NDTV World Summit 2026 का असर अब देश के बड़े अखबारों में भी दिख रहा है. पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुर्खियों में रहा, तो दूसरे दिन RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की टाटा संस की लिस्टिंग पर दिए गए बयान ने सबका ध्यान खींचा. बीते दो दिन The Indian Express, The Times of India और Hindustan Times जैसे अखबारों ने NDTV समिट में हुई बातचीत को अपने कवर पेज पर छापा. आइए जानते हैं, दो दिनों के इस समिट में ऐसा क्या हुआ, जो देशभर में चर्चा का विषय बन गया.
दो दिन तक अखबारों में छाया NDTV वर्ल्ड समिट
नई दिल्ली में 22 और 23 अक्टूबर को NDTV वर्ल्ड समिट 2026 का आयोजन हुआ. इस बार समिट की थीम 'A World Between Orders' थी. इसमें दुनिया के बड़े नेता, पॉलिसीमेकर्स, अर्थशास्त्री, बिजनेस लीडर्स, इनोवेटर्स और कला-संस्कृति से जुड़ी हस्तियां शामिल हुईं. इस समिट में चर्चा का मुख्य मुद्दा दुनिया में बदलती व्यवस्था और उभरती नई चुनौतियां थीं.
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PM मोदी के भाषण ने पहले दिन बटोरी सुर्खियां
22 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट में अपना संबोधन दिया. अगले दिन लगभग हर अखबारों में उनके दिए भाषण को फ्रंड पेज हेडलाइन के तौर पर जगह मिली. पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया की व्यवस्था बदल रही है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थान इन बदलावों के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं.उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार, तकनीक और समुद्री रास्तों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है. इसे पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान युद्ध और दूसरे संघर्षों के संदर्भ में देखा गया.
पीएम मोदी ने प्राचीन भारतीय अर्थशास्त्री चाणक्य के एक संस्कृत वाक्य का भी जिक्र किया. इसका मतलब था कि जब कानून का डर खत्म हो जाता है, तो ताकतवर कमजोर पर हावी होने लगता है.
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
पीएम मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने असफल प्रोडक्ट को लॉन्च करने के लिए देश को कितने समय तक दांव पर लगाती रहेगी. उन्होंने श्रीहरिकोटा के स्पेस सेंटर में होने वाले रॉकेट लॉन्च की तुलना कांग्रेस की ओर से अपने नेता को लॉन्च करने की कोशिशों से की. उन्होंने यह भी दावा किया कि नेहरू-गांधी परिवार कांग्रेस के लिए बोझ बन गया है. उनके मुताबिक, पार्टी के कई वरिष्ठ नेता निजी बातचीत में भी इस बात पर सहमति जताते हैं.
Tata Sons की लिस्टिंग पर RBI गवर्नर का आया बयान
समिट के दूसरे दिन टाटा संस की लिस्टिंग पर RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा का बयान सुर्खियों में रहा. The Times of India ने लिखा कि अपर-लेयर NBFCs को लिस्ट होना होगा. The Indian Express ने इसे Tata Sons की संभावित लिस्टिंग से जोड़कर फ्रंड पेज पर छापा. Dainik Jagran ने भी Tata Sons के शेयर बाजार में लिस्ट होने की संभावना पर खबर छापी. वहीं, Hindustan Times ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर की गई टिप्पणी को जगह दी.
RBI गवर्नर ने क्या कहा?
समिट में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा से पूछा गया कि क्या RBI टाट संस की लिस्टिंग पर अड़ा हुआ है या कंपनी को दूसरे विकल्पों पर विचार करने की छूट दी जा सकती है.उन्होंने किसी एक कंपनी पर टिप्पणी करने से इनकार किया. हालांकि, उन्होंने नियम समझाते हुए कहा कि NBFCs और CICs को RBI में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है, क्योंकि ये ग्रुप कंपनियों के ऊपर होती हैं और इनके जरिए जुटाए गए फंड से पूरे सिस्टम पर जोखिम पैदा हो सकता है. इसमें बैंक और कॉरपोरेट बॉन्ड के जरिए मिलने वाला पैसा भी शामिल है.
किन कंपनियों के लिए लिस्टिंग जरूरी है?
गवर्नर ने कहा कि अगर किसी CIC का सीधे या किसी दूसरे तरीके से पब्लिक फंड से कोई लेना-देना नहीं है, तो उसे RBI में रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होती. उन्होंने साफ किया कि यह एक सामान्य नियम की बात है, किसी खास कंपनी पर टिप्पणी नहीं.लेकिन जो CIC अपर-लेयर में आती है और सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से फंड जुटाती है, उसके लिए नियम स्पष्ट है. उसे RBI में रजिस्ट्रेशन कराना होगा और अपर-लेयर में होने पर शेयर बाजार में लिस्ट होना भी जरूरी है.
इसी वजह से Tata Sons की लिस्टिंग का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया. NDTV World Summit की बातचीत का असर राजनीति से लेकर कारोबार तक, देश के बड़े अखबारों की सुर्खियों में दिखाई दिया. एक तरफ जहां पीएम मोदी के संबोधन को वैश्विक कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया, वहीं RBI गवर्नर के बयान को कॉरपोरेट जगत और शेयर बाजार के लिहाज से बेहद अहम खबर के तौर पर कवर किया गया है.
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