Glasgow 2026 Closing Ceremony: ग्लासगो में एक यादगार चैप्टर खत्म होने के साथ, एक नया सफ़र शुरू होता है, कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन के साथ ही भारत ने दुनिया को अहमदाबाद आने का एक शानदार न्योता दिया. समापन समारोह के मंच पर भारत के प्राचीन दर्शन, आधुनिक कला और सांस्कृतिक भव्यता का अनूठा संगम देखने को मिला और इसके साथ ही 2030 में अहमदाबाद में होने वाले खेलों के शताब्दी संस्करण की यात्रा आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई. समापन समारोह में ग्लास्गो ने कॉमनवेल्थ गेम्स की बैटन भारत को सौंपी. कॉमनवेल्थ गेम्स की बैटन लेने के लिए मंच पर पीटी उषा और नीरज चोपड़ा मौजूद थे. यह एक ऐसा पल था जिसका भारतीय काफी समय से इंतजार कर रहे थे. नीरज को जब कॉमनवेल्थ गेम्स की बैटन मिली तो उनके चेहरे पर गर्व के भाव साफ तौर पर देखे जा सकते थे.
As an unforgettable chapter closes in Glasgow, a new journey begins.
— Team India (@WeAreTeamIndia) August 2, 2026
With memories made, history written, and hearts full of pride, we now turn our eyes to the future.
As the Commonwealth Sport Flag is handed over to our delegation—athlete representative and two-time Olympic… pic.twitter.com/EhBGchn21q

इससे पहले संगीत और नृत्य के ताने बाने में तैयार किये गए अद्भुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भारत की पहचान ऐसे देश के रूप में रखी जहां परंपरा और आधुनिकता साथ में बसते हैं . किंग चार्ल्स तृतीय के प्रतिनिधि प्रिंस एडवर्ड (ड्यूक आफ एडिनबर्ग) ने खेलों के समापन की औपचारिक घोषणा की. न्होंने कहा ,‘‘ जिस तरह से आपने प्रतिस्पर्धा की, खेलों का आयोजन किया और समर्थन किया , उसके लिये धन्यवाद..आपने आज एक बार फिर राष्ट्रमंडल की भावना और मूल्यों को जीवंत कर दिया.शुक्रिया ग्लास्गो.'' उन्होंने कहा ,‘‘ मैं सभी देशों और प्रदेशों के खिलाड़ियों को भारत के अहमदाबाद आने का न्योता देता हूं जहां चार साल बाद 24वें राष्ट्रमंडल खेल होंगे जो इन खेलों का शताब्दी संस्करण भी है.''
𝐈𝐓'𝐒 𝐎𝐅𝐅𝐈𝐂𝐈𝐀𝐋! 🤩
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) August 2, 2026
IOA President PT Usha, Gujarat Deputy CM Harsh Sanghavi, and India's golden boy Neeraj Chopra take charge of the Commonwealth Games Flag as the host duties officially shift to India for 2030! #SonySportsNetwork #SonyLIV #Glasgow2026… pic.twitter.com/E8y5jdSrHo
समापन समारोह में जैसमीन लंबोरिया भारत की ध्वजवाहक
समापन समारोह में जैसमीन लंबोरिया भारत की ध्वजवाहक थी जिन्होंने महिला मुक्केबाजी 57 किलोवर्ग में स्वर्ण पदक जीता था. औपचारिक तौर पर ध्वज सौंपने का कार्यक्रम राष्ट्रमंडल खेलों के ध्वज की पूरे परिसर में सांकेतिक यात्रा के साथ शुरू हुआ.
A celebration of sport, set to music.🎤
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) August 2, 2026
Shankar Mahadevan sets the tone for a memorable Commonwealth Games Glasgow 2026 Closing Ceremony.✨ #SonySportsNetwork #SonyLIV #Glasgow2026 #GlasgowMeinTiranga #Cheer4Bharat pic.twitter.com/9hn18BpDyh
स्कॉटलैंड और भारत के ध्वज वाहकों की अगुवाई में जुलूस ने गेम्स के मुड़े हुए झंडे को नीचे उतारा. इसके बाद ग्लास्गो की लॉर्ड प्रोवोस्ट जैकलीन मैकलारेन ने इसे राष्ट्रमंडल खेल स्कॉटलैंड की उपाध्यक्ष सुसान जैक्सन, स्कॉटिश नेटबॉल खिलाड़ी एमिली निकोल, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे, दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा और आखिर में गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी को सौंपा.

स्कॉटलैंड से भारत को मेजबानी की जिम्मेदारी आधिकारिक तौर पर सौंपी
इसके साथ ही स्कॉटलैंड से भारत को मेजबानी की जिम्मेदारी आधिकारिक तौर पर सौंप दी गई. इसके बाद से समारोह भारत की सांस्कृतिक विरासत के जश्न में डूब गया. भारत की प्रस्तुति तीन खंडों में थी जिसमें दर्शकों को एक ऐसी यात्रा पर ले जाया गया जिसे आयोजकों ने साझा मूल्यों, संस्कृति और आपसी जुड़ाव का जश्न मनाने वाला बताया.

इसकी थीम ‘वसुधैव कुटुम्बकम' थी जो राष्ट्रमंडल के एकता और दोस्ती के आदर्शों के अनुरूप है. पहली प्रस्तुति में भारत के राष्ट्रगीत वंदेमातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाया गया और नृत्य की अगुवाई अभिनेत्री मानुषी छिल्लर ने की.

शानदार डिजिटल दृश्यों के बीच सैकड़ों नर्तकों ने भारत की विविधता की एक जीवंत तस्वीर पेश की, जबकि गायक शंकर महादेवन के दिल को छू लेने वाले संगीत ने ऑर्केस्ट्रा की भव्यता को भारतीय संगीत परंपराओं के साथ मिलाया. इस प्रस्तुति का उद्देश्य भारत को एक ऐसी सभ्यता के रूप में प्रस्तुत करना था जो अपनी विविध भाषाओं, रीति-रिवाजों और कलात्मक परंपराओं के माध्यम से दुनिया का स्वागत करती है. एक विशेष रूप से निर्मित फिल्म के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों का अहमदाबाद से परिचय कराया गया.

शंकर महादेवन ने अपने बेटो सिद्धार्थ और शिवम के साथ दिया परफॉर्मेंस
दूसरी प्रस्तुति भारत और स्कॉटलैंड के बीच सबसे मजबूत सेतु यानी संगीत पर आधारित थी. भारत के सितारवादक ऋषभ शर्मा और स्कॉटलैंड के संगीतकार रोस ऐंसली ने सितार और स्कॉटिश पाइप की इस अनूठीर सांस्कृतिक जुगलबंदी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
आखिरी प्रस्तुति में शंकर महादेवन अपने बेटो सिद्धार्थ और शिवम के साथ फिर मंच पर लौटे और भारत के कुछ सुपरहिट गीत पेश किये जिनमें ‘सुनो गौर से दुनिया वालों', ‘भाग मिल्खा', ‘ऐ वतन मेरे वतन' और ‘लहरा दो ' शामिल था. गुजराती पार्श्वगायिका भूमि त्रिवेदी ने मेजबान प्रदेश की ओर से खास प्रस्तुति दी. ग्लास्गो ने विदाई समारोह में स्कॉटिश संगीत, कविता और नृत्य के कार्यक्रम पेश किये.
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