Swine Flu Cases Surge in Delhi: मौसम बदलते ही दिल्ली-एनसीआर में बीमारियों ने फिर से पैर पसारना शुरू कर दिया है. इन दिनों राजधानी में वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम के साथ-साथ स्वाइन फ्लू यानी H1N1 वायरस के मामलों में काफी तेजी देखने को मिल रही है. हर दूसरे घर में कोई न कोई बीमार पड़ा हुआ है. हालात को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही पूरी तरह सतर्क हो गई हैं. दिल्ली के बड़े सरकारी अस्पतालों में शुमार सफदरजंग अस्पताल ने भी स्वाइन फ्लू और मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए अपनी कमर कस ली है.
अस्पतालों में क्या हैं तैयारियां
सफदरजंग अस्पताल प्रशासन की तरफ से जारी बयान में साफ कहा गया है कि मरीजों को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. अस्पताल में जरूरी दवाएं, जांच की सुविधाएं और स्पेशल केयर के पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं. अस्पताल का कहना है कि:
- फ्लू और सांस से जुड़ी तकलीफ वाले मरीजों की तुरंत जांच की जा रही है.
- जिन मरीजों में लक्षण ज्यादा गंभीर दिख रहे हैं, उनको भर्ती करने और इलाज देने में पहली प्राथमिकता दी जा रही है.
- सरकार और स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस के मुताबिक ही मरीजों का पूरा इलाज चल रहा है.
- हर दिन आने वाले मरीजों के डेटा पर नजर रखी जा रही है ताकि बेड या दवा की कोई कमी न पड़े.
आंकड़े क्यों बढ़ा रहे हैं चिंता
अगर स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल दिल्ली में स्थिति थोड़ी गंभीर दिख रही है. राजधानी में अब तक स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के 1,777 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. वहीं दूसरी तरफ इन्फ्लूएंजा-ए के मामलों की संख्या भी 2,300 के पार पहुंच चुकी है.
मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव और उमस भरी गर्मी की वजह से यह वायरस तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है. बच्चों और बुजुर्गों में इसका असर ज्यादा देखा जा रहा है.
Also Read: स्वाइन फ्लू के लक्षणों को न करें नजरअंदाज, इन बातों का रखें ख्याल
स्वाइन फ्लू के मुख्य लक्षण क्या हैं
अक्सर लोग साधारण मौसमी फ्लू और स्वाइन फ्लू के बीच फर्क नहीं समझ पाते और इसे नजरअंदाज कर देते हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अगर शरीर में नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए:
- तेज बुखार आना और बदन में लगातार दर्द बना रहना
- सूखी या बलगम वाली खांसी और गले में तेज खराश
- नाक का लगातार बहना या नाक बंद होना
- सिर में तेज दर्द और चक्कर जैसा महसूस होना
- हर समय बेहद थकान और कमजोरी लगना
- कुछ मामलों में उल्टी या पेट खराब होने की समस्या
सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय का एक्शन प्लान
बढ़ते मामलों को देखते हुए हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में एक बड़ी समीक्षा बैठक हुई थी. इस मीटिंग में इन्फ्लूएंजा, डेंगू और मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई.
दिल्ली के स्वास्थ्य सचिव पंकज कुमार सिंह ने भी भरोसा दिलाया है कि दिल्ली के सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, जरूरी टेस्टिंग किट और दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. मौसमी बीमारियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके.

पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी: इन बातों का रखें खास ध्यान
दिल्ली सरकार और डॉक्टरों ने आम जनता के लिए कुछ बुनियादी सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- मास्क जरूर लगाएं: अगर आप मेट्रो, बस, बाजार या किसी भी भीड़-भाड़ वाली जगह पर जा रहे हैं, तो मास्क का इस्तेमाल जरूर करें.
- हाथों की सफाई: दिन में कई बार साबुन और पानी से हाथ धोएं या सैनिटाइजर का उपयोग करें.
- दूरी बनाकर रखें: अगर दफ्तर या घर में किसी को सर्दी-खांसी है, तो उससे थोड़ी दूरी बनाए रखें और उनके बर्तन या तौलिया अलग रखें.
- बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें: बुखार होने पर खुद से कोई भी एंटीबायोटिक या तेज दवाई न खाएं.
- लक्षण बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल जाएं: अगर सांस लेने में तकलीफ हो रही हो, बुखार 3 दिन से ज्यादा रहे या सीने में भारीपन लगे, तो बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाएं.
मौसम के इस दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है. सही खान-पान, साफ-सफाई और समय पर डाक्टर की सलाह लेकर आप खुद को और अपने परिवार को इस संक्रमण से सुरक्षित रख सकते हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं