- दिल्ली दंगा मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका कई बार खारिज हो चुकी है
- 2020 के दिल्ली दंगों में शरजील इमाम और उमर खालिद को अगस्त और सितंबर 2020 में UAPA केस में गिरफ्तार किया गया था
- 2022 में ट्रायल कोर्ट और 2025 में दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों की नियमित जमानत याचिकाएं खारिज की थीं
Delhi Riot Case: सुप्रीम कोर्ट उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज करने वाले फैसले पर पुनर्विचार करेगा. कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत से इनकार करने के फैसले को बड़ी बेंच में भेज दिया है. ये पहली बार नहीं है जब उमर और शरजील की जमानत याचिका खारिज हुई है. पहले भी कई बार दोनों की जमानत याचिका अदालत से नामंजूर हो चुकी है. पूरी कहानी डिटेल में जानिए.
2020 को उमर खालिद गिरफ्तार
23 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे शुरू हुए, जिनमें 53 लोगों की मौत हुई थी. इस मामले में साजिशकर्ता के रूप में शरजील इमाम की भूमिका सामने आने के बाद अगस्त 2020 में उसे UAPA केस में गिरफ्तार किया गया था. दिल्ली दंगा केस में बड़ी साजिश मामले में अगले ही महीने यानी कि सितंबर 2020 को उमर खालिद को भी गिरफ्तार कर लिया गया.
2022 में उमर, शरजील की जमानत याचिकाएं खारिज
इस मामले में 16 सितंबर 2020 को दिल्ली पुलिस ने UAPA और IPC धाराओं के तहत पहली चार्जशीट दाखिल की. 2022 में ट्रायल कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम समेत कई आरोपियों की नियमित जमानत याचिकाएं खारिज की. दिल्ली हाई कोर्ट ने मई 2024 को शरजील इमाम को उसके भाषणों से जुड़े एक अलग केस में जमानत दी, लेकिन वह UAPA केस में जेल बना रहा.
2025 में भी उमर, शरजील को लगा झटका
9 जुलाई 2025 को दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा. 2 सितंबर 2025 को हाई कोर्ट ने उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं. 10 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा. 5 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज की, जबकि कुछ अन्य आरोपियों को राहत दी गई थी.
उमर खालिद को बेल ना दिए जाने पर सवाल
18 मई 2026 को एक दूसरे मामले में सुप्रीम कोर्ट की दूसरी बेंच ने उमर खालिद को बेल ना दिए जाने पर सवाल उठाए. 22 मई को सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद मामले से उठे UAPA में जमानत के कानूनी मानदंडों के सवाल को बड़ी बेंच को भेजा.
जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस उज्ज्वल भुयान की अध्यक्षता वाली बेंच ने उमर खालिद के फैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि इसमें देरी के आधार पर जमानत नहीं दी गई. वहीं उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज करने वाली बेंच ने कहा कि समान शक्ति वाली बेंच इतनी कड़ी टिप्पणी नहीं कर सकती. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि उमर खालिद के फैसले का मकसद पहले के फैसलों को कमजोर करना नहीं था, बल्कि इसने विधायी मंशा को बरकरार रखा. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि इसे समझना जरूरी है.
2020 के दिल्ली दंगा मामले में आरोपी हैं उमर, शरजील
सुप्रीम कोर्ट ने 22 मई की सुनवाई में ये संकेत दिया कि वह 2020 के दिल्ली दंगे के दोनों आरोपियों को अंतरिम जमानत दे सकता है. कोर्ट ने कहा कि वह दिल्ली पुलिस की इस दलील पर विचार करेगा कि यूएपीए मामलों में जमानत के कानूनी प्रश्न को एक वृहद् पीठ के पास भेजा जाए, क्योंकि इस मामले पर विरोधाभासी विचार हैं. जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने संकेत दिया कि पूरी संभावना है कि वह 2020 के दिल्ली दंगों के दो आरोपियों को जमानत देने पर विचार करेगी.
ये भी पढ़ें-सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत से इनकार करने के फैसले को बड़ी बेंच में भेजा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं