- ईरान-खाड़ी युद्ध के कारण तेल और गैस की सप्लाई में कमी से वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं गंभीर संकट का सामना कर रही हैं
- ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से भारी शुल्क वसूल रहा है, जिससे वह युद्ध के लिए धन जुटा रहा है
- अमेरिका और यूरोपीय देशों ने ईरान की जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों को रोकने की निंदा की है और तनाव बढ़ा है
ईरान युद्ध शुरू होने के बाद सबसे बड़ा सवाल दुनिया का यही है कि तेल और गैस की किल्लत कितनी होगी? तेल-गैस की सप्लाई कम होने से कई देशों की अर्थव्यवस्था चरमराने लगी है. कई देशों के रिजर्व बैंक बैलेंस शीट ठीक करने में जुट गए हैं. उद्योग-धंधे बंद होने लगे हैं. चाय की दुकानों से लेकर रेस्त्रां और ढाबे बंद हो रहे हैं. स्कूलों और विश्वविद्यालयों की छुट्टियां कर दी गईं हैं और सरकारें कम से कम तेल-गैस की खपत करने की सार्वजनिक अपील करने लगी हैं. दुनिया भर में ऐसा हो रहा है. इस बीच तेल-गैस का खेल भी शुरू हो गया है. पाकिस्तान की एआरवाई न्यूज़ के अनुसार, पाकिस्तान ने रविवार को हाई-ऑक्टेन ईंधन की कीमत में 200 पाकिस्तानी रुपये (पीकेआर) की वृद्धि करने का निर्णय लिया है, जो पहले 100 रुपये से बढ़कर 300 पाकिस्तानी रुपये हो जाएगी. इस बीच खबर है कि 'भूतिया' जहाज होर्मुज पार कर रहे हैं.यहां समझिए ये चमत्कार है या संकट से निपटने के लिए ईरान का आविष्कार?

Photo Credit: Iran Embassy in India
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में खुलासा
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट है कि बांग्लादेश में 5 साल पहले 'कबाड़' घोषित किया गया जहाज हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरा. यह कुछ ही दिनों में होर्मुज पार करने वाले तथाकथित 'जॉम्बी जहाज' का दूसरा उदाहरण है. जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, नबीन रविवार शाम को फारस की खाड़ी में था और सोमवार सुबह तक ओमान की खाड़ी में पहुंच गया था. हालांकि, ब्लूमबर्ग न्यूज द्वारा संकलित रिकॉर्ड बताते हैं कि 2002 में निर्मित इस अफ्रामैक्स जहाज को पांच साल पहले बांग्लादेश के स्क्रैप यार्ड में भेज दिया गया था.
जॉम्बी जहाज क्या होता है
नबीन के रूप में दिखाई देने वाला यह जहाज संभवतः एक जॉम्बी टैंकर है, जो एक स्क्रैप किए गए वैध जहाज की पहचान अपना लेता है. यह घटना पिछले साल भारतीय विध्वंस यार्ड में फंसे हुए पाए गए, तरलीकृत प्राकृतिक गैस वाहक के रूप में पहचाने जाने वाले जमाल नामक जहाज के शुक्रवार को होर्मुज सागर पार करने के बाद सामने आई है. ब्लूमबर्ग न्यूज़ नबीन के रूप में दिखाई देने वाले जहाज की पहचान की तुरंत पुष्टि नहीं कर सका, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या यह एक तेल टैंकर है. 'जॉम्बी टैंकर' मुख्य रूप से पुराने या प्रतिबंधित तेल टैंकर जहाज हैं, जो फर्जी पहचान (जैसे गलत नाम या IMO नंबर) का उपयोग करके अवैध रूप से तेल का परिवहन करते हैं. इन्हें "जॉम्बी" इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये कबाड़ घोषित किए जा चुके होते हैं, फिर भी समुद्र में चलते रहते हैं.

Photo Credit: PIB
ईरान के खिलाफ बढ़ रहा गुस्सा
नबीन और जमाल की तस्वीरें दिखाती हैं कि जहाज मालिक जलडमरूमध्य से माल ले जाने के लिए किस हद तक जा रहे हैं. मध्य पूर्व युद्ध शुरू होने के बाद से यह जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार देर रात (अमेरिका के समय अनुसार) ईरान को जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए 48 घंटे की समय सीमा दी है, अन्यथा वो ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर बमबारी कर देंगे. तेहरान ने जवाब में कहा है कि हमले होने पर वह होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद कर देगा. वहीं अब तक चुप बैठे ब्रिट्रेन फ्रांस और जर्मनी समेत कुल 22 देशों ने साझा बयान जारी कर ईरान की तरफ से होर्मुज में तेल और गैस के टैंकरों को रोके जाने की निंदा की है. मगर सोमवार को ट्रंप ने फिर कह दिया कि ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले का वो अपना प्लान 5 दिनों के लिए टाल रहे हैं. इस बीच तास न्यूज एजेंसी के अनुसार, अमेरिका दूसरे देशों के माध्यम से ईरान से बातचीत भी कर रहा है.
क्या ये ईरान का प्रयोग या संयोग
अब तक, जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कुछ ही जहाज ईरान से जुड़े हुए प्रतीत होते हैं या उन्हें तेहरान से मार्ग की अनुमति मिली हुई लगती है. अन्य जहाजों ने ट्रैकिंग से बचने के लिए अपने जियोलोकेशन सिग्नल बंद कर दिए हैं. नबीन नाम से काम करने वाला जहाज युद्ध शुरू होने से कुछ घंटे पहले फारस की खाड़ी में दाखिल हुआ था और उसने इराक के खोर अल जुबैर को अपना गंतव्य बताया था. जहाज ट्रैकिंग डेटा से यह जानकारी मिली है. खाड़ी से निकलने तक वह जहाज वहीं रुका रहा, हालांकि जहाजों के ट्रांसमिशन सिग्नल में भारी इलेक्ट्रॉनिक रुकावट के कारण उसकी सटीक गतिविधियां स्पष्ट नहीं हैं. रविवार को खाड़ी से निकलने के बाद, जहाज ने ड्राफ्ट रीडिंग के आधार पर बताया कि वह पूरी तरह से भरा हुआ था और उसका कोई निश्चित गंतव्य नहीं था.

ईरान वसूल रहा हर जहाज से मोटी रकम
दुबई स्थित मुहित मैरीटाइम एफजेडई और सगीता मैरीटाइम कंपनी लिमिटेड, अंतरराष्ट्रीय डेटाबेस इक्वासिस पर नबीन के प्रबंधक और मालिक के रूप में सूचीबद्ध हैं. दोनों कंपनियों के संपर्क विवरण एक ही हैं. कंपनियों को किए गए फोन कॉल नहीं लगे और ईमेल वापस आ गए. ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि कई कंपनियां कबाड़ घोषित हो चुके जहाजों को फिर से वैध जहाज की पहचान देकर तेल-गैस का खेल करने में जुट गईं हैं. इसमें ईरान की मिलिभगत से भी इनकार नहीं किया जा सकता. ईरान के सांसद और संसद राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य अलाउद्दीन बोरूजेर्दी के हवाले से ईरान इंटरनेशनल ने खबर छापी है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के बदले कुछ जहाजों से 20 लाख डॉलर (लगभग 18.8 करोड़ रुपये) ले रहा है. जाहिर है ईरान युद्ध में फंसा है और ऐसी स्थिति में वो जंग लड़ने के लिए कई तरह से धन जुटा रहा है.
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