Jyotiba Temple Kolhapur: महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में 15-20 पुजारियों के एक समूह ने दो श्रद्धालुओं को बेरहमी से पीट दिया. जमीन पर गिरने के बाद भी उन्हें लातों से मारा. यह मामला ऐतिहासिक ज्योतिबा मंदिर की है. इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है. वीडियो में यह भी दिख रहा है कि कुछ पुजारियों ने श्रद्धालुओं के सिर पर वार किया है. मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के साथ ही यह बदसलूकी से लोगों में आक्रोश फैल गया है. बताया जा रहा है कि यह श्रद्धालु नशे की हालत में थे.
ज्योतिबा मंदिर में पुजारियों का उत्पात, श्रद्धालुओं की बेरहमी से की पिटाई
— NDTV India (@ndtvindia) March 23, 2026
महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित ज्योतिबा मंदिर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 15 से 20 पुजारियों के एक समूह ने दो श्रद्धालुओं के साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट की. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल.… pic.twitter.com/Jc1iOymiDM
जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार सुबह करीब 11 बजे से 12 बजे के बीच उस समय हुई, जब मंदिर में आरती और सासन-काठी के साथ पारंपरिक प्रदक्षिणा चल रही थी. मंदिर प्रशासन का कहना है कि कुछ श्रद्धालु सासन-काठी लेकर प्रदक्षिणा के दौरान अनुशासनहीन व्यवहार कर रहे थे. आरोप है कि उन्होंने आरती में व्यवधान डाला, पुजारियों पर गुलाल फेंका और उनकी पारंपरिक पगड़ियां गिराईं, जिससे तनाव बढ़ गया.
श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में खींचकर पीटा
बताया जा रहा है कि स्थिति बिगड़ने पर कुछ पुजारियों ने श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर के अंदर खींचकर उनके साथ मारपीट की. वायरल वीडियो में कुछ लोग डर के कारण भागते नजर आ रहे हैं, जबकि कुछ को पकड़कर वापस लाकर पीटे जाने के आरोप भी सामने आए हैं.

नशे की हालत में थे श्रद्धालु
श्रद्धालु की पिटाई पर पुजारियों ने भी चुप्पी तोड़ी है. एक पुजारी नवनाथ लादे ने बताया कि श्रद्धालु अत्यधिक नशे की हालत में थे और मंदिर परिसर में हुड़दंग मचा रहे थे, जिसके कारण ही यह विवाद हुआ और उन्हें पीटा गया. इस घटना को लेकर सोमवार को ग्रामीणों और प्रमुख पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सावधानी बरतने पर चर्चा की गई.
बैठक में परिते गांव के सरपंच ने भी इस घटना पर निराशा जताई. पुजारियों का स्पष्ट मत है कि मंदिर परिसर की पवित्रता और धार्मिक कायदों से जुड़े नियमों का पालन हर हाल में किया जाना चाहिए. वहीं, श्रद्धालु के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में वाडी रत्नागिरी गांव बंद रखकर निषेध व्यक्त किया गया.
वहीं, घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. वहीं, देवस्थान समिति का दावा है कि पहले श्रद्धालुओं को समझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी.
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या बल का प्रयोग आवश्यकता से अधिक था.
मंदिर की सुरक्षा-व्यवस्था पर सवाल
इस घटना के बाद मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं, साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम लागू करने की मांग भी उठ रही है. सासनकाठी भगवान ज्योतिबा का एक पवित्र और भव्य 'राजदंड' (राजसी छड़ी) है, जिसे श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के प्रतीक के रूप में 50 से 70 फीट ऊंचे बांस के खंभों को सजाकर अपने कंधों पर संतुलित करते हुए मंदिर की प्रदक्षिणा और नृत्य करते हैं.
ये भी पढ़ें- यूट्यूब से ली ट्रेनिंग और करने लगा अवैध लिंग जांच, गर्भपात रैकेट का भंडाफोड़
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं