- बेल्जियम में एक सामाजिक संस्था की बिल्डिंग की मरम्मत के दौरान मजदूरों को 99 करोड़ रुपये मूल्य का सोना मिला
- सोना एक तहखाने में छिपाकर रखा गया था, जिसमें नंबर वाले बिस्कुट और पुराने सिक्के शामिल थे
- पुलिस ने सोने को जब्त कर सुरक्षित स्थान पर रखा और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर इसकी कानूनी जांच कर रहे हैं
बेल्जियम में गजब घटना हुई है. घर मरम्मत करते वक्त अचानक मजदूरों को 99 करोड़ रुपये का सोना मिल गया. मजदूरों ने इतनी भारी मात्रा में सोना देखकर तत्काल पुलिस को सूचना दी. मगर पुलिस पहुंचती उससे पहले ही सोना देखने वालों की भीड़ जुट गई.
किसने ढूंढा सोना
VRT न्यूज के अनुसार, यह सोना सोशल वर्क ऑर्गनाइजेशन CAW Oost-Vlaanderen की एक बिल्डिंग की मरम्मत के दौरान हुई. कंस्ट्रक्शन कंपनी 'De Brand' के कर्मचारियों को यह खजाना मिला और उन्होंने तुरंत अपने क्लाइंट और पुलिस को इसकी जानकारी दी. CAW Oost-Vlaanderen के गीर्ट हिलार्ट ने बताया, "इस सोने में नंबर वाले सोने के बिस्कुट और पुराने सोने के सिक्के शामिल हैं, जो तहखाने में रखे एक संदूक में छिपाकर रखे गए थे." उन्होंने खुद भी यह खजाना देखा, लेकिन उन्हें इसकी बारीकी से जांच करने का समय नहीं मिला. उन्होंने बताया, "इसे देखकर सबसे पहले हैरानी और आश्चर्य हुआ. यह जिंदगी में एक बार मिलने वाला अनुभव है."

घर में इतनी संख्या में सोने के सिक्के मिले हैं.
पुलिस क्या बता रही
पुलिस ने सोना अपनी कस्टडी में ले लिया और उसे एक सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया. ईस्ट फ्लैंडर्स के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अब इस मामले की जांच कर रहे हैं. एक प्रवक्ता ने कहा, "अभी यह पता नहीं है कि सोना कहां से आया है और न ही कानूनी नजरिए से यह पता है कि यह किसका है." पब्लिक प्रॉसिक्यूटर का ऑफिस यह पता लगाना चाहता है कि सोना उस जगह पर कैसे पहुंचा और क्या उसे वहां गैर-कानूनी तरीके से रखा गया था. इसलिए, अभी यह पता नहीं है कि CAW Oost-Vlaanderen उस सोने का मालिक बनेगा या नहीं.

किसे मिलेगा सोना
हिलार्ट ने कहा, "जहां तक हमें पता है, यह सोना किसी तरह की धोखाधड़ी का नतीजा हो सकती है और सोने को वहां छिपाकर रखा गया था. अगर यह सोना हमें मिलता है तो हम इससे पूरे ईस्ट फ्लैंडर्स में अपने टारगेट ग्रुप बेघर और गरीब लोगों के लिए घर बनाएंगे. यह उस बड़ी जरूरत को पूरा करने में मदद करने के लिए एक बहुत अच्छा तोहफा होगा, जिसका हम रोज सामना करते हैं." बेल्जियम के कानून के तहत असली मालिक के पास इस सोने पर अपना दावा करने के लिए पांच साल हैं. अगर तब तक कोई सामने नहीं आता है, तो सिविल कानून के तहत जिसकी जमीन पर सोना मिला उसके मालिक और खोजने वालों के बीच बराबर-बराबर बांट दिया जाएगा. मगर, इसमें भी एक पेंच है कि यह साबित होना चाहिए कि यह सोना किसी अपराध से जुड़ा हुआ नहीं है.
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