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तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान के जरिए अमेरिका कर रहा ईरान से बात, डील पर ट्रंप का बड़ा दावा

ईरान ने अमेरिका की धमकी के बाद खाड़ी देशों के ऊर्जा संयंत्रों पर बमबारी की चेतावनी दी थी. अब ट्रंप की नई घोषणा से ईरान भी शायद ऐसा नहीं करे. जंग शुरू होने के बाद से ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि मरने वालों की संख्या 1,500 से अधिक हो गई है.

तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान के जरिए अमेरिका कर रहा ईरान से बात, डील पर ट्रंप का बड़ा दावा
ईरान युद्ध में ट्रंप कई बार अपने ही फैसले बदलते दिखे हैं.
  • डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले को पांच दिनों के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है
  • ट्रंप ने मध्य पूर्व में शत्रुता समाधान के लिए ईरान के साथ सार्थक और विस्तृत वार्ताओं की जानकारी दी है
  • ईरान की सरकारी मीडिया ने ट्रंप के हमले स्थगन फैसले का मजाक उड़ाते हुए इसे पीछे हटने के रूप में पेश किया है
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज अपने 48 घंटे वाले अल्टीमेटम को वापस लेते हुए ट्रूथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका अब अगले पांच दिनों तक ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमला नहीं करेगा. उन्होंने ये भी बताया कि ईरान के साथ उनकी बातचीत चल रही है. मगर, ये नहीं बताया कि बातचीत किसके जरिए चल रही है. कुछ घंटे बाद फॉक्स बिजनेस को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने क्लियर किया कि उनकी बातचीत ईरान से तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान के जरिए हो रही है. ट्रंप ने फॉक्स बिजनेस को बताया कि ईरान समझौता करना चाहता है और पांच दिनों के भीतर या उससे पहले एक समझौता हो सकता है, उन्होंने कहा कि रविवार रात को विशेष दूत जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ के बीच मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की की मदद से बातचीत हुई.

ईरान ने तुर्की से बात की

ईरान के विदेश मंत्री ने तुर्की के विदेश मंत्री से अमेरिका-इजरायल की आक्रामकता पर बात की. ईरान के संप्रभुता की रक्षा करने और हमलावरों को जवाबदेह ठहराने के अधिकार की पुष्टि की, और तनाव कम करने तथा क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने का आग्रह किया.

ट्रंप का दावा-ईरानी नेताओं से बात हुई 

कुछ देर बात ट्रंप ने पत्रकारों को बताया कि ईरान से बातचीत अच्छी रही है. ईरान के शीर्ष नेताओं से बात हुई है. ईरान के विदेश मंत्री भी बातचीत के समय मौजूद थे. ईरान की ओर से मेरे पास फोन आया. ईरान को कभी भी परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं होगी. ये ईरान को फिर से खड़ा करने के लिए सबसे अच्छा ऑफर है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के नये सुप्रीम लीडर के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है. अमेरिका और ईरान दोनों डील चाहते हैं. ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता हो जाता है, तो अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण समृद्ध यूरेनियम को अपने कब्जे में लेने के लिए कदम उठाएगा.

ट्रंप ने सोशल ट्रूथ पर क्या लिखा

ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, "मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान ने पिछले दो दिनों में मध्य पूर्व में हमारी शत्रुता के पूर्ण और समग्र समाधान के संबंध में बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत की है। इन गहन, विस्तृत और रचनात्मक वार्ताओं के स्वरूप और लहजे को देखते हुए, जो पूरे सप्ताह जारी रहेंगी, मैंने युद्ध विभाग को निर्देश दिया है कि ईरानी ऊर्जा संयंत्रों और ऊर्जा अवसंरचनाओं पर सभी सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए स्थगित कर दिया जाए, बशर्ते कि चल रही बैठकों और चर्चाओं का परिणाम सकारात्मक रहे। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!" 

ईरान में ट्रंप का मजाक उड़ा

ट्रंप के बयान पर ईरान की संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति आयोग के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने भी ट्वीट कर ट्रंप और अमेरिका की खिल्ली उड़ाई है. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'ट्रंप और अमेरिका एक बार फिर पीछे हट गए हैं. मैदान अभी भी आगे बढ़ रहा है. शैतान की एक और हार.'

ईरान की सरकारी मीडिया ने ट्रंप के इस ऐलान का तत्काल मजाक उड़ाते हुए जवाब दिया कि एक बार ट्रंप पीछे हट गए. IRIB ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा, 'ईरान की प्रतिक्रिया के डर से ट्रंप ने अपना 48 घंटे का अल्टीमेटम वापस ले लिया: 'मैंने रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि फिलहाल ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर कोई हमला न करें.'

अभी कुछ दिनों पहले भी ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने मौजूदा युद्ध पर अमेरिकी सरकार के बयानों के लहजे की तुलना वियतनाम युद्ध के दौरान दी गई अति आशावादी सैन्य ब्रीफिंग से की है. उनका कहना है कि वाशिंगटन उसी तरह के दावे दोहरा रहा है, जो बाद में जमीनी हकीकत से बेतुके साबित हुए. उन्होंने कई उदाहरण भी गिनाए. यहां क्लिक कर जानिए कैसे उदाहरण दिए थे.

जंग का नुकसान

ईरान ने अमेरिका की धमकी के बाद खाड़ी देशों के ऊर्जा संयंत्रों पर बमबारी की चेतावनी दी थी. अब ट्रंप की नई घोषणा से ईरान भी शायद ऐसा नहीं करे. जंग शुरू होने के बाद से ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि मरने वालों की संख्या 1,500 से अधिक हो गई है. इजरायल में ईरानी हमलों में 15 लोग मारे गए हैं. वेस्ट बैंक और खाड़ी अरब देशों में कम से कम 13 अमेरिकी सैन्यकर्मी और एक दर्जन से अधिक नागरिक मारे गए हैं. यही नहीं जंग शुरू होने के बाद से तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुईं हैं. अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 113 डॉलर प्रति बैरल थी, जो युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग 55% बढ़ी है. वहीं अमेरिका के भी 13 सैनिकों की मौत अब तक इस जंग में हुई हैं. वहीं इजरायल में ईरान के मिसाइल हमलों से कई लोगों के घायल होने की खबर है.

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