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Ravish Kumar University

'Ravish Kumar University' - 59 News Result(s)
  • Delhi University में छात्रसंघ चुनाव शुक्रवार को, हिंसा के बीच ABVP और  NSUI में आरोप-प्रत्यारोप

    Delhi University में छात्रसंघ चुनाव शुक्रवार को, हिंसा के बीच ABVP और NSUI में आरोप-प्रत्यारोप

    कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि ABVP के लोग महिला कॉलेज में घुस रहे हैं. लेकिन पुलिस हमारे ही लोगों को पकड़ रही है. एबीवीपी कैंपस में हिंसा का माहौल बना रही है.

  • दिल्ली यूनिवर्सिटी ने जारी की CSAS की पहली आवंटन सूची

    दिल्ली यूनिवर्सिटी ने जारी की CSAS की पहली आवंटन सूची

    दिल्ली विश्वविद्यालय ने कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम की पहली आवंटन सूची जारी कर दिया है. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे सभी अपडेट और शेड्यूल के लिए नियमित रूप से दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रवेश (admission.nod.ac.in) की जांच करते रहें.

  • अभी तक अटकी हुई है केंद्रीय विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षा

    अभी तक अटकी हुई है केंद्रीय विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षा

    हम एडीएम के के सिंह के इस लाठीचार्ज पर लौट कर आ रहे हैं लेकिन पहले उनसे भी बड़े ओहदे पर विराजमान देश के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की बात कर लेते हैं। उनके बेटे के खिलाफ हत्या का मुकदमा तो चल ही रहा है, उनके खिलाफ भी चल रहा है। उस केस को 22 साल हो गए मगर फैसला नहीं आ रहा है।

  • गर्व का पर्व, गर्व ही गर्व और गर्म ही गर्म...

    गर्व का पर्व, गर्व ही गर्व और गर्म ही गर्म...

    भारत में पर्व की कमी नहीं है मगर गर्व की कमी थी. व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी ने कई साल लगाकर पहले बेरोज़गारी और आर्थिक तंगी में डूबे लोगों के अतीत की हीन भावना का बोध कराया फिर उन्हें वर्तमान आर्थिक हीनता से निकालने के लिए गर्व का गेम थमा दिया. 

  • भाषण और उद्घाटन से यूनिवर्सिटी नहीं चलती

    भाषण और उद्घाटन से यूनिवर्सिटी नहीं चलती

    भारतीय प्रबंध संस्थान  (Indian Institute of Management) का निदेशक बनने के लिए बीए में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है. इससे दुखी होने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि इसके बाद भी निदेशक बना जा सकता है. विश्व गुरु भारत में 2017 से यह विवाद चल रहा है. IIM रोहतक के निदेशक धीरज शर्मा की बीए की डिग्री का पता नहीं चल रहा है. इंडियन एक्स्प्रेस की ऋतिका चोपड़ा ने लिखा है कि केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने दो-दो बार पत्र लिखा लेकिन डिग्री का पता नहीं चला और अब तो निदेशक जी का पांच साल का कार्यकाल भी समाप्त होने वाला है. निदेशक से रिपोर्टर ने संपर्क भी किया लेकिन जवाब नहीं दिया. 

  • परीक्षा कैंसल नहीं होगी, परीक्षा की तैयारी कीजिए, सरकार कराएगी

    परीक्षा कैंसल नहीं होगी, परीक्षा की तैयारी कीजिए, सरकार कराएगी

    यूजीसी ने कहा है कि विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं के आयोजन का काम यूजीसी का है न कि किसी राज्य सरकार का. यूजीसी ने फिर से कहा है कि वह सितंबर तक परीक्षाओं के आयोजन के हक़ में है जो कि छात्रों के भविष्य के हितों के मद्देनज़र सही है.यूजीसी ने यह भी कहा कि बिना परीक्षा के मिली डिग्री को मान्यता नहीं दी जा सकती. या

  • प्रदर्शन के मौलिक अधिकार पर बंदिश, रोजगार के अधिकार पर चुप्पी

    प्रदर्शन के मौलिक अधिकार पर बंदिश, रोजगार के अधिकार पर चुप्पी

    यूनिवर्सिटी कैंपस में विरोध प्रदर्शन को दबाने के नाम पर तरह-तरह के नियम बनाए जा रहे हैं. ये सारे नियम सुप्रीम कोर्ट के ही फैसले के खिलाफ खड़े नज़र आते हैं, जिसने 2018 में कहा था कि प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है. ज़रा-ज़रा सी बात पर छात्र को हॉस्टल से बाहर किया जा रहा है और कहा जा रहा है कि हॉस्टल में भाषण देने से पहले डीन से अनुमति लेनी होगी.

  • जेएनयू और जामिया के बीच भेदभाव क्यों किया गया?

    जेएनयू और जामिया के बीच भेदभाव क्यों किया गया?

    इसके बाद भी 5 जनवरी की शाम को जिस दिन हिंसा हुई थी, उस दिन जेएनयू प्रशासन उस हिंसा के खिलाफ एफआईआर नहीं कराता है. दिल्ली पुलिस अपनी तरफ से स्वत: संज्ञान लेते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराती है. इस एफआईआर का कुछ हिस्सा पढ़ना चाहता हूं.

  • जामिया नगर में रविवार की हिंसा कैसे भड़क गई?

    जामिया नगर में रविवार की हिंसा कैसे भड़क गई?

    लोगों को तय करना है कि आईटी सेल के तर्कों के हिसाब से सोचना है या अपने हिसाब से सोचना है. अभी कहा जा रहा है कि जामिया के छात्रों को बहकाया गया है, छात्रों का काम पढ़ना है, प्रदर्शन करना नहीं है. क्या आप वाकई यह मानते हैं कि छात्र सिर्फ बहकावे और उकसावे पर प्रदर्शन कर रहे हैं? पढ़ाई को लेकर जब दिल्ली यूनिवर्सिटी के एडहॉक शिक्षक प्रदर्शन करते हैं तब तो कोई नहीं बोलता. देश भर के करोड़ों नौजवान सरकारी नौकरी की परीक्षा और यूनिवर्सिटी की परीक्षा को लेकर भी आंदोलन करते हैं, लाठियां खाते हैं. कोई ध्यान नहीं देता है.

  • बिना इंटरनेट कश्मीर में पत्रकारिता सूनी और डीयू में कैसे जी रहे हैं शिक्षक

    बिना इंटरनेट कश्मीर में पत्रकारिता सूनी और डीयू में कैसे जी रहे हैं शिक्षक

    कश्मीर में आम लोगों के लिए 120 दिनों से इंटरनेट बंद है. पांच अगस्त से इंटरनेट बंद है. कश्मीर टाइम्स की अनुराधा भसीन ने दस अगस्त को सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी कि बगैर इंटरनेट के पत्रकार अपना मूल काम नहीं कर पा रहे हैं तो उन्हें छूट मिलनी चाहिए. इस केस को लेकर पहली सुनवाई 16 अगस्त हुई और नवंबर के महीने तक चली. बहस पूरी हो चुकी है और फैसले का इंतज़ार है. मगर बगैर इंटरनेट के कश्मीर के पत्रकार क्या कर रहे हैं. वे कैसे खबरों की बैकग्राउंड चेकिंग के लिए तथ्यों का पता लगा रहे हैं. दुनिया में यह अदभुत प्रयोग हो रहा है. न्यूयार्कर को इसी पर रिसर्च करना चाहिए कि बगैर इंटरनेट के अखबार छप सकते हैं. कश्मीर के न्यूज़ रूम में इंटरनेट बंद है लेकिन सरकार ने पत्रकारों के लिए एक मीडिया सुविधा केंद्र बनाया है.

  • रवीश कुमार का ब्‍लॉग : JNU ने छात्रों के बीच एक सपना दिखाया है कि यूनिवर्सिटी JNU जैसी होनी चाहिए

    रवीश कुमार का ब्‍लॉग : JNU ने छात्रों के बीच एक सपना दिखाया है कि यूनिवर्सिटी JNU जैसी होनी चाहिए

    हर दौर में जेएनयू बरकार रहे. जेएनयू को बदनाम करने की कोशिशें चलती रहेंगी लेकिन इस यूनिवर्सिटी ने वाकई छात्रों के बीच एक सपना दिखाया है कि यूनिवर्सिटी जेएनयू जैसी होनी चाहिए.

  • रवीश कुमार का ब्‍लॉग : आपके लिए भी दरवाज़े खुल सकते हैं, कोशिश तो कीजिए

    रवीश कुमार का ब्‍लॉग : आपके लिए भी दरवाज़े खुल सकते हैं, कोशिश तो कीजिए

    स्वाति जिस मशीन पर काम करती है उसका नाम है AOSLO Adaptive optics scanning laser ophthalmoscope. दुनिया भर में बहुत कम जगहों पर रिसर्च के लिए यह मशीन है. अधिक से अधिक दस जगहों पर होगी. आम तौर पर डॉक्टर आंखों के आले से यानी ophthalmoscope से कुछ हिस्से को नहीं देख पाते हैं.

  • ऐसी लाइब्रेरी और अध्ययन कक्ष आपने किसी हिन्दी प्रदेश में देखी है?

    ऐसी लाइब्रेरी और अध्ययन कक्ष आपने किसी हिन्दी प्रदेश में देखी है?

    हिन्दी प्रदेशों के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है बस उनमें निखार न आए इसका इंतज़ाम सिस्टम और समाज ने कर रखा है. सैंकड़ों किलोमीटर तक लाइब्रेरी नज़र नहीं आएगी. इसे बीते ज़माने का बताया जाता है. मैं अमरीका के सैन फ़्रांसिस्को में हूं. यहां यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया, बर्कले की लाइब्रेरी की रीडिंग रूम की तस्वीर दिखाना चाहता हूं. 

  • गुप्त काल पर इतिहास लिखने के लिए संदर्भ सूची, आप भी पढ़ें और इतिहासकार बनें

    गुप्त काल पर इतिहास लिखने के लिए संदर्भ सूची, आप भी पढ़ें और इतिहासकार बनें

    कभी ख़ुद से पूछिएगा. छात्र जीवन में खपे नौजवानों का कितना प्रतिशत इतिहास पढ़ता होगा. इतिहास में प्राचीन इतिहास कितने पढ़ते होंगे. पूरा जीवन लगा देंगे तो भी आप प्राचीन इतिहास के सारे पहलुओं के बारे में जान नहीं सकेंगे.

  • रवीश कुमार का ब्लॉग: 'सर सैय्यद डे' पर AMU के एक छात्र डॉ. शोएब अहमद से मुलाकात

    रवीश कुमार का ब्लॉग: 'सर सैय्यद डे' पर AMU के एक छात्र डॉ. शोएब अहमद से मुलाकात

    अलीगढ़ के छात्रों को पता भी है या नहीं कि उनके लिए कोई हसन कमाल साहब इतना सोचते हैं. उनके कारण कुछ ऐसे ही जुनूनी लोगों से मुलाक़ात हुई जो अपने छात्रों की हर संभव मदद के लिए बेताब थे. पैसे और हुनर दोनों से मदद करने के लिए. हसन कमाल वैसे तो बेहद ख़ूबसूरत भी हैं और इंसान भी बड़े अच्छे. अपने काम करने के शहर के चप्पे चप्पे से जानते हैं जैसे कोई अलीगढ़ का छात्र अपने शहर की गलियों को जानता होगा. उनकी मुस्तैदी का क़ायल हो गया. हाथ में एक घड़ी पहन रखी है. आई-फोन वाली. कदमों का हिसाब रखते हैं. शायद इसीलिए फिट भी हैं.

'Ravish Kumar University' - 73 Video Result(s)
'Ravish Kumar University' - 59 News Result(s)
  • Delhi University में छात्रसंघ चुनाव शुक्रवार को, हिंसा के बीच ABVP और  NSUI में आरोप-प्रत्यारोप

    Delhi University में छात्रसंघ चुनाव शुक्रवार को, हिंसा के बीच ABVP और NSUI में आरोप-प्रत्यारोप

    कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि ABVP के लोग महिला कॉलेज में घुस रहे हैं. लेकिन पुलिस हमारे ही लोगों को पकड़ रही है. एबीवीपी कैंपस में हिंसा का माहौल बना रही है.

  • दिल्ली यूनिवर्सिटी ने जारी की CSAS की पहली आवंटन सूची

    दिल्ली यूनिवर्सिटी ने जारी की CSAS की पहली आवंटन सूची

    दिल्ली विश्वविद्यालय ने कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम की पहली आवंटन सूची जारी कर दिया है. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे सभी अपडेट और शेड्यूल के लिए नियमित रूप से दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रवेश (admission.nod.ac.in) की जांच करते रहें.

  • अभी तक अटकी हुई है केंद्रीय विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षा

    अभी तक अटकी हुई है केंद्रीय विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षा

    हम एडीएम के के सिंह के इस लाठीचार्ज पर लौट कर आ रहे हैं लेकिन पहले उनसे भी बड़े ओहदे पर विराजमान देश के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की बात कर लेते हैं। उनके बेटे के खिलाफ हत्या का मुकदमा तो चल ही रहा है, उनके खिलाफ भी चल रहा है। उस केस को 22 साल हो गए मगर फैसला नहीं आ रहा है।

  • गर्व का पर्व, गर्व ही गर्व और गर्म ही गर्म...

    गर्व का पर्व, गर्व ही गर्व और गर्म ही गर्म...

    भारत में पर्व की कमी नहीं है मगर गर्व की कमी थी. व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी ने कई साल लगाकर पहले बेरोज़गारी और आर्थिक तंगी में डूबे लोगों के अतीत की हीन भावना का बोध कराया फिर उन्हें वर्तमान आर्थिक हीनता से निकालने के लिए गर्व का गेम थमा दिया. 

  • भाषण और उद्घाटन से यूनिवर्सिटी नहीं चलती

    भाषण और उद्घाटन से यूनिवर्सिटी नहीं चलती

    भारतीय प्रबंध संस्थान  (Indian Institute of Management) का निदेशक बनने के लिए बीए में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है. इससे दुखी होने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि इसके बाद भी निदेशक बना जा सकता है. विश्व गुरु भारत में 2017 से यह विवाद चल रहा है. IIM रोहतक के निदेशक धीरज शर्मा की बीए की डिग्री का पता नहीं चल रहा है. इंडियन एक्स्प्रेस की ऋतिका चोपड़ा ने लिखा है कि केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने दो-दो बार पत्र लिखा लेकिन डिग्री का पता नहीं चला और अब तो निदेशक जी का पांच साल का कार्यकाल भी समाप्त होने वाला है. निदेशक से रिपोर्टर ने संपर्क भी किया लेकिन जवाब नहीं दिया. 

  • परीक्षा कैंसल नहीं होगी, परीक्षा की तैयारी कीजिए, सरकार कराएगी

    परीक्षा कैंसल नहीं होगी, परीक्षा की तैयारी कीजिए, सरकार कराएगी

    यूजीसी ने कहा है कि विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं के आयोजन का काम यूजीसी का है न कि किसी राज्य सरकार का. यूजीसी ने फिर से कहा है कि वह सितंबर तक परीक्षाओं के आयोजन के हक़ में है जो कि छात्रों के भविष्य के हितों के मद्देनज़र सही है.यूजीसी ने यह भी कहा कि बिना परीक्षा के मिली डिग्री को मान्यता नहीं दी जा सकती. या

  • प्रदर्शन के मौलिक अधिकार पर बंदिश, रोजगार के अधिकार पर चुप्पी

    प्रदर्शन के मौलिक अधिकार पर बंदिश, रोजगार के अधिकार पर चुप्पी

    यूनिवर्सिटी कैंपस में विरोध प्रदर्शन को दबाने के नाम पर तरह-तरह के नियम बनाए जा रहे हैं. ये सारे नियम सुप्रीम कोर्ट के ही फैसले के खिलाफ खड़े नज़र आते हैं, जिसने 2018 में कहा था कि प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है. ज़रा-ज़रा सी बात पर छात्र को हॉस्टल से बाहर किया जा रहा है और कहा जा रहा है कि हॉस्टल में भाषण देने से पहले डीन से अनुमति लेनी होगी.

  • जेएनयू और जामिया के बीच भेदभाव क्यों किया गया?

    जेएनयू और जामिया के बीच भेदभाव क्यों किया गया?

    इसके बाद भी 5 जनवरी की शाम को जिस दिन हिंसा हुई थी, उस दिन जेएनयू प्रशासन उस हिंसा के खिलाफ एफआईआर नहीं कराता है. दिल्ली पुलिस अपनी तरफ से स्वत: संज्ञान लेते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराती है. इस एफआईआर का कुछ हिस्सा पढ़ना चाहता हूं.

  • जामिया नगर में रविवार की हिंसा कैसे भड़क गई?

    जामिया नगर में रविवार की हिंसा कैसे भड़क गई?

    लोगों को तय करना है कि आईटी सेल के तर्कों के हिसाब से सोचना है या अपने हिसाब से सोचना है. अभी कहा जा रहा है कि जामिया के छात्रों को बहकाया गया है, छात्रों का काम पढ़ना है, प्रदर्शन करना नहीं है. क्या आप वाकई यह मानते हैं कि छात्र सिर्फ बहकावे और उकसावे पर प्रदर्शन कर रहे हैं? पढ़ाई को लेकर जब दिल्ली यूनिवर्सिटी के एडहॉक शिक्षक प्रदर्शन करते हैं तब तो कोई नहीं बोलता. देश भर के करोड़ों नौजवान सरकारी नौकरी की परीक्षा और यूनिवर्सिटी की परीक्षा को लेकर भी आंदोलन करते हैं, लाठियां खाते हैं. कोई ध्यान नहीं देता है.

  • बिना इंटरनेट कश्मीर में पत्रकारिता सूनी और डीयू में कैसे जी रहे हैं शिक्षक

    बिना इंटरनेट कश्मीर में पत्रकारिता सूनी और डीयू में कैसे जी रहे हैं शिक्षक

    कश्मीर में आम लोगों के लिए 120 दिनों से इंटरनेट बंद है. पांच अगस्त से इंटरनेट बंद है. कश्मीर टाइम्स की अनुराधा भसीन ने दस अगस्त को सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी कि बगैर इंटरनेट के पत्रकार अपना मूल काम नहीं कर पा रहे हैं तो उन्हें छूट मिलनी चाहिए. इस केस को लेकर पहली सुनवाई 16 अगस्त हुई और नवंबर के महीने तक चली. बहस पूरी हो चुकी है और फैसले का इंतज़ार है. मगर बगैर इंटरनेट के कश्मीर के पत्रकार क्या कर रहे हैं. वे कैसे खबरों की बैकग्राउंड चेकिंग के लिए तथ्यों का पता लगा रहे हैं. दुनिया में यह अदभुत प्रयोग हो रहा है. न्यूयार्कर को इसी पर रिसर्च करना चाहिए कि बगैर इंटरनेट के अखबार छप सकते हैं. कश्मीर के न्यूज़ रूम में इंटरनेट बंद है लेकिन सरकार ने पत्रकारों के लिए एक मीडिया सुविधा केंद्र बनाया है.

  • रवीश कुमार का ब्‍लॉग : JNU ने छात्रों के बीच एक सपना दिखाया है कि यूनिवर्सिटी JNU जैसी होनी चाहिए

    रवीश कुमार का ब्‍लॉग : JNU ने छात्रों के बीच एक सपना दिखाया है कि यूनिवर्सिटी JNU जैसी होनी चाहिए

    हर दौर में जेएनयू बरकार रहे. जेएनयू को बदनाम करने की कोशिशें चलती रहेंगी लेकिन इस यूनिवर्सिटी ने वाकई छात्रों के बीच एक सपना दिखाया है कि यूनिवर्सिटी जेएनयू जैसी होनी चाहिए.

  • रवीश कुमार का ब्‍लॉग : आपके लिए भी दरवाज़े खुल सकते हैं, कोशिश तो कीजिए

    रवीश कुमार का ब्‍लॉग : आपके लिए भी दरवाज़े खुल सकते हैं, कोशिश तो कीजिए

    स्वाति जिस मशीन पर काम करती है उसका नाम है AOSLO Adaptive optics scanning laser ophthalmoscope. दुनिया भर में बहुत कम जगहों पर रिसर्च के लिए यह मशीन है. अधिक से अधिक दस जगहों पर होगी. आम तौर पर डॉक्टर आंखों के आले से यानी ophthalmoscope से कुछ हिस्से को नहीं देख पाते हैं.

  • ऐसी लाइब्रेरी और अध्ययन कक्ष आपने किसी हिन्दी प्रदेश में देखी है?

    ऐसी लाइब्रेरी और अध्ययन कक्ष आपने किसी हिन्दी प्रदेश में देखी है?

    हिन्दी प्रदेशों के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है बस उनमें निखार न आए इसका इंतज़ाम सिस्टम और समाज ने कर रखा है. सैंकड़ों किलोमीटर तक लाइब्रेरी नज़र नहीं आएगी. इसे बीते ज़माने का बताया जाता है. मैं अमरीका के सैन फ़्रांसिस्को में हूं. यहां यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया, बर्कले की लाइब्रेरी की रीडिंग रूम की तस्वीर दिखाना चाहता हूं. 

  • गुप्त काल पर इतिहास लिखने के लिए संदर्भ सूची, आप भी पढ़ें और इतिहासकार बनें

    गुप्त काल पर इतिहास लिखने के लिए संदर्भ सूची, आप भी पढ़ें और इतिहासकार बनें

    कभी ख़ुद से पूछिएगा. छात्र जीवन में खपे नौजवानों का कितना प्रतिशत इतिहास पढ़ता होगा. इतिहास में प्राचीन इतिहास कितने पढ़ते होंगे. पूरा जीवन लगा देंगे तो भी आप प्राचीन इतिहास के सारे पहलुओं के बारे में जान नहीं सकेंगे.

  • रवीश कुमार का ब्लॉग: 'सर सैय्यद डे' पर AMU के एक छात्र डॉ. शोएब अहमद से मुलाकात

    रवीश कुमार का ब्लॉग: 'सर सैय्यद डे' पर AMU के एक छात्र डॉ. शोएब अहमद से मुलाकात

    अलीगढ़ के छात्रों को पता भी है या नहीं कि उनके लिए कोई हसन कमाल साहब इतना सोचते हैं. उनके कारण कुछ ऐसे ही जुनूनी लोगों से मुलाक़ात हुई जो अपने छात्रों की हर संभव मदद के लिए बेताब थे. पैसे और हुनर दोनों से मदद करने के लिए. हसन कमाल वैसे तो बेहद ख़ूबसूरत भी हैं और इंसान भी बड़े अच्छे. अपने काम करने के शहर के चप्पे चप्पे से जानते हैं जैसे कोई अलीगढ़ का छात्र अपने शहर की गलियों को जानता होगा. उनकी मुस्तैदी का क़ायल हो गया. हाथ में एक घड़ी पहन रखी है. आई-फोन वाली. कदमों का हिसाब रखते हैं. शायद इसीलिए फिट भी हैं.

'Ravish Kumar University' - 73 Video Result(s)