नवरात्रि के नौ दिन का उपवास पूरा करने के बाद मन में एक अजीब सी खुशी होती है. माता रानी की पूजा पाठ और भक्ति के बाद जब हम अपना व्रत तोड़ते हैं तो लगता है कि अब तो मनपसंद खाना खाने का समय आ गया है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप कई दिनों तक भूखे रहने या हल्का फलाहार करने के बाद अचानक से हैवी खाना खाते हैं तो आपके पेट के अंदर क्या हलचल होती है?
दरअसल कई दिनों तक कम या हल्का खाने की वजह से हमारा पाचन तंत्र स्लो पड़ जाता है. ऐसे में अगर हम व्रत खोलते ही पूड़ी, पकौड़े या ढेर सारी मिठाई खा लेते हैं तो शरीर को संभालना मुश्किल हो जाता है. चलिए जानते हैं तक दिनों तक भूखे रहने के बाद किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
शरीर के अंदर क्या होता है?
जब आप 9 दिनों तक उपवास रखते हैं तो आपके पेट को आराम करने का समय मिलता है. आपका लिवर और आंतें धीमी गति से काम करने लगती हैं. लेकिन जैसे ही आप व्रत तोड़ते हैं, शरीर में कई बदलाव एक साथ होते हैं.
पाचन तंत्र पर अचानक दबाव:
जैसे ही आप पहला भारी निवाला खाते हैं, पेट को अचानक से बहुत सारे एंजाइम और एसिड बनाने पड़ते हैं. अगर खाना बहुत मसालेदार या तला हुआ है तो पेट इसे जल्दी पचा नहीं पाता. इससे पेट फूलना, गैस बनना और खट्टी डकार आने जैसी दिक्कतें होने लगती हैं.
ब्लड शुगर लेवल का तेजी से बढ़ना:
व्रत के दौरान शरीर का शुगर लेवल नॉर्मल या थोड़ा कम रहता है. लेकिन अगर आप व्रत खोलते ही ढेर सारी मिठाई या मीठा शरबत पी लेते हैं तो खून में ग्लूकोज का स्तर अचानक स्पाइक कर जाता है. इससे आपको अचानक बहुत ज्यादा सुस्ती और थकान महसूस हो सकती है.
व्रत खोलने के बाद क्या खाएं और क्या नहीं?
व्रत खोलना भी एक कला है. अगर इसे सही तरीके से न किया जाए तो सेहत सुधरने के बजाय बिगड़ सकती है. चलिए जानते हैं कि आपको क्या करना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए.
सबसे पहले पानी या हल्का तरल पदार्थ लें:
व्रत खोलते ही कभी भी सीधा रोटी या पूड़ी न खाएं. सबसे पहले एक गिलास हल्का गुनगुना पानी, नारियल पानी या नींब पानी पिएं. इससे पेट की अंदरुनी परत एक्टिव हो जाती है और पाचन तंत्र काम करने के लिए तैयार हो जाता है.
हल्के भोजन से शुरुआत करें:
पानी या जूस पीने के करीब आधे घंटे बाद कुछ हल्का खाएं. जैसे कि उबला हुआ आलू, थोड़ी सी खिचड़ी, दलिया या फिर कोई फल. इससे पेट पर अचानक भारी लोड नहीं पड़ता और खाना आसानी से पच जाता है.
ज्यादा तली-भुनी चीजों से दूरी बनाएं:
अक्सर लोग व्रत पारण के दिन पूड़ी, हलवा या पकौड़े बनाते हैं. थोड़ा बहुत स्वाद के लिए खाना ठीक है लेकिन भरपेट तला हुआ खाना खाने से बचें. ज्यादा तेल मसाले से पेट में जलन और एसिडिटी की शिकायत तुरंत हो जाती है.
नवरात्रि के बाद इन बातों का रखें ध्यान:
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं:
व्रत के बाद शरीर में पानी की कमी होना बहुत आम बात है. दिन भर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं. आप छाछ, लस्सी या नीबू पानी भी ले सकते हैं. इससे शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलेंगे और फ्रेशनेस महसूस होगी.
खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं:
अपनी थाली में हरी सब्जियां, खीरा, टमाटर और ताजे फल जरूर शामिल करें. फाइबर मिलने से आंतों की सफाई अच्छे से होती है और पेट साफ रहने में मदद मिलती है.
एक साथ बहुत सारा खाना न खाएं:
अक्सर भूख लगने पर हम एक ही बार में बहुत ज्यादा खा लेते हैं. यह आदत पेट के लिए बहुत नुकसानदेह है. दिन में तीन बार भारी खाना खाने के बजाय 4 से 5 बार थोड़ा-थोड़ा करके खाएं. इससे पाचन सही रहता है.
चाय और कॉफी से थोड़ा बचें:
खाली पेट या व्रत के तुरंत बाद बहुत कड़क चाय या कॉफी पीने से पेट में तेजाबियत बन सकती है. अगर मन करे भी तो बहुत हल्की चाय लें या फिर हर्बल टी का इस्तेमाल करें.
हल्की वॉक जरूर करें:
खाना खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर न लेटें. रात को या दोपहर के खाने के बाद कम से कम 15 से 20 मिनट टहलें. इससे खाना जल्दी पचता है और पेट में भारीपन नहीं लगता.
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