विज्ञापन

शराब कांच की बोतल में ही क्यों रखी जाती है? जानें टेट्रा पैक में इसे पीना कितना सही

Wine Glass Bottle vs Tetra Pack: आजकल शराब को ट्रेटा पैकेट्स में रखा जा रहा है, जिस पर बवाल मचा हुआ है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि शराब को कांच की बोतल में ही क्यों रखा जाता है और सुप्रीम कोर्ट में टेट्रा पैक शराब पर बवाल क्यों मचा है.

शराब कांच की बोतल में ही क्यों रखी जाती है? जानें टेट्रा पैक में इसे पीना कितना सही
शराब को कांच की बोतल में ही क्यों रखा जाता है

Wine Glass Bottle vs Tetra Pack: गर्मियों के इस मौसम में जब आप कोल्ड ड्रिंक या जूस की दुकान पर जाते हैं, तो आपको छोटे-छोटे कागज के डिब्बे (Tetra Pack) दिखते हैं. अब शराब भी इन्हीं पैकेट्स में आने लगी हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस शराब को हमेशा भारी-भरकम कांच की बोतलों में रखा जाता था, वो अब धीरे-धीरे इन छोटे पैकेटों में क्यों आने लगी है. सबसे बड़ा सवाल कि कांच को छोड़कर इन पैकेटों में शराब बेचना कितना सही है. आजकल ये मामला देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. आइए जानते हैं आखिर शराब को कांच की बोतल में ही क्यों रखा जाता है, टेट्रा पैक में शराब पीना कितना सही है और कोर्ट में इस पर क्या बवाल मचा है.

1. केमिकल रिएक्शन नहीं होता है

शराब को सालों से कांच की बोतलों में रखने के पीछे साइंस है. इसके मुख्य रूप से तीन बड़े कारण हैं. जिनमें से पहला कारण केमिकल रिएक्शन से बचाना होता है.कांच एक ऐसी चीज है जो किसी भी लिक्विड के साथ कोई रिएक्शन नहीं करता है. शराब में अल्कोहल और कई तरह के एसिड होते हैं. अगर इसे प्लास्टिक या किसी और चीज में लंबे समय तक रखा जाए, तो उसका स्वाद और क्वालिटी दोनों खराब हो सकते हैं, लेकिन कांच में ये सालों-साल सुरक्षित रहती है.

2. तापमान मेंटेन रहता है 

कांच की बोतलें बाहर की गर्मी को तुरंत अंदर नहीं पहुंचने देती है. इससे शराब का तापमान स्थिर रहता है और वो जल्दी खराब नहीं होती, सालों साल चलती है.

3. प्रीमियम और सेफ फील

कांच को रीसायकल करना आसान है और यह पर्यावरण को प्लास्टिक की तरह नुकसान नहीं पहुंचाता, इस वजह से भी इसे कांच की बोतल में रखने की परंपरा रही है.

टेट्रा पैक में फिर क्यों बिकने लगी शराब

कंपनियां मुनाफे और आसानी के चक्कर में शराब को टेट्रा पैक या छोटे सैशे (पाउच) में बेचने लगी हैं. इसके पीछे उनका तर्क होता है कि इन्हें लाने-ले जाने में टूटने का डर नहीं होता है. इनका वजन कम होता है, जिससे ट्रांसपोर्ट का खर्चा बचता है. ये कांच की बोतल के मुकाबले काफी सस्ते पड़ते हैं.

सुप्रीम कोर्ट तक क्यों पहुंचा मामला और टेट्रा पैक में शराब पीना क्यों सही नहीं

'कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकन ड्राइविंग' नाम की एक संस्था ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर छोटे पैकेटों वाली शराब पर पूरी तरह बैन लगाने की मांग की है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस भेजकर जवाब भी मांगा है. अदालत में जो बातें सामने आईं, उन्हें जानकर हर पैरेंट्स को सावधान हो जाना चाहिए.

1. बच्चों के 'फ्रूट जूस' जैसा लुक

याचिका में कहा गया है कि कंपनियां शराब के टेट्रा पैक को बिल्कुल वैसा ही बना रही हैं जैसे बच्चों के पीने वाले आम या सेब के जूस के डिब्बे होते हैं. इन पर 'चिली मैंगो' या 'एप्पल थ्रिल' जैसे नाम लिखे जा रहे हैं और फलों की रंगीन तस्वीरें छापी जा रही हैं. इस भ्रामक पैकिंग के कारण कम उम्र के बच्चे भी धोखे से या छिपकर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि देखने में ये सिर्फ एक नॉर्मल जूस का पैकेट लगता है.

2. 'हेल्थ वॉर्निंग' का गायब होना

आपने देखा होगा कि सिगरेट की डिब्बी या शराब की बड़ी बोतल पर साफ-साफ लिखा होता है कि 'शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है.'लेकिन इन छोटे टेट्रा पैक पर ऐसी कोई चेतावनी ठीक से नहीं छापी जा रही है, जो कि नियमों के खिलाफ है.

3. तस्करी और गाड़ी चलाते समय पीना आसान

वकीलों ने कोर्ट को बताया कि इन छोटे पैकेटों को जेब या गाड़ी के डैशबोर्ड में छिपाना बहुत आसान है. लोग चलती गाड़ियों में भी इसे आसानी से पी सकते हैं, जिससे रोड एक्सीडेंट का खतरा बढ़ता है. साथ ही, एक राज्य से दूसरे राज्य में शराब की तस्करी करना भी बच्चों का खेल बन गया है.

छत पर शीशे लगाने से क्या खत्म हो जाता है गर्मी का असर? ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं ये बात

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Wine Glass Bottle Vs Tetra Pack, Alcohol In Tetra Pack, Alcohol Packaging Controversy, Wine In Tetra Pack
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com