- भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सर्जिकल और एयर स्ट्राइक की कार्रवाई की, जिससे पाकिस्तान को कई बार पीछे हटना पड़ा
- पाकिस्तान ने सऊदी अरब और तुर्की के साथ डिफेंस पैक्ट किया है, जिससे सामरिक सहयोग मजबूत हुआ है
- भारत 2027 तक अपनी सेना को आधुनिक बनाने और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन पर जोर दे रहा है
आज ही भारत और पाकिस्तान आजाद हुए. महात्मा गांधी से लेकर भारत के सभी नेता एक देश चाहते थे, मगर मोहम्मद अली जिन्ना की जिद ने देश के दो टुकड़े कर दिए. बंटवारे के बाद दंगों, फिर कश्मीर में घुसैपठ, 1965 और 1971 की जंग. इसी जंग में पाकिस्तान को एहसास हो गया कि जंग लड़कर वो भारत से नहीं जीत सकता.
आतंकवाद और ऑपरेशन
फिर उसने आतंकवाद का रास्ता चुना. कश्मीर में युवाओं को आतंकवाद के रास्ते पर ले गया. मगर 1999 में सेनाध्यक्ष परवेज मुशरर्फ ने पाकिस्तान की सत्ता हाथ में लेने के लिए कारगिल में अपनी सेना को बगैर वर्दी भेज दी. इरादा था कि जीत के बाद वो हीरो बनेंगे और फिर पूरा पाकिस्तान उनका कब्जे में हुआ. मगर भारत ने फिर पाकिस्तान को भागने पर मजबूर कर दिया. फिर पाकिस्तान ने आतंकवाद को कश्मीर से भारत के कोने-कोने में पहुंचाकर डराने की कोशिश की.

मुंबई से लेकर दिल्ली तक कई आतंकवादी घटनाएं हुईं. मोदी सरकार बनी तो कुछ दिन पाकिस्तान चुप बैठा मगर फिर टेस्ट करने लगा. 2016 में उड़ी और पठानकोट में हमले हुए. जवाब में भारत ने जमीनी सर्जिकल स्ट्राइक की. फिर 2019 में पुलवामा हमला हुआ. इसके बाद एयर सर्जिकल स्ट्राइक हुई. इसके बाद पाकिस्तान ने 25 अप्रैल 2025 को पहलगाम में आतंकवादी हमला किया. जवाब में ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ. चार दिनों में ही पाकिस्तानी सेना ने युद्धविराम की गुहार लगाई और तब जाकर युद्ध रुका. मगर ऑपरेशन सिंदूर जारी है. इस बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब और तुर्की के साथ डिफेंस पैक्ट कर लिया है. इस पैक्ट के तहत एक देश पर हमला तीनों देशों पर माना जाएगा. पाकिस्तानी सेना के फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ-साथ शहबाज शरीफ भी भारत को जब-तब धमकी दे रहे हैं.
किस बात से पाकिस्तान चिंतित
इस बीच पाकिस्तानी डिफेंस एक्सपर्ट कमर चीमा ने अपनी सेना और सरकार को चेताया है. उनका कहना है कि भारत 2027 के विजन पर काम कर रहा है. भारत लॉन्ग टर्म मॉडर्नाइजेशन स्ट्रेटजी पर काम कर रहा है. इसके तहत एक स्ट्रक्चरर्ड शॉर्ट, मीडियम एंड लॉन्ग टर्म मिलिट्री ट्रांसफॉर्मेशन पर काम हो रहा है. पाकिस्तान और भारत दोनों लगातार अपनी सेना को आधुनिक बनाने पर काम कर रहे हैं. पाकिस्तान इसलिए तैयारी कर रहा है कि पाकिस्तान को भारत से खतरा है.

कमर चीमा
चीमा का दावा है कि भारत हमेशा कुछ अरसे बाद पाकिस्तान पर हमले करता रहता है. मगर भारत को ऐसा क्यों करना पड़ता है, ये चीमा शायद सोचना नहीं चाहते. चीमा का कहना है कि अब भारत एक इंटीग्रेटेड फोर्स बनाना चाहता है. साथ ही भारत 2047 तक इंडजीनस प्रोडक्शन चाहता है. इंडिया समझता है कि अगर पाकिस्तान से लॉन्ग टर्म लड़ाई करनी है तो सेल्फ रिलायंस चाहिए. मतलब खुद के हथिया. अभी जैसे पिनाका, ब्रम्होस जैसी मिसाइलें इन्होंने बना ली हैं. अब ये उससे भी आगे बढ़ रहे हैं. पाकिस्तान को इसे बहुत केयरफुली वॉच करना चाहिए. ये हथियार बनाने के लिए कई देशों से पार्टनरशिप कर रहे हैं और आगे भी करेंगे.
दुआ करुंगा इंडिया से मामलात खराब ना हो
चीमा का कहना है कि भारत 81 बिलियन डॉलर डिफेंस पुश कर रहा है. इंडिया ने इस दफा भी डिफेंस बजट बढ़ाया है. 15-16% डिफेंस बजट बढ़ाने से प्राइम मिनिस्टर मोदी की जो नेशनल सिक्योरिटी डॉक्ट्रिन है वो एक्सप्लेन होती है. डिफेंस पर भारत कोई 2.19 ट्रिलियन डॉलर खर्च कर रहा है और मुझे ये लगता है कि ये डिफेंस बजट पाकिस्तान से रीसेंट कॉन्फ्लिक्ट का नतीजा है. भारत को अब नये वेपन सिस्टम लेने हैं. 114 फाइटर जेट्स लेने पर काम कर रहे हैं. फिर तेजस भी खरीदने वाले हैं.

तेजस फाइटर जेट
भारत 180 तेजस 1.1 ट्रिलियन रुपये में खरीदने वाला है. ये कोई मजाक नहीं है. एयरो इंजन या वॉरशिप्स एंड सबमरीन्स पर खर्च कर रहे हैं. पाकिस्तान को चीन छोड़कर किसी दूसरे देश से हथियार नहीं लेने दे रहे. पाकिस्तान के पास चीन का 81 फीसदी रक्षा सामान है. भारत ने 12 न्यूक्लियर वॉर हेड्स ऑन न्यूक्लियर पावर सबमरीन्स तैनात कर दिए हैं. ये गर्मियों में इस दफा इन्होंने किया है. ट्राइड के ऊपर उन्होंने पहले ही काम किया हुआ है. पाकिस्तान के लिए एक बड़ी मुश्किल रेस बना दी है. मैं तो यही दुआ करुंगा कि इंडिया से मामलात खराब ना हो. इंडिया और पाकिस्तान के पास कोई चॉइस नहीं है.
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