भारत की अध्यक्षता में आयोजित होने जा रहे BRICS शिखर सम्मेलन से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंच गए. फरवरी 2022 से यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस के बाहर किसी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में यह उनकी पहली प्रत्यक्ष भागीदारी है. एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने किया. पुतिन के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत पहुंचा है. वहीं आज दोपहर को करीब तीन बजे पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अहम मुलाकात करेंगे. इस मीटिंग के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा होगी. नई दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट, ऊर्जा आपूर्ति चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों के प्रभाव से जूझ रही है.
पुतिन का भारत में स्वागत
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे. 13 सितंबर तक पुतिन करीब 60 घंटे भारत में रहेंगे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पुतिन का भारत में स्वागत किया गया है. उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के आधार पर लंबे समय से मजबूत और बहुआयामी संबंध बने हुए हैं.

भारत पहुंचे पुतिन का हुआ स्वागत
Photo Credit: @MEAIndia
आज पीएम मोदी से होगी अहम मुलाकात
पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शुक्रवार दोपहर लगभग तीन बजे व्यापक द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है. दोनों नेताओं के बीच रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, निवेश और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है. रूस और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने तथा ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी बातचीत हो सकती है.

पीएम मोदी के साथ पुतिन (File Photo)
पीएम मोदी की प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठकें
पीएम मोदी शुक्रवार, 11 सितंबर को दोपहर 3:30 बजे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक करेंगे. वहीं शाम 6:30 बजे ईरान के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे. शनिवार 12 सितंबर को शाम 6:30 बजे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ पीएम मोदी की बैठक निर्धारित है. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान इन बैठकों में व्यापार, ऊर्जा, निवेश, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों सहित कई अहम विषयों पर चर्चा होने की संभावना है.
पुतिन का कई द्विपक्षीय बैठकों का भी है कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के अलावा पुतिन की मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, ब्रिक्स न्यू डेवलपमेंट बैंक की प्रमुख दिलमा रूसेफ और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के साथ भी अलग-अलग बैठकें प्रस्तावित हैं. इसके अलावा मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के साथ बैठक की संभावना भी तलाश की जा रही है. 12 सितंबर को पुतिन इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद से भी मुलाकात करेंगे.
BRICS सम्मेलन के एजेंडे में कई अहम मुद्दे
शनिवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य, आपदा जोखिम में कमी और महत्वपूर्ण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
सम्मेलन में वैश्विक शासन सुधार, डिजिटल तकनीक, व्यापार, वित्तीय सहयोग और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए जाएंगे.
दुनिया के कई बड़े नेता होंगे शामिल
नई दिल्ली में हो रहे इस सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग समेत कई शीर्ष नेता हिस्सा ले रहे हैं.
ब्राजील के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्री माउरो विएरा करेंगे, जबकि थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री सिहासक फुआंगकेतकेओ, उज्बेकिस्तान के उप प्रधानमंत्री जमशिद कुचकारोव और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका रोज एपेल अलुपो अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे. इसके अलावा फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर, बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्त न्दायिशिमिये और कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव भी क्रमशः आसियान (ASEAN), अफ्रीकी संघ (African Union) और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) का प्रतिनिधित्व करते हुए शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे.
भारत BRICS का संस्थापक सदस्य है और इससे पहले 2012, 2016 तथा 2021 में इसकी अध्यक्षता कर चुका है. भारत ने 1 जनवरी 2026 को चौथी बार BRICS की अध्यक्षता संभाली.
दो दिनों ये कार्यक्रम होंगे
विदेश मंत्रालय (MEA) के कार्यक्रम के अनुसार, BRICS शिखर सम्मेलन का औपचारिक आगाज शनिवार दोपहर 2:35 बजे होगा. सम्मेलन का पहला सत्र केवल BRICS सदस्य देशों के नेताओं के लिए क्लोज्ड डोर सेशन (Closed-Door Session) में आयोजित किया जाएगा. इस सत्र का विषय 'समावेशी ग्लोबल गवर्नेंस और बहुपक्षवाद को मजबूत करना' (Inclusive Global Governance and Strengthening Multilateralism) रखा गया है.'
पहले दिन के कार्यक्रम का समापन रात 7:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित भव्य रात्रिभोज (गाला डिनर) के साथ होगा.
रविवार का कार्यक्रम
रविवार को BRICS सदस्य देशों के अलावा साझेदार देशों और विशेष आमंत्रित देशों के नेताओं का आगमन सुबह 9:55 बजे से शुरू होगा. इसके बाद सुबह 10:35 बजे सभी नेता आधिकारिक ग्रुप फोटो के लिए एकत्र होंगे. विदेश मंत्रालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, मुख्य सत्र सुबह 10:50 बजे शुरू होगा. इस सत्र का विषय होगा: 'मजबूती, नवाचार, सहयोग और टिकाऊपन: समावेशी वैश्विक विकास के भविष्य का निर्माण' (Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability: Shaping the Future for Inclusive Global Growth. इस सत्र में वैश्विक आर्थिक विकास, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, नवाचार, जलवायु चुनौतियां, ऊर्जा सुरक्षा और विकासशील देशों के हितों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है.
नई दिल्ली घोषणा पत्र पर रहेगी नजर
12 सितंबर से शुरू होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मुख्य सत्र में भारत की अध्यक्षता के दौरान शुरू की गई पहलों और BRICS साझेदारी को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा होगी. सम्मेलन में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती, सीमा पार भुगतान प्रणाली, राष्ट्रीय मुद्राओं के उपयोग, MSME विकास, डिजिटल व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु लचीलापन और विकास वित्त जैसे विषय प्रमुख रहेंगे. शिखर सम्मेलन का समापन नई दिल्ली घोषणा पत्र जारी किए जाने के साथ होगा, जिस पर दुनिया भर की निगाहें टिकी रहेंगी.
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