- सीएम कन्यादान योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की कन्याओं के विवाह पर 30000 रुपये की मदद दी जाती है.
- योजना के लिए कन्या और झारखंड का स्थायी निवासी होना आवश्यक है और कन्या की न्यूनतम आयु अठारह वर्ष होनी चाहिए.
- यह योजना विशेष रूप से BPL, कम आय वाले व जरूरतमंद परिवारों की कन्या के पहले विवाह पर लागू होती है.
Jharkhand Mukhyamantri Kanyadan Yojana 2026: शादी-विवाह के सीजन की शुरुआत के साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों के विवाह का खर्च जुटाना एक बड़ी चुनौती बन जाता है. ऐसे में झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (Chief Minister Kanyadan Yojana) गरीब परिवारों के लिए मददगार साबित हो रही है, जिसके तहत पात्र कन्या के विवाह पर सरकार 30,000 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर करती है. पलामू जिले में इस वित्तीय वर्ष यानी 2026-27 में अब तक 144 लाभार्थियों के खातों में राशि भेजी जा चुकी है.
शादी-विवाह के दिनों में गरीब परिवारों पर वित्तीय दबाव काफी बढ़ जाता है. इसी समस्या को दूर करने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से झारखंड सरकार की ओर से मुख्यमंत्री कन्यादान योजना चलाई जा रही है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पैसों की तंगी की वजह से किसी भी बेटी की शादी में अड़चन न आए. योजना के तहत कागजातों और पात्रता की जांच के बाद पात्र लाभार्थियों को 30,000 रुपये की नकद सहायता सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से बैंक खाते में डाल दी जाती है.
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पलामू जिले में 144 लाभार्थियों को मिले 30-30 हजार रुपये
पलामू जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान जिले में अब तक 144 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में 30-30 हजार रुपये की वित्तीय सहायता सफलतापूर्वक भेजी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के लिए जिले में कुल 439 पात्र लाभार्थियों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है. लिहाजा, नए आवेदनों की जांच और भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, ताकि सभी पात्र परिवारों को जल्द से जल्द योजना का लाभ मिल सके.
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की पात्रता शर्तें
- आवेदक परिवार और कन्या को झारखंड राज्य का स्थायी निवासी होना आवश्यक है.
- विवाह के समय कन्या की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और वर (दूल्हे) की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी अनिवार्य है.
- कन्या का नाम परिवार के राशन कार्ड जैसे अंत्योदय, प्राथमिकता प्राप्त गृहस्थ या सफेद कार्ड और झारखंड की मतदाता सूची में दर्ज होना चाहिए.
- यह सहायता केवल कन्या के पहले विवाह के लिए दी जाती है. हालांकि, नियमानुसार अनाथ, विधवा विवाह या विशेष परिस्थिति में छूट का प्रावधान है.
- योजना मुख्य रूप से बीपीएल श्रेणी, कम आय वाले और जरूरतमंद परिवारों के लिए लक्षित है.
कहां और कैसे करें आवेदन
इच्छुक आवेदक अपने निकटतम बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कार्यालय, स्थानीय प्रखंड कार्यालय या जिला समाज कल्याण कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं.
संबंधित कार्यालय से विहित प्रपत्र प्राप्त कर उसमें अपनी पूरी जानकारी भरें.
आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें
- कन्या एवं वर का आधार कार्ड
- आयु प्रमाण पत्र
- झारखंड का निवास प्रमाण पत्र
- राशन कार्ड की छायाप्रति
- मतदाता पहचान पत्र
- कन्या का बैंक पासबुक ब्योरा
- विवाह निबंधन प्रमाण पत्र
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फॉर्म जमा होने के बाद महिला पर्यवेक्षिका और विभागीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन किया जाता है. सत्यापन सफल होने पर राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है. हालांकि, केवल आवेदन करने से भुगतान की गारंटी नहीं होती है. विभागीय जांच में सभी दस्तावेज सही पाए जाने पर ही राशि स्वीकृत की जाती है. इच्छुक आवेदक अपने प्रखंड या सीडीपीओ कार्यालय से संपर्क कर वर्तमान स्थिति की जानकारी ले सकते हैं.
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