हाल ही में इंडियन सीरीज फाइनल में भारतीय जैवलिन थ्रो इवेंट में एक और थ्रोअर ने अपना कमाल किया और 80.73 मीटर दूर थ्रो फेंक कर अपना नाम उन जैवलिन थ्रोअर में शामिल कर लिया जिन्होंने 80 मीटर दूर भाला फेंकने में कामयाबी हासिल की थी. तमिलनाडु के मनोज कुमार ने इंडियन सीरीज़ फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की जैवलिन थ्रो इवेंट में 80.73 मीटर का अपना अब तक का सबसे बेहतरीन थ्रो किया और दूसरा स्थान हासिल किया. इस प्रदर्शन के साथ, वह 80 मीटर का आंकड़ा पार करने वाले 21वें भारतीय जैवलिन थ्रोअर और ऐसा करने वाले तमिलनाडु के पहले जैवलिन थ्रोअर बन गए हैं.

21 साल के जैवलिन थ्रोअर ने अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में काफ़ी सुधार किया और 77.82 मीटर से 80.73 मीटर तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की. उनका यह प्रदर्शन पुरुषों की जैवलिन थ्रो में भारत के बढ़ते दबदबे को और मज़बूत करता है, नीरज चोपड़ा के बाद अब भारत में रोहित यादव के अलावा दूसरे जैवलिन थ्रोअर भी बेहतरीन परफॉर्मेंस कर
तेज गेंदबाज के तौर पर शुरू किया था करियर लेकिन बन गए जैवलिन थ्रोअर
मनोज की इस उपलब्धि का मतलब यह भी है कि इस सीजन में आठ भारतीय जैवलिन थ्रोअर 80 मीटर का आंकड़ा पार कर चुके हैं, जो देश में मौजूद बेहतरीन टैलेंट को दर्शाता है. कभी तेज गेंदबाज रहे मनोज कुमार ने महामारी के दौरान जैवलिन थ्रो को अपनाया और इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कई चुनौतियों का सामना किया, जिनमें सीमित संसाधन और चोट जैसी परेशानियां शामिल थीं. उनका हालिया थ्रो उन्हें भारतीय एथलेटिक्स में उभरते हुए नामों में से एक के तौर पर स्थापित कर रहा है.
80 मीटर से ज्यादा दूर भाला फेंकने वाले भारत के टॉप-20 जैवलिन थ्रोअर (पर्सनल बेस्ट के आधार पर)
- नीरज चोपड़ा – 90.23m+
- रोहित यादव – 87.05m
- शिवपाल सिंह – 86.23m
- सचिन यादव – 86m+
- दविंदर सिंह कांग – 84.57m
- डी.पी. मनु – 84.35m
- विपिन कसाना – 82.51m
- राजेंद्र सिंह – 82.23m
- यश वीर सिंह – 82.13m
- विक्रांत मलिक – 81.82m
- शिवम सतीश कुमार – 81.71m
- किशोर जेना – 81.05m
- मनोज कुमार – 80.73m
- अनिल कुमार सिंह – 80.72m
- साहिल सिलवाल – 80.65m
- आनंद सिंह – 80.57m
- रामनदीप सिंह – 80.56m
- सचिन (80m क्लब सदस्य) – 80.27m
- राजेश कुमार/बिंद – 80.14m
- अर्शदीप सिंह – 80m+
कौन है मनोज कुमार
तमिलनाडु के मनोज कुमार भारतीय जैवलिन थ्रो में उभरते हुए नए सितारों में से एक हैं. 21 साल के इस एथलीट ने नई दिल्ली में हुई इंडियन एथलेटिक्स सीरीज़ फाइनल में 80.73 मीटर का अपना अब तक का सबसे अच्छा थ्रो करके सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. इसके साथ ही वे 80 मीटर का आंकड़ा पार करने वाले 21वें भारतीय जैवलिन थ्रोअर बन गए. वे यह उपलब्धि हासिल करने वाले तमिलनाडु के पहले एथलीट भी बने.

तेज गेंदबाज भी रह चुके हैं
दिलचस्प बात यह है कि कोविड-19 महामारी के दौरान जैवलिन थ्रो अपनाने से पहले मनोज क्रिकेट में तेज़ गेंदबाज़ थे. शुरुआती सालों में कोचिंग की सीमित मदद के बावजूद, उन्होंने महान थ्रोअर जान जेलेजनी और एंड्रियास थोरकिल्डसेन के वीडियो देखकर खेल सीखा. मनोज का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा. बड़ी सफलता हासिल करने से पहले उन्होंने साधारण उपकरणों के साथ ट्रेनिंग की, चोटों का सामना किया और अपेंडिक्स की सर्जरी से भी उबरकर वापसी की. इस सीजन में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 77.82 मीटर से बेहतर करके 80.73 मीटर तक पहुंचाया और भारत के उभरते हुए जैवलिन टैलेंट के तौर पर अपनी पहचान बनाई.
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