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बच्चों के डेटा से खिलवाड़ पर NHRC सख्त: Meta, Gemini समेत दिग्गज कंपनियों को थमाया नोटिस

NHRC ने पूछा है कि बच्चों को सिम कार्ड किस प्रक्रिया के तहत दिए जा रहे हैं, क्योंकि भारत में बच्चों के नाम पर सिम पंजीकरण का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है. NHRC ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के कथित उल्लंघनों पर स्वतः संज्ञान लिया है.

बच्चों के डेटा से खिलवाड़ पर NHRC सख्त: Meta, Gemini समेत दिग्गज कंपनियों को थमाया नोटिस
child data breach
  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने बच्चों के डिजिटल डेटा की सुरक्षा और DPDP एक्ट के उल्लंघन पर स्वतः संज्ञान लिया है
  • आयोग ने प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स द्वारा डेटा सुरक्षा नियमों का पालन न करने के आधार पर कार्रवाई शुरू की है
  • आयोग ने आईटी, शिक्षा, संचार मंत्रालयों को नोटिस जारी कर बच्चों के सिम कार्ड पंजीकरण प्रक्रिया पर जवाब मांगा है
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नई दिल्ली:

बच्चों के डेटा से खिलवाड़ पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग(NHRC)  ने सख्त रुख अपनाया है. NHRC ने बच्चों के डिजिटल डेटा की सुरक्षा और DPDP एक्ट (2023) के उल्लंघन पर खुद कार्रवाई शुरू कर दी है. थिंक टैंक 'ASIA' की रिपोर्ट में दावा किया गया कि मेटा, वॉट्सऐप,जेमिनी,ग्रोक, Perplexity AI, खान एकेडमी और माइक्रोसॉफ्ट मैथ सॉल्वर जैसे प्लेटफॉर्म्स ने डेटा सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया है. आयोग ने आईटी मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और संचार मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

क्या है पूरा मामला?

NHRC ने गृह मंत्रालय को भी इसकी जानकारी भेजी गई है.NHRC ने पूछा है कि बच्चों को सिम कार्ड किस प्रक्रिया के तहत दिए जा रहे हैं, क्योंकि भारत में बच्चों के नाम पर सिम पंजीकरण का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है. NHRC ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट  के कथित उल्लंघनों पर स्वतः संज्ञान लिया है. मामला विशेष रूप से बच्चों के डेटा ट्रांसफर की ट्रैकिंग और शिकायत निवारण प्रणाली की कमी से जुड़ा है, जो प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अनुपस्थित पाई गई है.

आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने थिंक टैंक ASIA की रिपोर्ट के आधार पर प्राप्त शिकायत पर कार्रवाई शुरू की है.  आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और संचार मंत्रालय को नोटिस जारी किए हैं.गृह मंत्रालय को भी नोटिस की कॉपी भेजी गई हैं.

बच्चों के नाम पर सिम कार्ड रजिस्टर्ड किए जाने की जानकारी ही नहीं

आयोग ने संचार मंत्रालय से यह सवाल भी पूछा है कि बच्चों को इंटरनेट या मोबाइल उपयोग के लिए सिम कनेक्शन प्रदान करने की क्या प्रक्रिया है? भारत में बच्चों के नाम पर सिम कार्ड रजिस्टर्ड किए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है.वर्ष 2023 में पारित DPDP एक्ट, जिसे 2025 के अंत में नियम अधिसूचित कर लागू किया गया, दुनिया के सबसे आधुनिक डेटा सुरक्षा कानूनों में से एक माना जाता है. इसका उद्देश्य बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित संवेदनशील वर्गों को साइबर खतरों से सुरक्षा प्रदान करना है.

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इन प्लेटफॉर्म्स पर शिकंजा

रिपोर्ट के अनुसार, Meta Platforms, Khan Academy, WhatsApp, Grok, Gemini, Perplexity AI और Microsoft Math Solver जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स ने अभी तक इन प्रावधानों का पूर्ण पालन नहीं किया है.आयोग ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसे बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है और संबंधित संस्थाओं से 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. आयोग ने संकेत दिया है कि भविष्य में बुजुर्गों सहित अन्य संवेदनशील वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए भी ऐसी कार्रवाइयां की जा सकती हैं.

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