चाणक्य के अर्थशास्त्र का उल्लेख करते हुए PM मोदी ने ‘मत्स्य न्याय’ की अवधारणा का जिक्र किया और कहा कि दुनिया को ऐसी व्यवस्था की जरूरत है, जो बड़ी शक्ति को छोटी शक्ति पर हावी होने से रोके. उन्होंने इसे भारत के विजन से जोड़ते हुए कोरोना काल में 100 से अधिक देशों को दवाइयां भेजने और जरूरतमंद देशों तक वैक्सीन पहुंचाने का उल्लेख किया.