अज़ब मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़े की गजब कहानियों की सीरीज़ हमने अपने दर्शकों को दिखाई है, लगातार इस मामले में सरकारी लीपापोती की परतें भी खोली. सीबीआई ने जांच के बाद लगभग 50 फीसदी कॉलेजों को अपात्र बता दिया. अब सरकार ने ऐसा दांव खेला है, जिसको सुनकर आप भी हैरत में पड़ जाएंगे. देश में मध्य प्रदेश इकलौता ऐसा राज्य है जिसने इतने प्रावधान शिथिल किये हैं.
सीबीआई रिपोर्ट में सरकारी नर्सिंग कॉलेजों की सच्चाई बाहर आते ही सरकार ने आनन फानन में नर्सिंग शिक्षण संस्था मान्यता के नियमों में संशोधन करते हुए 2024 के नए नियम बना दिए हैं. इसके मुताबिक अब पहले जिस नर्सिंग कॉलेज को खोलने के लिए पहले 23000 वर्गफीट की बिल्डिंग की जरूरत होती थी, अब इस नर्सिंग कॉलेज को खोलने के लिए सिर्फ 8000 वर्ग फीट बिल्डिंग की जरूरत होगी. सरकार ने ये नियम नर्सिंग कोर्सेस को रेगुलेट करने वाली अपेक्स संस्था इंडियन नर्सिंग काउंसिल के प्रावधानों के भी विपरीत बनाये है.
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
बीते साल अगस्त में ऐसे 19 संस्थानों की मान्यता रद्द कर दी गई, जिसके बाद राज्य ने 2020/21 में रजिस्टर्ड सभी संस्थानों की जांच के लिए सीबीआई को अधिकृत किया था. इस जांच के लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक 670 नर्सिंग कॉलेजों में से करीब 50 प्रतिशत अयोग्य घोषित कर दिए गए. इससे मध्य प्रदेश सरकार को कार्रवाई करनी पड़ी है.

कार्यकर्ता विशाल बघेल ने एनडीटीवी को बताया कि वह इन नियमों को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती देने की योजना बना रहे हैं, जिसने पहले सीबीआई द्वारा जांच की गई सभी 308 संस्थानों के नाम और प्रत्येक जांच के परिणाम जारी किए थे; यानी, उनके नाम के आगे 'उपयुक्त', 'अपूर्ण', या 'अस्थिर' टैग के साथ।
प्रदेश में हुए नर्सिंग कॉलेज मान्यता फर्जीवाड़े में हाइकोर्ट ने उन सभी 308 नर्सिंग कॉलेज की सूची भी जारी कर दी जिसकी सीबीआई ने जांच की है. उनके नाम के सामने उपयुक्त, अपूर्ण, अनुपयुक्त की श्रेणी भी बताई है. सीबीआई रिपोर्ट से यह भी साबित हो गया है कि मध्य प्रदेश में 308 नर्सिंग कॉलेज में से सिर्फ 169 नर्सिंग कॉलेज ही मानकों के अनुसार चल रहे थे.
सरकार ने हाईकोर्ट से सत्र 2024-25 की मान्यता की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति मांगी थी. कोर्ट ने इसकी अनुमति सरकार को दी है.
ये भी पढ़ें:-
नर्सिंग कॉलेज 'घोटाले' पर गरमाई सियासत, कांग्रेस बोली- उच्च न्यायालय की निगरानी में हो जांच
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं