कोरोना का नाम लेते ही दिल दहल जाता है. दुनिया अभी कोरोना की पिछली यादों से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि एक नए वेरिएंट ने दस्तक दे दी है. अमेरिका के कैलिफोर्निया में वैज्ञानिकों को जांच के दौरान कोरोना का एक नया रूप मिला है, जिसे BA.3.2 नाम दिया गया है. तो चलिए जानते हैं आखिर क्या है ये नया वेरिएंट?
क्या है कोरोना का नया वेरिएंट बीए.3.2
BA.3.2 असल में ओमिक्रॉन फैमिली का ही एक हिस्सा है, लेकिन यह काफी अलग है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह BA.3 सीरीज का एक पुराना रूप है जो 2022 के बाद से गायब सा हो गया था. यह वेरिएंट जेनेटिकली उन वेरिएंट्स से बिल्कुल अलग है जो पिछले एक साल से दुनिया भर में फैल रहे थे.
नया BA.3.2 (Cicada) वैरिएंट कोविड-19 से कितना अलग है?
सीधे शब्दों में कहें तो यह पूरी तरह नया वायरस नहीं है, बल्कि कोविड-19 (SARS-CoV-2) का ही एक नया बदला हुआ रूप है.
सबसे बड़ा अंतर क्या है?
BA.3.2 में 70–75 म्यूटेशन पाए गए हैं
ये बदलाव इसे इम्यूनिटी से बचने में मदद कर सकते हैं
दुनिया भर में कहां-कहां फैला है?
CDC (सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन) की रिपोर्ट के मुताबिक, यह नया वेरिएंट अब तक दुनिया के 22 देशों में पाया जा चुका है. अमेरिका के आधे से ज्यादा राज्य इसकी चपेट में हैं.
सबसे पहला केस- नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में.
यूरोप में असर- डेनमार्क, जर्मनी और नीदरलैंड जैसे देशों में लिए गए सैंपल्स में से 30% इसी वेरिएंट के मिले हैं.
भारत के लिए चिंता- हालांकि अभी भारत में इसके बड़े खतरे की बात सामने नहीं आई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए यह किसी भी देश में पहुंच सकता है.

क्या हैं इसके लक्षण?
डॉक्टरों के अनुसार, 'सिकाडा' वेरिएंट के लक्षण काफी हद तक पुराने कोरोना जैसे ही हैं, लेकिन इसमें गले में तेज खराश सबसे प्रमुख लक्षण बनकर उभरा है.
- गले में चुभन या तेज दर्द.
- नाक का बंद होना या लगातार पानी बहना.
- तेज और सूखी खांसी.
- हल्का या तेज बुखार और कंपकंपी लगना.
- शरीर में बहुत ज्यादा थकान और टूटन महसूस होना.
- स्वाद या गंध (Smell) का चला जाना.
- सांस लेने में थोड़ी दिक्कत या सिरदर्द.
क्या वैक्सीन इस पर काम करेगी?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि चूंकि BA.3.2 में बहुत ज्यादा म्यूटेशन हुए हैं, इसलिए शायद मौजूदा वैक्सीन इस पर उतनी कारगर साबित न हों.
क्या यह जानलेवा है?
अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि यह वेरिएंट पुराने डेल्टा या ओमिक्रॉन वेरिएंट से ज्यादा जानलेवा है. वायरोलॉजिस्ट एंड्रयू पेकोज का कहना है कि फिलहाल यह "तत्काल खतरा" नहीं दिख रहा है, लेकिन इसे हल्के में लेना गलती होगी क्योंकि यह लगातार खुद को बदल रहा है.
आप क्या सावधानी बरतें-
- भीड़ में मास्क पहनें
- हाथ साफ रखें
- लक्षण दिखें तो टेस्ट कराएं
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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