- चीन में सरकारी अधिकारियों के लिए पार्टी की निष्ठा और भ्रष्टाचार-विरोधी अनुशासन राजनीतिक करियर के लिए आवश्यक है
- सरकारी कर्मचारियों को विदेश यात्रा के लिए जटिल मंजूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है,
- तलाक और व्यक्तिगत रिश्तों पर भी पार्टी के कड़े नियम लागू होते हैं, जो अधिकारियों के करियर को प्रभावित करते हैं
चीन में बाकी चीजों की तरह प्यार पर भी बंदिशें हैं. चीन में, जो भी व्यक्ति किसी ऊंचे पद पर होता है, वह लगभग निश्चित रूप से पार्टी का सदस्य होता है, और पार्टी से निकाले जाने का मतलब है उस व्यक्ति के राजनीतिक करियर का अंत. अमेरिका समेत दूसरी सरकारों के भी अपने नियम और जानकारी देने की शर्तें होती हैं, लेकिन चीन में जिस बड़े पैमाने पर ये नियंत्रण लागू हैं और जितने लोग इससे प्रभावित होते हैं, वह बात हैरान करने वाली है. इसका असर सिर्फ सरकारी कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है.
चीन की फुदान यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में लगभग 7 करोड़ लोग सरकारी नौकरी में थे; इनमें सरकारी अस्पतालों, स्कूलों, यूनिवर्सिटी और सरकारी कंपनियों के कर्मचारी भी शामिल थे. इनमें से कुछ नियम बीजिंग की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की मुहिम का नतीजा हैं. जैसे-जैसे अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ चीन की रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता बढ़ रही है, बीजिंग ने जासूसी-रोधी अभियान का दायरा बढ़ा दिया है. सरकारी राज लीक होने की चिंताओं के बीच, वह विदेशी संबंधों को शक की नजर से देख रहा है.
सभी जांच के घेरे में
दूसरे नियम शी के खास भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान और सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति पूरी निष्ठा की मांग से निकले हैं. शी ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना पार्टी के बने रहने के लिए जरूरी है, और सत्ता में बने रहने की उसकी क्षमता कड़े अनुशासन और राजनीतिक वफादारी पर निर्भर करती है. भ्रष्टाचार-विरोधी मुहिम चीन के राजनीतिक सिस्टम के हर स्तर तक पहुंच गई है, जिसमें लाखों सीनियर नेता और आम अधिकारी इसकी चपेट में आ गए हैं. हाल के सालों में, यह मुहिम अभूतपूर्व स्तर पर तेज हुई है और सेना तथा राजनीतिक व्यवस्था के सबसे ऊंचे ओहदों तक फैल गई है. शी ने सात सदस्यों वाले सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के ज्यादातर सदस्यों को हटा दिया है या बाहर कर दिया है, जिससे अब सिर्फ वे और एक अन्य सदस्य ही बचे हैं. बेहद ताकतवर, 24 सदस्यों वाले पोलितब्यूरो में अब सिर्फ 21 सदस्य हैं.
CNN ने कई लोगों से इस पर बात की ताकि यह समझा जा सके कि एक प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी के बदले अपनी व्यक्तिगत आजादी छोड़ने का उनका अनुभव कैसा रहा. पार्टी के मामलों पर बात करने से जुड़ी संवेदनशीलता के कारण हम उनके नाम प्रकाशित नहीं कर रहे हैं. एक सूत्र ने बताया, "सत्ता का आकर्षण बहुत ज्यादा होता है. सिस्टम में आने का मतलब है लगभग एक अधिकारी बन जाना, और अधिकारी बनने का मतलब है दूसरों से ऊपर होना."
सरकारी पद पाने की होड़
हाल के वर्षों में सरकार या सरकारी संस्थानों में पद पाने की इच्छा बढ़ी है, क्योंकि प्राइवेट सेक्टर में मौके कम हो रहे हैं. दुनिया भर में आर्थिक अस्थिरता के कारण देश में बेचैनी बढ़ी है. प्रॉपर्टी संकट और युवाओं में ज्यादा बेरोजगारी की वजह से कुछ लोगों को यह लगने लगा है कि सरकारी नौकरी पाना ही सबसे अच्छा रास्ता है. पिछले साल, सिर्फ 38,100 खाली जगहों के लिए लगभग 37 लाख लोगों ने नेशनल पब्लिक सर्विस एग्जाम दिया. यानी हर पद के लिए लगभग 100 उम्मीदवार मुकाबला कर रहे थे, जिनमें चीन के कुछ सबसे होनहार और काबिल लोग भी शामिल थे.
आजकल कुछ लोग अपनी निजी जिंदगी में होने वाले समझौतों को समझते हुए भी इस विशाल पार्टी-स्टेट सिस्टम का हिस्सा बनते हैं, लेकिन पुरानी पीढ़ी के कई लोग, जिन्होंने अपना पूरा करियर इसी सिस्टम में बिताया है, वे अभी भी नए नियमों के हिसाब से ढलना सीख रहे हैं. चीन के एक पूर्व सरकारी अधिकारी ने CNN को बताया कि उन्होंने यूरोप की एक नामी यूनिवर्सिटी से अपने बेटे के ग्रेजुएशन समारोह में शामिल होने का प्लान बनाया था और इसके लिए टिकट भी खरीद लिया था. लेकिन अधिकारी के विभाग ने विदेश यात्रा के लिए उनकी अर्जी को मंजूरी नहीं दी.
उस व्यक्ति ने कहा कि उन्हें पता था कि यात्रा के लिए मंजूरी की जरूरत है, लेकिन उन्हें लगा कि छह महीने पहले सूचना देना कापी होगा और अगर वे सही प्रक्रिया का पालन करेंगे, तो उन्हें छुट्टी मिल जाएगी. हालांकि, आखिरकार उस पूर्व सरकारी कर्मचारी के देश छोड़ने पर रोक लगा दी गई. उन्होंने कहा, "शुरू में मुझे पता नहीं था कि मैं चीन नहीं छोड़ सकता... लेकिन जब मैंने कागजी कार्रवाई पूरी कर ली, तो उन्होंने मुझे बिल्कुल भी जाने नहीं दिया. मैं संगठन विभाग के प्रमुख के पास भी गया और कई अन्य लोगों से भी बात की, लेकिन उन सभी ने कहा कि यह एक 'रेड लाइन' (सीमा) है और किसी ने भी इसे पार करने की हिम्मत नहीं की."
विदेश यात्रा बहुत मुश्किल
चीन लंबे समय से अधिकारियों के विदेश जाने पर रोक लगाता रहा है, लेकिन हाल के सालों में ये पाबंदियां और भी ज्यादा लोगों पर लागू कर दी गई हैं. पिछले महीने के आखिर में बीजिंग ने देश में आने-जाने के नए नियम भी घोषित किए, जिनके बारे में कहा गया कि इनसे राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में मदद मिलेगी. इन नियमों को मौजूदा तौर-तरीकों को औपचारिक रूप देने और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की जानकारी रखने वाले लोगों की आवाजाही पर नियंत्रण कड़ा करने के तौर पर देखा जा रहा है, भले ही वे सरकारी क्षेत्र का हिस्सा न हों. सरकारी क्षेत्र में कड़े प्रतिबंध विदेशी जासूसों और भ्रष्टाचार-विरोधी मुहिम को लेकर बीजिंग की चिंता को दर्शाते हैं; इस मुहिम का मकसद अधिकारियों को सरकारी धन का गबन करके विदेश भागने से रोकना है.
इन नियमों के तहत, सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों के कर्मचारियों (जिनमें कुछ रिटायर हो चुके लोग भी शामिल हैं) को अपने निजी पासपोर्ट जमा करने होंगे और पहले से मंजूर यात्राओं के लिए उन्हें 'उधार' लेने के वास्ते आवेदन करना होगा. सूत्रों और प्रकाशित नियमों के अनुसार, इस मुश्किल और अस्पष्ट प्रक्रिया में प्रस्तावित यात्रा के दौरान जाने की जगहों, यात्रा की अवधि और गतिविधियों जैसी हर छोटी-बड़ी जानकारी साझा करनी होती है. एक बार मंजूरी मिलने के बाद, बिना इजाजत के आवेदक अपनी योजनाओं में कोई बदलाव नहीं कर सकते.
जिन अधिकारियों के परिवार के सदस्य विदेश में रहते हैं, वे लंबे समय से बीजिंग की भ्रष्टाचार-रोधी निगरानी संस्था के निशाने पर रहे हैं. यह निगरानी इसलिए की जाती है ताकि अवैध पैसे को विदेश भेजने का कोई मौका न रहे. हाल के वर्षों में नियम और सख्त हो गए हैं, और जिन अधिकारियों के बच्चे या जीवनसाथी दूसरे देशों में रहते हैं, वे प्रमोशन के लिए योग्य नहीं माने जाते. अब रिटायर हो चुके एक सरकारी कर्मचारी ने बताया कि उन्होंने इस गर्मी में यूरोप में अपने बेटे के पास जाने के लिए फिर से आवेदन किया था, लेकिन उनका आवेदन नामंजूर कर दिया गया. उन्हें बताया गया कि उन्हें कुछ साल इंतज़ार करना होगा, जिसके बाद उन्हें क्लीयरेंस की जरूरत नहीं पड़ेगी.
तलाक लेना भी मुश्किल
चीन में, तलाक की वजह से भी अधिकारियों की जांच-पड़ताल शुरू हो सकती है. सरकारी मीडिया ने ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट दी है जिनमें अधिकारियों ने अपराध से मिली कमाई को छिपाने के लिए तलाक ले लिया. एक मामले में, अनहुई प्रांत के एक सीनियर अधिकारी ने यह पता चलने पर कि उनकी जांच हो सकती है, जल्दबाजी में अपनी पत्नी से तलाक ले लिया. इसके बाद, उन्होंने गबन किए गए ज्यादातर पैसे अपनी पूर्व पत्नी को ट्रांसफर कर दिए ताकि संपत्ति की जांच से बचा जा सके. पार्टी के नियमों के अनुसार, अधिकारियों—खासकर लीडरशिप की भूमिका निभाने वालों—को अपनी वैवाहिक स्थिति में बदलाव की जानकारी देनी होती है. इससे उन पर नजर रखी जा सकती है और भ्रष्टाचार से जुड़े किसी भी संबंध की जांच की जा सकती है. रिश्तों और शादी के मामले में, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सदस्यों पर आम तौर पर और भी कड़े प्रतिबंध होते हैं.
शादी से पहले, PLA सदस्यों को अपने पार्टनर की प्रोफाइल राजनीतिक बैकग्राउंड की जांच के लिए जमा करनी होती है. यह नियम चीन के शीर्ष सैन्य निकाय, सेंट्रल मिलिट्री कमीशन ने 2021 में जारी किया था. अगर वे अलग होते हैं, तो स्थिति और भी जटिल हो जाती है. अगर दोनों पक्ष PLA के सदस्य हैं, तो उनके रिश्ते में आई दरार को सुलझाने के लिए सीनियर अधिकारियों को दखल देना होगा, और कपल को मिलिट्री की मंजूरी मिलने पर ही सिविल डिवोर्स मिल सकता है, जिसमें ज्यादा समय लग सकता है.
शादी और प्यार पर बंदिशें
थिंक टैंक 'मेरिक्स' से जुड़ी ड्रिनहाउजेन ने CNN को बताया कि पार्टी के अंदर सदस्यों की नैतिक छवि तय करने में तलाक या शादी जैसे मामलों को भी ध्यान में रखा जा सकता है. उन्होंने कहा, "अगर आप सेना में हैं, तो आपको यह पक्का कर लेना चाहिए कि आप उसी व्यक्ति से शादी कर रहे हैं, जिससे आप सबसे ज्यादा प्यार करते हैं." दूसरे देशों में भले ही अफेयर को शर्मनाक या गपशप का विषय माना जाए, लेकिन चीन की पार्टी व्यवस्था में इसके कारण आपका पूरा करियर खत्म हो सकता है. कम्युनिस्ट पार्टी के अनुशासनात्मक नियमों में साफ तौर पर कहा गया है कि अगर पार्टी का कोई सदस्य "किसी दूसरे व्यक्ति के साथ अनुचित यौन संबंध बनाता है और इससे बुरा असर पड़ता है", तो उसे पार्टी से निकाला जा सकता है.
यहां तक कि सहकर्मियों के बीच दोस्ती पर भी नजर रखी जा सकती है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए CNN ने जिस सूत्र की पहचान उजागर नहीं की है, उसने बताया कि सहकर्मियों को ग्रुप डिनर में शामिल होने से रोका जाता है. उस व्यक्ति ने कहा, "अगर हम साथ मिलकर खाना नहीं खाएंगे और बातचीत नहीं करेंगे, तो हमारे रिश्ते दूर हो जाएंगे. अब मुझे अपने सहकर्मियों के साथ करीबी दोस्त बनने की उम्मीद नहीं है – हालांकि पहले कुछ ऐसे लोग थे जो दोस्त थे."
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