प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी NDTV World Summit 2026 को संबोधित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि NDTV की ये समिट गंभीर विषयों पर मंथन से जुड़ी है. आजकल नए वर्ल्ड ऑर्डर की चर्चा भी हर कोई कर रहा है, क्योंकि इसका प्रभाव सामान्य जीवन पर पड़ रहा है. इसलिए इस तरह की वर्ल्ड समिट का महत्व और बढ़ जाता है.
उन्होंने कहा कि 'द वर्ल्ड बिटविन ऑर्डर' की बात करते हुए हमें दो बातों को समझना होगा. पहली बात- दुनिया का ऑर्डर बदल क्यों रहा है? पुराना ग्लोबल ऑर्डर आज की चुनौतियों का समाधान क्यों नहीं दे पा रहा है. और दूसरी बात- इस बदलती दुनिया में भारत की भूमिका क्या है?
-
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही है कांग्रेस, इतनी तो श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में बोले PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
PM Modi Speech: UN को लेकर NDTV World Summit के मंच पर बड़ी बात बोले पीएम मोदी | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर पहुंचे PM Modi! | Breaking News -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब -
रील देखने की लत से बचाएगी ये माइक्रो साधना, NDTV World Summit में स्वामी सर्वप्रियानंद ने बताया
उन्होंने कहा कि पहली बात को विस्तार दूं तो ये बदलाव सहज और स्वाभाविक है. सेकंड वर्ल्ड वॉर ने दुनिया को बड़ा सबक दिया था, दुनिया ने समझा कि केवल पावर और इंट्रेस्ट के आदार पर विश्व व्यवस्था नहीं चल सकती. संवाद जरूरी है. सहयोग जरूरी है. और विवादों का समाधान भी जरूरी है. इसी भावना ने यूनाइटेड नेशंस की नींव रखी. यूएन ने वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समझ बढ़ाई लेकिन समय के साथ दुनिया बदलती गई. नई इकनॉमी और नई पावर का उदय हुआ और दुनिया के सामने मौजूद चैलेंजेस भी पहले से ज्यादा जटिल होते गए.
पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी ने समाज, अर्थव्यवस्था और शक्ति के स्वरूप को ही बदल दिया. और जो देश उस समय ग्लोबल ऑर्डर बनाने वाली टेबल में नहीं थी, वो अपनी भूमिका के साथ आगे आ गए हैं. सवाल ये कि क्या ग्लोबल ऑर्डर उसी गति से बदला, जवाब है नहीं. न वर्ल्ड ऑर्डर बदला और न ही वैश्विक संस्था खुद को बदल पाए हैं.
उन्होंने कहा कि यूएन और दूसरी संस्थाओं की अपनी भूमिका रही है, लेकिन आज नई शक्तियां उभर रही हैं. नई आवाज अपनी जगह मांग रही हैं. फैसले लेने के तरीके न बदलें तो व्यवस्था और वास्तविकता के बीच दूरी बढ़ने लगती है.
पीएम मोदी ने कहा कि दशकों तक ट्रेड ने देशों को जोड़ा, तकनीक ने दूरियां मिटाईं, सी रूट ने अर्थव्यवस्था को जोड़ा, कल्चर और मोबिलिटी अलग-अलग समाजों को करीब लाए लेकिन आज यही कड़ियां नए तनावों का सामना कर रही हैं. ट्रेड, वेपनाइजेशन का माध्यम बन रहा है. तकनीक, कंपीटिशन और कॉन्फ्लिक्ट का नया क्षेत्र बन रही है, सी रूट जियोपॉलिटिकल टेंशन के कारण बन रहे हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं