विज्ञापन

खिचड़ी खाने के ये फायदे जानकर हो जाएंगे हैरान, डॉक्टर ने बताया कैसे है ये मॉडर्न डिटॉक्स

Khichdi Benefits: उत्तर भारत के घरों में मकर संक्रांति आते ही रसोई की खुशबू कुछ अलग ही हो जाती है. सर्दियों में गाजर, मटर, गोभी या फिर अलग-अलग दालों के मेल से बनी गरमागरम खिचड़ी इस पर्व का खास हिस्सा होती है. खिचड़ी सिर्फ स्वाद या परंपरा का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसके पीछे सेहत से जुड़ा एक गहरा तर्क भी छिपा है.

खिचड़ी खाने के ये फायदे जानकर हो जाएंगे हैरान, डॉक्टर ने बताया कैसे है ये मॉडर्न डिटॉक्स
Khichdi Ke Fayde: सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि कई पोषक तत्वों से भरपूर है खिचड़ी.

Khichdi Benefits: उत्तर भारत के घरों में मकर संक्रांति आते ही रसोई की खुशबू कुछ अलग ही हो जाती है. सर्दियों में गाजर, मटर, गोभी या फिर अलग-अलग दालों के मेल से बनी गरमागरम खिचड़ी इस पर्व का खास हिस्सा होती है. खिचड़ी सिर्फ स्वाद या परंपरा का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसके पीछे सेहत से जुड़ा एक गहरा तर्क भी छिपा है. जनवरी का महीना वैसे भी ऐसा समय होता है जब लोग शादी-पार्टियों, त्योहारों और तरह-तरह के भारी खाने के बाद दोबारा अपने रूटीन में लौटने की कोशिश करते हैं. ऐसे में शरीर खुद-ब-खुद हल्के, सादे और ग्राउंडिंग खाने की ओर आकर्षित होता है. शायद यही वजह है कि इस समय खिचड़ी जैसी डिश हमें सबसे ज्यादा सुकून देती है.

खिचड़ी खाने के फायदे

इस बारे में भंगेल सीएचसी की सीनियर मेडिकल ऑफिसर और गायनेकोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. मीरा पाठक ने खिचड़ी के हेल्थ बेनिफिट्स को बेहद आसान भाषा में समझाया. उनका कहना है कि आजकल लोगों के दिमाग में यह गलत धारणा बन गई है कि खिचड़ी सिर्फ बीमार लोगों का खाना है या कमजोरी में ही खाई जाती है, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल उलट है.

संपूर्ण डाइट है खिचड़ी

डॉ. मीरा पाठक बताती हैं कि खिचड़ी एक टाइम-टेस्टेड आयुर्वेदिक डाइट है और इसे एक संपूर्ण आहार माना जाता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और जरूरी अमीनो एसिड्स सही संतुलन में मौजूद होते हैं. दाल में पाया जाने वाला लाइसीन अमीनो एसिड और चावल में मौजूद मिथिओनीन जब साथ आते हैं, तो मिलकर एक कंप्लीट प्रोटीन बनाते हैं.

ये भी पढ़ें: Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति में क्यों होता है तिल का इतना महत्व, जानिए इसके स्वास्थ्य लाभ

डिटॉक्स

अगर डिटॉक्स डाइट की बात करें, तो खिचड़ी शायद सबसे बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प है. डॉ. मीरा के अनुसार, खिचड़ी पचाने में बहुत हल्की होती है और शरीर व दिमाग को एक तरह का 'सॉफ्ट रीसेट' देती है. जब हम कुछ दिनों के लिए सिंपल और आसानी से पचने वाला खाना खाते हैं, तो हमारी आंतों, लिवर और नर्वस सिस्टम को आराम मिलता है और रिकवरी का समय मिलता है. यही वजह है कि डिटॉक्स के लिए खिचड़ी को इतना असरदार माना जाता है.

डायबिटीज में फायदेमंद

खिचड़ी का एक बड़ा फायदा यह भी है कि यह धीरे-धीरे एनर्जी रिलीज करती है. इससे शुगर लेवल में अचानक उछाल नहीं आता, जो आजकल की जूस डाइट या ट्रेंडी डिटॉक्स ड्रिंक्स में अक्सर देखने को मिलता है. डॉ. मीरा का कहना है कि जूस, कोम्बुचा या प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स की तुलना में खिचड़ी कहीं ज्यादा बैलेंस्ड और भरोसेमंद विकल्प है, क्योंकि इसमें पोषण की कमी नहीं होती.

शरीर के लिए फायदेमंद

इसके अलावा खिचड़ी में हाइड्रेटिंग और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं. अगर शरीर में कहीं सूजन, थकान या अंदरूनी 'वेयर एंड टियर' है, तो खिचड़ी उसे ठीक करने में मदद करती है. यही वजह है कि इसे बीमारी, कमजोरी या रिकवरी के समय दिया जाता है. शायद इसी कारण इसे सिर्फ “बीमारों का खाना” मान लिया गया है, जबकि यह हर उम्र और हर मौसम के लिए फायदेमंद है.

खिचड़ी की सबसे खूबसूरत बात इसकी वर्सटाइल नेचर है. इसमें चावल की जगह मिलेट्स मिलाए जा सकते हैं, मूंग दाल के साथ दूसरी दालों का इस्तेमाल किया जा सकता है और सब्जियां, पनीर या शुद्ध घी मिलाकर इसे और भी पौष्टिक बनाया जा सकता है. यह हमारी पारंपरिक भारतीय समझ पर आधारित है, जिसे आज मॉडर्न साइंस भी पूरी तरह सपोर्ट करता है.

History of Samosa- Swaad Ka Safar | समोसे का इतिहास | जानें ईरान से भारत कैसे पहुंचा समोसा

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com