- देश की एक लोकसभा और 5 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए आज वोटिंग शुरू हो गई है.
- असम की नगांव लोकसभा, पश्चिम बंगाल की 2, तमिलनाडु की 2 और पुडुचेरी की एक 1 विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो रहा है.
- इन सभी सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हुई है. सभी सीटों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है.
देश की 6 सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए आज वोटिंग होने वाली है. असम की नगांव लोकसभा सीट के साथ पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर, तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम के अलावा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की थट्टनचावडी विधानसभा सीट पर आज वोटिंग शुरू हो गई है. असम में मुकाबला जहां त्रिकोणीय दिख रहा है, तो वहीं पश्चिम बंगाल में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई दिख रही है. वहीं तमिलनाडु की सीटों पर भी मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है. मुख्यमंत्री बनने के बाद सीएम विजय की पार्टी पहली बार उपचुनाव लड़ रही है, ऐसे में यह मुकाबला उनके लिए भी अहम है. इन सभी सीटों पर आज होने वाली वोटिंग के चुनावी नतीजे 9 अक्टूबर 2026 के दिन आएंगे.
नगांव में त्रिकोणीय मुकाबला
असम की नगांव लोकसभा सीट से सांसद चुने गए कांग्रेस के प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे की वजह से यहां उपचुनाव हो रहा है. प्रद्युत बोरदोलोई विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बन चुके हैं. ऐसे में यहां बीजेपी ने पूर्व आईएएस अधिकारी देबाशीष शर्मा को मैदान में उतारा है, कांग्रेस ने पूर्व विधायक सिबामोनी बोरा पर दांव खेला था. लेकिन इस मुकाबले को सबसे ज्यादा प्रभावित ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के उम्मीदवार मोहम्मद बदरुद्दीन अजमल ने किया है. उनके मैदान में आने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है. 2023 में परिसीमन के बाद, इस सीट के 19 लाख मतदाताओं में से 55 प्रतिशत से ज्यायादा मुस्लिम हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने यह सीट जीती थी, लेकिन उनके सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले अचानक BJP का दामन थाम लिया और अब वह बीजेपी से विधायक हैं. इससे पहले 1999 से 2014 के बीच BJP ने हमेशा नागांव सीट जीती थी.
नंदीग्राम और रेजीनगर में कड़ा मुकाबला
पश्चिम बंगाल में दो सीटें नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव हो रहे हैं. दोनों सीटें हाई प्रोफाइल हैं. 2026 के विधानसभा चुनाव में राज्य के सीएम शुवेंदु अधिकारी भवानीपुर और नंदीग्राम सीट से विधायक चुने गए थे. जिसके बाद उन्होंने नंदीग्राम सीट खाली कर दी थी, जिससे यहां उपचुनाव हो रहे हैं. बीजेपी ने यहां हसीरानी रथ को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस की तरफ से मिलन प्रधान मैदान में हैं. दूसरी सीट रेजीनगर है, जो 2 सीटों से विधायक चुने गए हुमायूं कबीर के इस्तीफे से खाली हुई है. उन्होंने अपने बेटे गुलाम नबी आजाद को प्रत्याशी बनाया है. भाजपा ने यहां शंकराव सरकार को प्रत्याशी बनाया है.
तमिलनाडु में मदुरंतकम और धारापुरम सीट पर उपचुनाव
तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम सीटों पर पलानीसामी के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक ने 2026 के चुनाव में जीत हासिल की थी. लेकिन दोनों विधायक बाद में इस्तीफा देकर अभिनेता थलपति विजय की पार्टी 'तमिझगा वेत्री कड़गम' (TVK) में शामिल हो गए. जिससे यहां उपचुनाव हो रहा है. मदुरांतकम सीट से और पी. सत्यबामा ने धारापुरम सीट से विधायक रहे दोनों नेताओं को विजय ने उम्मीदवार बनाया है. यहां मुकाबला त्रिकोणीय है, क्योंकि एक तरफ विजय की पार्टी पहली बार उपचुनाव में है. तो दूसरी तरफ डीएमके और अन्नाद्रमुक भी दम लगा रही है. विजय की पार्टी के लिए यह सीटें अहम है, क्योंकि अगर वह यहां मुकाबला जीतते हैं तो उनकी पार्टी राज्य में अपने दम पर बहुमत के और करीब पहुंच जाएगी.
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सीएम के इस्तीफे से खाली हुई थी थट्टनचावडी सीट
केंद्र शासित पुडुचेरी की थट्टनचावडी सीट पर भी उपचुनाव हो रहा है. मुख्यमंत्री एन. रंगासामी दो सीटें मंगलम और थट्टनचावडी से विधायक चुने गए थे. बाद में उन्होंने थट्टनचावडी से इस्तीफा दे दिया, जिससे यहां उपचुनाव हो रहा है. यहां ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) और कांग्रेस समर्थित गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है.
क्यों अहम है यह उपचुनाव
भले ही इन उपचुनावों से केंद्र या राज्यों की सरकारों के बहुमत पर सीधा असर नहीं होगा. लेकिन देश के राजनीतिक मिजाज को समझने का एक बड़ा जरिया जरूर होगा. क्योंकि इन उपचुनावों से राज्य की राजनीति का ताजा असर जरूर देखने को मिल सकता है.
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