शातिर ठग आपके एड्रेस का इस्तेमाल कर फर्जी फर्म, कंपनी का रजिस्ट्रेशन या फर्जी GST नंबर तक बना सकते हैं. मतलब मकान मालिक ने जो किराए का मकान या दुकान दिया था. उसके एड्रेस का इस्तेमाल कर फर्जी GST, फर्म या कंपनी का रजिस्ट्रेशन करवा लेते हैं. कई बार उस एड्रेस पर लोन ले लेते हैं. ठग इस फर्म, GST के जरिए टैक्स की चोरी करते हैं तो टैक्स विभाग का नोटिस उसी पते पर यानी मकान मालिक को भेजा जाता है.
मकान मालिक को क्या करना है जरूरी
मकान मालिक को किराए पर मकान देने से पहले अपने किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाना चाहिए. वहीं किराएदार का जरूरी दस्तावेज वेरिफाई जरूर करें. अपने रेंट एग्रीमेंट में यह स्पष्ट रूप से लिखें कि बिना किसी अनुमति के प्रॉपर्टी के एड्रेस का इस्तेमाल किसी भी चीज में नहीं कर सकते हैं.
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