देहरादून में H1N1 स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. उत्तराखंड में अब तक स्वाइन फ्लू के 408 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें दो लोगों की मौत भी हो चुकी है. इनमें से अकेले देहरादून में 269 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य जिलों में 139 मामले सामने आए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने सभी चिकित्सा प्रभारियों को सख्त निर्देश देते हुए हर स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा है.
बच्चों और बुजुर्गों के सबसे ज्यादा मामले
इस समय उत्तराखंड में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है. मरीजों की बढ़ती संख्या का कारण स्वाइन फ्लू, डेंगू, चिकनगुनिया, वायरल फ्लू, मलेरिया और कोविड के बढ़ते मामले हैं. 10 साल से कम उम्र के बच्चों और 50 साल से अधिक आयु के लोगों में फ्लू के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं. ऐसे में इन आयु वर्गों के लोगों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. चिकित्सा प्रभारियों से कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में फ्लू के मामलों पर लगातार नजर रखें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें.
अब तक 408 मामले सामने आए
उत्तराखंड में अब तक स्वाइन फ्लू के 408 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से अकेले राजधानी देहरादून में 269 मामले दर्ज किए गए हैं. वहीं, डेंगू के 150 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 75 मामले देहरादून में हैं. कोविड के 46 मामले उत्तराखंड में सामने आए हैं, जिनमें देहरादून में 20 मामले दर्ज किए गए हैं. चिकनगुनिया के 84 मामले उत्तराखंड में सामने आए हैं, जबकि मलेरिया के दो मामले दर्ज किए गए हैं. इसके अलावा वायरल फ्लू भी उत्तराखंड में तेजी से फैल रहा है.
अस्पतालों में लगातार बढ़ रहे केस
लगातार बढ़ती बीमारियों के कारण राज्य के सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. राज्य सरकार ने बढ़ती बीमारियों को देखते हुए सभी जिला अधिकारियों, स्वास्थ्य अधिकारियों और सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि वे बीमारी की रोकथाम के लिए पर्याप्त दवाइयों के साथ-साथ अस्पतालों में जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराएं. इसके अलावा साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखने को कहा गया है.
राज्य सरकार ने नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे लोगों को जागरूक करें और बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी दें.
देहरादून के सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा ने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को हर स्थिति की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं. अस्पतालों में आने वाले संदिग्ध मरीजों की जांच, उपचार और उनकी स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है. साथ ही स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि फ्लू के मामलों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं.
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फ्लू के मामलों को लेकर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. चिकित्सा प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मरीजों की स्थिति पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करें. विभाग की ओर से लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर चिकित्सकीय सलाह लें.
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