लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए NPS से OPS यानी न्यू पेंशन स्कीम से पुरानी पेंशन स्कीम में ट्रांसफर की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए वित्त मंत्रालय ने संशोधित SOP जारी किया है. नए SOP यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर से तकनीकी अड़चनें दूर होंगी. वित्त मंत्रालय ने संबंधित अधिकारियों और संस्थानों को संशोधित प्रक्रिया का सख्ती से पालन करने और तय समय में इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं.
दरअसल, डेथ और डिसेबिलिटी के मामलों में NPS से OPS में ट्रांसफर की प्रक्रिया आसान करने के लिए वित्त मंत्रालय ने SOP में संशोधन किया है. इसका मकसद पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) के तहत पेंशन प्रक्रिया को सुगम बनाना है. साथ ही इससे जुड़ी प्रशासनिक दिक्कतों को दूर करना है. मंत्रालय के व्यय विभाग के तहत केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (ब) ने 19 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में ऑफिस मेमोरेंडम ज्ञापन जारी किया है.
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इससे पहले 17 सितंबर 2025 को इस प्रक्रिया के लिए SOP जारी की गई थी. हालांकि, माइग्रेशन की प्रक्रिया में सामने आई चुनौतियों को देखते हुए अब इसमें संशोधन किया गया है. पुरानी प्रक्रिया की जगह नई SOP लागू होगी.
नई SOP में क्या-क्या बताया गया है?
संशोधित SOP में NPS के तहत जारी प्रोविजनल पेंशन या पारिवारिक पेंशन को नियमित करने, पुराने पेंशन भुगतान आदेश (PPPO) को रद्द करने और नया नियमित पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी करने की प्रक्रिया तय की गई है. इसमें अलग-अलग विभागों, पेंशन लेखा कार्यालयों, CPAO और बैंकों की जिम्मेदारियां भी स्पष्ट की गई हैं.
AINPSEF ने इस कदम का स्वागत किया है. राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मंजीत सिंह पटेल ने कहा कि इससे NPS से OPS में ट्रांसफर की प्रक्रिया सुगम होगी. उन्होंने UPS को लागू हुए 1 वर्ष से ज्यादा होने के बावजूद बहुत सारे रिटायर्ड कर्मचारियों का पेंशन चालू नहीं होने का मुद्दा भी उठाया है.
CPAO शुरू करेगा प्रक्रिया
केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय (CPAO) संबंधित पेंशन लेखा कार्यालय (PAO) को पुराने प्रोविजनल पेंशन भुगतान आदेश (PPPO) के डिस्बर्सर पोर्शन की स्कैन कॉपी भेजेगा. इसका इस्तेमाल नया PPO तैयार करने के लिए किया जाएगा. मामले के अंतिम निपटारे तक CPAO मूल दस्तावेज अपने पास रखेगा.
कर्मचारी की सर्विस बुक और दस्तावेज जुटाए जाएंगे
संबंधित पेंशन लेखा कार्यालय स्कैन कॉपी मिलने के बाद कर्मचारी की सर्विस बुक और दूसरे जरूरी दस्तावेज संबंधित विभाग के कार्यालय प्रमुख (HoO) से प्राप्त करेगा. कार्यालय प्रमुख को नया PPO जारी कराने के लिए जरूरी दस्तावेज और फॉरवर्डिंग लेटर उपलब्ध कराना होगा.
इस पत्र में ये स्पष्ट करना होगा कि संबंधित सरकारी कर्मचारी की प्रोविजनल पेंशन या पारिवारिक पेंशन को केंद्रीय सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का क्रियान्वयन) नियम, 2021 के तहत नियमित किया जाना है.
नया पेंशन भुगतान आदेश जारी होगा
CPAO की ओर से उपलब्ध कराई गई सुविधा के जरिए PAO नया PPO नंबर तैयार करेगा. इसके बाद पुराने PPPO के आधार पर नया PPO तैयार किया जाएगा. नए PPO और पेंशन से जुड़े दस्तावेजों में पुराने PPPO नंबर के साथ PRAN नंबर भी दर्ज रहेगा.
नया PPO अंतिम रूप देने से पहले उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर सभी जानकारियों और दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा.
पुराने और नए PPO का मिलान होगा
PAO नया PPO तैयार करने के बाद उसकी दोनों प्रतियां और स्पेशल सील अथॉरिटी (SSA) CPAO को भेजेगा. CPAO नए PPO की सभी प्रविष्टियों का उपलब्ध दस्तावेजों और पुराने PPPO से मिलान करेगा. सत्यापन के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
पुराने PPO पर भुगतान रोककर नए PPO से पेंशन शुरू होगी
नए PPO का सत्यापन होने के बाद CPAO पुराने PPPO के आधार पर पेंशन भुगतान बंद करेगा और अंतिम पेंशन भुगतान प्रमाणपत्र (Last Pay Certificate-LPC) समेत जरूरी दस्तावेज तैयार करेगा. CPAO नए PPO और SSA में पेंशन या पारिवारिक पेंशन शुरू होने की तारीख का भी उल्लेख करेगा.
इसके बाद नए PPO, SSA, LPC और दूसरे जरूरी दस्तावेज संबंधित केंद्रीय पेंशन प्रसंस्करण केंद्र (CPPC) को भेजे जाएंगे, ताकि पेंशन भुगतान की आगे की प्रक्रिया पूरी हो सके.
पेंशन भुगतान में निरंतरता सुनिश्चित करने के निर्देश
नया PPO मिलने के बाद CPPC अपने सिस्टम में संबंधित मामले को प्रोसेस करेगा और निर्धारित तारीख से पेंशन का भुगतान शुरू करेगा. CPAO और CPPC को यह सुनिश्चित करना होगा कि पेंशन भुगतान की निरंतरता बनी रहे और एक ही अवधि के लिए दो बार पेंशन भुगतान न हो.
पेंशनर को नया PPO दिया जाएगा
नया PPO मिलने के बाद पेंशन भुगतान अधिकृत करने वाली शाखा (PAHB) इसे पेंशनर को सौंपेगी और पुराना PPPO वापस लेगी. पुराने PPO की बैंक और पेंशनर वाली प्रतियां संबंधित CPPC को भेजी जाएंगी, जो उन्हें आगे CPAO को भेजेगा.
अगर पुराने PPPO की पेंशनर वाली प्रति, बैंक वाली प्रति या दोनों खो जाती हैं, तो संबंधित CPPC को CPAO के पास लॉस्ट सर्टिफिकेट जमा करना होगा.
...ताकि पेंशन भुगतान में रुकावट न आए
संशोधित SOP में स्पष्ट किया गया है कि नई प्रक्रिया के दौरान पेंशन या पारिवारिक पेंशन के भुगतान में अनावश्यक रुकावट नहीं आनी चाहिए. CPAO को संबंधित मुख्य लेखा नियंत्रकों, प्रधान लेखा कार्यालयों और अधिकृत बैंकों के पेंशन भुगतान केंद्रों को आवश्यक निर्देश जारी करने होंगे, ताकि सभी मामले जल्द निपटाए जा सकें.
साथ ही, नियमित पेंशन या पारिवारिक पेंशन के मामलों में संबंधित पेंशन भुगतान केंद्र को निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करनी होगी. पेंशनरों को जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की मौजूदा प्रक्रिया का पालन भी पहले की तरह करना होगा.
बता दें कि नई SOP सभी सरकारी कर्मचारियों को NPS से OPS में स्विच करने की सुविधा नहीं देती है, बल्कि केवल कर्मचारियों की दिव्यांगता या मृत्यु की स्थिति में ही ये लागू होगी.
AINPSEF ने उठाया UPS का मुद्दा
ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन ने इस पहल के लिए सरकार का आभार जताया है. फेडरेशन का कहना है कि नई प्रक्रिया से तकनीकी अड़चनें दूर होंगी और प्रभावित परिवारों को राहत मिलेगी.
हालांकि, फेडरेशन ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के तहत पेंशन मिलने में हो रही देरी का मुद्दा भी उठाया है. डॉ मंजीत सिंह पटेल का कहना है कि UPS लागू हुए एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन जटिल प्रक्रियाओं के कारण कई रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन अब भी शुरू नहीं हो पाई है. बुजुर्ग कर्मचारियों को पेंशन के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.
डेथ और डिसेबिलिटी के मामलों में NPS से पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) में ट्रांसफर की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए वित्त मंत्रालय @FinMinIndia द्वारा संशोधित SOP जारी की गई है, इससे यह प्रक्रिया आसान बनेगी। तकनीकी अड़चनों को दूर कर इस प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने के लिए ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन सरकार का आभार प्रकट करती है। इससे प्रभावित पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। लेकिन इसके साथ ही, ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन सरकार का ध्यान एक और गंभीर मुद्दे की तरफ आकर्षित करना चाहता है। यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को लागू हुए 1 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, मगर धरातल पर जटिल प्रक्रियाओं के कारण अभी भी बहुत सारे रिटायर्ड कर्मचारियों को पेंशन मिलना सुनिश्चित नहीं हो पाया है। बुजुर्ग कर्मचारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। माननीय @PMOIndia को इस गंभीर मामले पर भी तत्काल संज्ञान लेना चाहिए ताकि UPS के तहत पेंशन बहाली की प्रक्रिया को भी बिना किसी देरी के तत्काल रूप से सरल और सुगम बनाया जाए ताकि रिटायर्ड कर्मचारियों को उनका हक समय पर मिल सके। #OPS #NPS #UPS #ManjeetSinghPatel
— Dr Manjeet Singh Patel (@ManjeetIMOPS) October 22, 2026
फेडरेशन ने प्रधानमंत्री कार्यालय से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और UPS के तहत पेंशन शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग की है, ताकि रिटायर्ड कर्मचारियों को समय पर उनका हक मिल सके.
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