पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने माना कि इंग्लैंड के खिलाफ इस हफ्ते होने वाले आखिरी क्रिकेट टेस्ट से पहले उनकी टीम में बड़े बदलाव करने के फैसले से उन्हें हैरानी हुई. उन्होंने कहा कि यह अचानक लिया गया फ़ैसला उनके लिए "नई बात" थी. बाबर को इन बड़े बदलावों के बारे में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के आधिकारिक बयान के बाद ही पता चला. उन्होंने यह बात मंगलवार को एजबेस्टन टेस्ट की पूर्व संध्या पर कही है.
बाबर को नहीं थी पीसीबी के फैसले की भनक
सीरीज के तीसरे मुकाबले से पहले बाबर आजम जब मीडिया के सामने आए तो उनसे पाकिस्तान क्रिकेट टीम के सात खिलाड़ियों की छुट्टी पर सवाल हुआ. इस पर बाबर ने कहा,"यह मेरे लिए नई बात थी. मुझे इसके बारे में बाद में पता चला." "पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने यह फ़ैसला किया है, इसलिए वे ही इसे बेहतर ढंग से समझा पाएंगे. पीसीबी ने यह फ़ैसला ज़रूर सोच-समझकर लिया होगा. बेहतर होगा कि आप उनसे ही पूछें कि ऐसा क्यों किया गया."
लीड्स और लॉर्ड्स में बुरी तरह हारने के बाद पीसीबी ने टीम में बड़े बदलाव किए. उन्होंने सात खिलाड़ियों को घर वापस भेज दिया और हेड कोच सरफ़राज़ अहमद और उनके असिस्टेंट उमर गुल को हटा दिया. जिन नए खिलाड़ियों को बुलाया गया, उनमें से पाँच को टेस्ट खेलने का कोई अनुभव नहीं था. वहीं, एजबेस्टन में टीम की कमान संभालने के लिए व्हाइट-बॉल कोच माइक हेसन और एशले नोफ़के को शामिल किया गया.
खोने को कुछ भी नहीं- बाबर आजम
बाबर ने टीम में हुए इस बड़े बदलाव को खिलाड़ियों के लिए "अपना हुनर दिखाने" का एक नया मौका बताया. पाकिस्तान की मौजूदा टीम में से किसी भी खिलाड़ी ने, यहां तक कि बाबर ने भी, एजबेस्टन में कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है. उन्होंने आगे कहा,"सीरीज़ तो हम हार चुके हैं, लेकिन अब हमारे पास खोने के लिए कुछ नहीं है. हमें खुलकर खेलना चाहिए और एक टीम के तौर पर खुद पर भरोसा रखना चाहिए."
उंगली में चोट के कारण बाबर हेडिंग्ले में पारी की हार वाले मैच में नहीं खेल पाए थे और लॉर्ड्स में सिर्फ़ 8 और 6 रन ही बना सके थे, जहां पाकिस्तान को 194 रनों से हार का सामना करना पड़ा था. उन्होंने कहा कि सीनियर खिलाड़ियों को ही आगे बढ़कर टीम की अगुवाई करनी होगी. बाबर ने कहा,"मेरा पक्का मानना है कि मुश्किल हालात में मिले मौकों का फ़ायदा उठाना और अच्छा प्रदर्शन करना ज़रूरी है. हम क्रिकेट इसीलिए खेलते हैं, क्योंकि हमें मुश्किल हालात में अच्छा प्रदर्शन करना होता है और अपना दबदबा बनाना होता है. हमें पिछली नाकामियों को भूलकर भविष्य पर ध्यान देना चाहिए."
पाकिस्तान से कड़ी चुनौती मिली- जो रूट
इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने यह कहना "अपमानजनक" माना कि पाकिस्तान ने इस दौरे पर लड़ने का जज़्बा नहीं दिखाया. रूट ने कहा,"हमें पाकिस्तान से कड़ी चुनौती मिली है. मुझे लगता है कि ऐसा कहना पाकिस्तान और हमारी टीम, दोनों के लिए अपमान है." "मुझे नहीं लगता कि हमने उन्हें गेम में वापसी करने का मौका दिया है, क्योंकि हमने बहुत अच्छा खेला है और हालात व पिच को बहुत जल्दी समझा है."
जो रूट ने आगे कहा,"मुझे लगता है कि यह कहना बहुत आसान है कि एक टीम बहुत अच्छी है और दूसरी खराब. आम तौर पर सच्चाई बीच में कहीं होती है. अगर एक टीम ने शानदार खेल दिखाया है, तो दूसरी टीम खराब नहीं हो सकती और इसका उल्टा भी सच है."
कप्तान के तौर पर रूट की वापसी अच्छी रही है, लेकिन इस गर्मी में बल्ले से उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है. पांच टेस्ट मैचों में उनका औसत 29.44 रहा है, हालांकि पिचें ज़्यादातर सीम गेंदबाज़ों के पक्ष में रही हैं. पिछले सात टेस्ट मैचों में रूट नौ बार एलबीडब्लयू आउट हुए हैं और विकेटकीपर के स्टंप्स के पास खड़े होने पर उन्हें परेशानी हुई है, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें फ़ॉर्म में लौटने की चुनौती का सामना करना अच्छा लगता है.
उन्होंने कहा,"आप हमेशा सुधार के तरीके ढूंढते रहते हैं और हमेशा कुछ न कुछ चुनौती सामने आती रहती है. मुझे यह थोड़ा मुश्किल लगा है, लेकिन मुझे लगता है कि यही तो मज़ा है. आपको इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि क्या गलत हो सकता है. बल्कि यह सोचना चाहिए कि यह कुछ खास करने और अपने देश के लिए मैच जीतने का मौका है."
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