Nagod Royal Family Dispute Parsamaniya Garhi Firing: सतना में नागौद राजघराने (Nagod Royal Family) की परसमनिया गढ़ी (Parsamaniya Garhi Firing) से जुड़े चर्चित गोलीकांड ने अब नया मोड़ ले लिया है. घटना के करीब 48 घंटे बाद वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें नागौद विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा के साथ जमकर मारपीट होती दिखाई दे रही है. वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि इसी विवाद के बाद गोली चलने की घटना हुई, जिसमें बाबा राजा की पत्नी योगिता सिंह घायल हो गईं. पुलिस अब मारपीट, फायरिंग और दोनों पक्षों के आरोपों समेत पूरे घटनाक्रम की हर एंगल से जांच कर रही है. वीडियों में गाली हैं इसलिए NDTV यहां नहीं दिखा सकता है. हम वीडियो के स्क्रीनशॉट आपके साथ साझा कर रहे हैं.
वायरल वीडियो में दिखी बर्बर मारपीट
परसमनिया गढ़ी से जुड़े नए वायरल वीडियो में बाबा राजा लहूलुहान स्थिति में नजर आ रहे हैं. वीडियो में गढ़ी के अंदर टूट-फूट, बिखरा सामान और दीवारों पर खून के निशान दिखाई दे रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि विवाद के दौरान बाबा राजा के साथ गंभीर मारपीट की गई, जिसके कारण उनके कपड़े तक फट गए. इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है.

Nagod Royal Family Dispute: पिटाई के बाद बाबा राजा
योगिता सिंह के परिजनों पर लगे आरोप
वायरल वीडियो के आधार पर आरोप लगाया जा रहा है कि यह मारपीट योगिता सिंह के भाई नागेंद्र सिंह, उनके पुत्र प्रथुदेव सिंह और अन्य लोगों द्वारा की गई. बताया जा रहा है कि बाबा राजा की ओर से उचेहरा थाने में लिखित शिकायत दी गई है, जिसमें इन लोगों पर हमले का आरोप लगाया गया है. पुलिस इस शिकायत के आधार पर जांच कर रही है.
क्या था पूरा घटनाक्रम?
गुरुवार को योगिता सिंह अपने बेटे प्रथुदेव, मां नरेंद्र कुमारी और भाई नागेंद्र सिंह के साथ सामान लेने परसमनिया गढ़ी पहुंची थीं. आरोप है कि वहां पहुंचते ही विवाद शुरू हो गया और मारपीट होने लगी. इसी दौरान स्थिति बिगड़ने पर बाबा राजा ने कथित तौर पर गोली चलाने को कहा. इसके बाद सुनीता सिंह ने पॉइंट 22 बोर की बंदूक से फायरिंग की, जिसमें एक गोली योगिता सिंह के पेट में जा लगी. घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया.
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Nagod Royal Family Dispute: बाबा राजा लहूलुहान दिखे
फायरिंग और मारपीट; दोनों एंगल पर जांच
पुलिस अब इस पूरे मामले को केवल गोलीकांड नहीं बल्कि मारपीट और पारिवारिक विवाद के संयुक्त घटनाक्रम के रूप में देख रही है. एक ओर जहां योगिता सिंह के बयान और एफआईआर में सुनीता सिंह पर गोली चलाने का आरोप है, वहीं दूसरी ओर बाबा राजा ने मारपीट को लेकर काउंटर शिकायत दी है. पुलिस दोनों पक्षों के दावों और वीडियो साक्ष्यों का मिलान कर रही है.
पेट्रोल पंप विवाद भी बना कारण
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे विवाद के पीछे संपत्ति और पेट्रोल पंप संचालन का मामला भी प्रमुख कारण रहा है. बताया जाता है कि योगिता सिंह के नाम पर संचालित पेट्रोल पंप का संचालन बाद में सुनीता सिंह करने लगी थीं. इसको लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से विवाद चल रहा था. यह मामला कई बार थाने तक भी पहुंचा, लेकिन किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाया.
आरोपी सुनीता सिंह गिरफ्तार, जेल भेजी गई
गोलीकांड के मामले में नामजद आरोपी सुनीता सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उचेहरा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से न्यायालय ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. पुलिस ने घटनास्थल से हथियार भी जब्त किया है और फोरेंसिक जांच की प्रक्रिया जारी है.
बाबा राजा का विवादित अतीत
रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा का नाम पहले भी कई चर्चित मामलों में सामने आ चुका है. बताया जाता है कि वर्ष 1991 में कुंजल भूमिया हत्या कांड में उनका नाम उभरा था. इसके अलावा 2010-11 में एक आदिवासी युवती से दुष्कर्म के मामले में भी वे सुर्खियों में रहे. हालांकि इन मामलों में कार्रवाई नहीं होने को लेकर राजनीतिक प्रभाव की चर्चा होती रही है.
राजपरिवार और राजनीतिक पृष्ठभूमि
नागौद राजपरिवार विंध्य क्षेत्र का प्रभावशाली परिवार रहा है. वर्तमान में नागेंद्र सिंह इस परिवार से विधायक हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेता माने जाते हैं. नागेंद्र सिंह छह बार विधायक, एक बार सांसद चुने गए हैं. उनका राजनीतिक सफर कई दशकों पुराना है, जिसमें वे विधायक से लेकर सांसद और मंत्री तक विभिन्न पदों पर रह चुके हैं. ऐसे में इस मामले को केवल पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
अरबों की संपत्ति और विवाद की जड़
परसमनिया गढ़ी और अन्य संपत्तियां नागौद राजपरिवार की विरासत का हिस्सा हैं. अरबों की इस संपत्ति को लेकर भी परिवार के अंदर लंबे समय से विवाद चल रहा है. बताया जा रहा है कि योगिता सिंह अपने बेटे के अधिकार और संपत्ति हिस्सेदारी को लेकर गढ़ी पहुंची थीं, जिससे विवाद और बढ़ गया.
पुलिस के सामने चुनौतीपूर्ण जांच
इस मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप और सामने आए वीडियो साक्ष्यों का विश्लेषण करना है. एसडीओपी और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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