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बिना तनाव के बेचैनी, घबराहट और दिल जोर से धड़कना, पेट से जुड़ा है इसका कनेक्शन

Bina Tanav Ke Ghabrahat hone Ka Pet Se Juda Hai Connection: अगर अचानक बिना तनाव के बेचैनी, घबराहट और दिल जोर से धड़कने लगता है, तो यह किसी तरह के स्ट्रेस की वजह से नहीं, बल्कि पेट में हो रही गड़बड़ी के कारण हो सकता है.

बिना तनाव के बेचैनी, घबराहट और दिल जोर से धड़कना, पेट से जुड़ा है इसका कनेक्शन
Bina Tanav Ke Ghabrahat hone Ka Pet Se Juda Hai Connection
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Bina Tanav Ke Ghabrahat hone Ka Pet Se Juda Hai Connection: अगर अचानक बिना तनाव के बेचैनी, घबराहट और दिल जोर से धड़कने लगता है, तो यह किसी तरह के स्ट्रेस की वजह से नहीं, बल्कि पेट में हो रही गड़बड़ी के कारण हो सकता है. आम तौर पर दिल में होने वाली बेचैनी (Restlessness) को लोग तनाव (Tension) या हृदय रोगों से जोड़कर देखते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. अगर पेट के पाचन (Stomach Digestion) में परेशानी होती है, तो उसका असर हृदय (Heart) पर भी देखने को मिलता है.

पेट में परेशानी का सिर पर पड़ता है असर 

जब पाचन ठीक नहीं होता, गैस बनती है, पेट में भारीपन रहता है, तो उसका असर सीधे मन और दिल की धड़कन पर पड़ सकता है. इसलिए बार-बार घबराहट, गैस (Gas), अपच (Indigestion), कब्ज (Constipation) या पेट फूलने (Bloating) की समस्या को नजरअंदाज न करें. आयुर्वेद (Ayurveda) में पेट का संबंध मन से होता है. अगर पेट खराब है तो मन भी खराब होगा. जब पेट में पाचन की परेशानी के कारण गैस बनती है, तो उसका दबाव पेट पर पड़ता है और गैस सिर की तरह जाने लगती है. इससे कई बार सीने में जलन और दर्द की शिकायत भी होती है, जिसे लोग हार्ट अटैक मानकर घबरा जाते हैं, लेकिन यह खराब पाचन का संकेत है. इससे घबराहट और बेचैनी दोनों का सामना करना पड़ सकता है.

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 बार-बार गैस बनने और खट्टी डकार आने का क्या है मतलब?

इसके साथ ही अगर बार-बार गैस बनने की परेशानी, खट्टी डकार या सिर्फ कब्ज की परेशानी होती है, तो यह शरीर में आम (टॉक्सिन) बनने का संकेत हैं. जब शरीर में टॉक्सिन (Toxins) की समस्या बढ़ जाती है तो कब्ज और पाचन के विकार जल्दी-जल्दी होने लगते हैं और ऐसे में शुद्धिकरण बहुत जरूरी है.

किन लोगों में देखी जाती है यह समस्या?

यह समस्या उन लोगों में देखी जाती है, जो देर रात खाना खाते हैं, खाने के बाद टहलने की बजाय एक जगह बैठ जाते हैं, फिर ज्यादा तला और भुना खाते हैं, अधिक तनाव लेते हैं, और जिनका पेट साफ नहीं होता. यह सभी पाचन को मंद भी कर देते हैं.

इस समस्या से बचने के लिए क्या करें?

इससे बचने के लिए हमेशा समय पर खाना खाएं और खाने के बाद टहलें जरूर. देर रात खाना खाने से बचना चाहिए. अगर पेट साफ नहीं होता है तो रात को सौंफ और मिश्री का सेवन जरूर करें. अगर पेट साफ रहेगा तो शरीर में टॉक्सिन की परेशानी नहीं होगी.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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