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सुप्रीम कोर्ट में इस साल नहीं होगी AoR परीक्षा, जानें वकीलों के लिए क्यों है जरूरी और किसे होगा नुकसान
- Thursday April 30, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: सुभाषिनी त्रिपाठी
सुप्रीम कोर्ट जाने वाले वकीलों को लगा झटका. साल 2026 की AoR परीक्षा रद्द कर दी गई है. जानें क्यों लिया गया यह फैसला और अब कब होगी अगली परीक्षा.
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रेप से गर्भवती होने पर डिलीवरी के लिए बाध्य नहीं कर सकते, कानून में हो बदलाव: SC
- Thursday April 30, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: प्रभांशु रंजन
कोर्ट ने कहा कि इस मामले में नाबालिग के हित और अधिकार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, भले ही यह एमटीपी कानून की समय-सीमा से परे क्यों न हो. अदालत ने माना कि गर्भ जारी रखना उसके लिए “गंभीर मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक आघात” का कारण बन सकता है.
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पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत मिलेगी या नहीं? सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित, दोनों पक्षों की दलीलें जानें
- Thursday April 30, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: श्वेता गुप्ता
Pawan Khera Hearing: सुप्रीम कोर्ट में पवन खेड़ा के वकील ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश में कई गलतियां हैं. इसमें कहा गया है कि खेड़ा को गिरफ्तार किया जाना चाहिए,क्योंकि वह धारा 339 के तहत दोषी हैं. जबकि धारा 339 जमानती है, यह न तो एफआईआर में है और न ही पुलिस शिकायत में. यह सिर्फ न्यायाधीश की मनमानी है.
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35 साल से चल रहा ट्रायल, नाराज सुप्रीम कोर्ट ने की पुलिस अफसर के खिलाफ कार्यवाही रद्द
- Thursday April 30, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: तिलकराज
सुप्रीम कोर्ट ने 35 वर्षों से लंबित आपराधिक मामले में पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई रद्द की, ट्रायल में गंभीर देरी को न्याय के खिलाफ माना. मामला 1989 का था जिसमें दंगा, मारपीट, अपमान और रेलवे अधिनियम के तहत आरोप थे, लेकिन अभियोजन पक्ष ने कोई गवाह पेश नहीं किया.
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बेल या जेल? कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का क्या होगा, आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
- Thursday April 30, 2026
- Edited by: Satyakam Abhishek
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के जमानत पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है. गुवाहाटी हाईकोर्ट के आदेश को कांग्रेस नेता ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है.
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9 साल से ट्रायल लंबित: सुप्रीम कोर्ट ने सीधे दी जमानत, कहा- हैरानी की बात
- Thursday April 30, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव
सुप्रीम कोर्ट ने 9 साल से जेल में बंद एक अंडरट्रायल आरोपी को सीधे जमानत देते हुए कहा कि स्पीडी ट्रायल का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है, जिसे केवल अपराध की गंभीरता के आधार पर नहीं छीना जा सकता.
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सबरीमाला मामले में सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी- "सुधार के नाम पर धर्म को खत्म नहीं किया जा सकता"
- Thursday April 30, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: तिलकराज
सबरीमला केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुधार के नाम पर धर्म खत्म नहीं किया जा सकता और धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों को पूरी तरह न्यायिक बहस का विषय नहीं बनाया जा सकता।
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Teesta Setalvad News: सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को सुप्रीम कोर्ट भी झटका, पासपोर्ट रिलीज करने से इनकार
- Wednesday April 29, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: मो. इफ्तेखार अहमद
Teesta Setalvad Passport News: अदालत ने कहा कि यदि विदेश यात्रा करनी है, तो पासपोर्ट आवश्यक है, लेकिन बिना किसी ठोस योजना के इसे वापस नहीं किया जा सकता. साथ ही यह भी कहा कि पासपोर्ट नवीनीकरण से जुड़े मुद्दों पर उचित समय पर अलग से निर्देश दिए जा सकते हैं. हालांकि, पीठ ने यह भी माना कि मामला मौलिक अधिकारों से जुड़ा है और इसे अनदेखा नहीं किया जाएगा.
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सबरीमाला केस: धर्म को समाज सुधार के नाम पर खोखला नहीं कर सकते, देवता को मानोगे तो परंपरा भी माननी होगी-सुप्रीम कोर्ट
- Wednesday April 29, 2026
- Reported by: नूपुर डोगरा, Edited by: विश्वनाथ सैनी
सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की बेंच ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि सुधार के नाम पर धर्म को खत्म नहीं किया जा सकता और श्रद्धालु अपनी मर्जी से धार्मिक परंपराओं को 'पिक एंड चूज' नहीं कर सकते. बेंच ने ऐतिहासिक संदर्भों और धार्मिक स्वायत्तता को बनाए रखने पर जोर दिया है.
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सुप्रीम कोर्ट के जज को क्यों याद आए गालिब, क्या दरगाह में महिलाएं प्रवेश नहीं कर सकतीं
- Wednesday April 29, 2026
- Written by: नूपुर डोगरा
सुप्रीम कोर्ट में इन दिनों सबरीमाला मामले में आए फैसले पर दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है. यह सुनवाई नौ जजों का एक संविधान पीठ कर रहा है. इस सुनवाई के दौरान मंगलवार को एक जज ने शायर गालिब का एक शेर पढ़ा. ऐसा क्यों हुआ बता रही हैं नूपुर डोगरा.
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सुप्रीम कोर्ट में इस साल नहीं होगी AoR परीक्षा, जानें वकीलों के लिए क्यों है जरूरी और किसे होगा नुकसान
- Thursday April 30, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: सुभाषिनी त्रिपाठी
सुप्रीम कोर्ट जाने वाले वकीलों को लगा झटका. साल 2026 की AoR परीक्षा रद्द कर दी गई है. जानें क्यों लिया गया यह फैसला और अब कब होगी अगली परीक्षा.
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रेप से गर्भवती होने पर डिलीवरी के लिए बाध्य नहीं कर सकते, कानून में हो बदलाव: SC
- Thursday April 30, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: प्रभांशु रंजन
कोर्ट ने कहा कि इस मामले में नाबालिग के हित और अधिकार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, भले ही यह एमटीपी कानून की समय-सीमा से परे क्यों न हो. अदालत ने माना कि गर्भ जारी रखना उसके लिए “गंभीर मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक आघात” का कारण बन सकता है.
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- Thursday April 30, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: श्वेता गुप्ता
Pawan Khera Hearing: सुप्रीम कोर्ट में पवन खेड़ा के वकील ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश में कई गलतियां हैं. इसमें कहा गया है कि खेड़ा को गिरफ्तार किया जाना चाहिए,क्योंकि वह धारा 339 के तहत दोषी हैं. जबकि धारा 339 जमानती है, यह न तो एफआईआर में है और न ही पुलिस शिकायत में. यह सिर्फ न्यायाधीश की मनमानी है.
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35 साल से चल रहा ट्रायल, नाराज सुप्रीम कोर्ट ने की पुलिस अफसर के खिलाफ कार्यवाही रद्द
- Thursday April 30, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: तिलकराज
सुप्रीम कोर्ट ने 35 वर्षों से लंबित आपराधिक मामले में पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई रद्द की, ट्रायल में गंभीर देरी को न्याय के खिलाफ माना. मामला 1989 का था जिसमें दंगा, मारपीट, अपमान और रेलवे अधिनियम के तहत आरोप थे, लेकिन अभियोजन पक्ष ने कोई गवाह पेश नहीं किया.
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बेल या जेल? कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का क्या होगा, आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
- Thursday April 30, 2026
- Edited by: Satyakam Abhishek
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के जमानत पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है. गुवाहाटी हाईकोर्ट के आदेश को कांग्रेस नेता ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है.
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9 साल से ट्रायल लंबित: सुप्रीम कोर्ट ने सीधे दी जमानत, कहा- हैरानी की बात
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सुप्रीम कोर्ट ने 9 साल से जेल में बंद एक अंडरट्रायल आरोपी को सीधे जमानत देते हुए कहा कि स्पीडी ट्रायल का अधिकार अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है, जिसे केवल अपराध की गंभीरता के आधार पर नहीं छीना जा सकता.
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सबरीमाला मामले में सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी- "सुधार के नाम पर धर्म को खत्म नहीं किया जा सकता"
- Thursday April 30, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: तिलकराज
सबरीमला केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुधार के नाम पर धर्म खत्म नहीं किया जा सकता और धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों को पूरी तरह न्यायिक बहस का विषय नहीं बनाया जा सकता।
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- Wednesday April 29, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: मो. इफ्तेखार अहमद
Teesta Setalvad Passport News: अदालत ने कहा कि यदि विदेश यात्रा करनी है, तो पासपोर्ट आवश्यक है, लेकिन बिना किसी ठोस योजना के इसे वापस नहीं किया जा सकता. साथ ही यह भी कहा कि पासपोर्ट नवीनीकरण से जुड़े मुद्दों पर उचित समय पर अलग से निर्देश दिए जा सकते हैं. हालांकि, पीठ ने यह भी माना कि मामला मौलिक अधिकारों से जुड़ा है और इसे अनदेखा नहीं किया जाएगा.
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सबरीमाला केस: धर्म को समाज सुधार के नाम पर खोखला नहीं कर सकते, देवता को मानोगे तो परंपरा भी माननी होगी-सुप्रीम कोर्ट
- Wednesday April 29, 2026
- Reported by: नूपुर डोगरा, Edited by: विश्वनाथ सैनी
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